हैदराबाद: हिंदू छात्र पर 'कलमा' पढ़वाने के आरोप में सक्सेस स्कूल की टीचर बर्खास्त, विरोध-प्रदर्शन
सारांश
मुख्य बातें
हैदराबाद के सैदाबाद इलाके में स्थित सक्सेस स्कूल में 16 जुलाई को एक बड़ा विवाद सामने आया, जब कथित तौर पर दूसरी कक्षा के एक हिंदू छात्र पर 'कलमा' और 'फातिहा' पढ़ने का दबाव डाला गया और उसे होमवर्क के रूप में यही पढ़ने को कहा गया। घटना के उजागर होते ही अभिभावकों, स्थानीय निवासियों और हिंदू संगठनों में आक्रोश फैल गया, जिसके बाद स्कूल प्रशासन ने आरोपी शिक्षिका को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया।
शिक्षिका की सेवाएं समाप्त, भविष्य में नियुक्ति पर भी रोक
स्कूल प्रशासन ने एक लिखित आदेश जारी करते हुए कहा, 'सक्सेस द स्कूल, सईदबाद ब्रांच में मदर टीचर के तौर पर शेख आयशा परवीन की सेवाएं 16 जुलाई से समाप्त की जा रही हैं।' आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया कि शेख आयशा परवीन को भविष्य में सक्सेस ग्रुप के किसी भी शिक्षण संस्थान में नौकरी के लिए आवेदन करने से स्थायी रूप से अयोग्य घोषित किया जाता है। यह कदम विरोध-प्रदर्शन के दबाव में उठाया गया बताया जा रहा है।
अभिभावकों और स्थानीय लोगों का विरोध-प्रदर्शन
घटना की जानकारी मिलने पर छात्र के माता-पिता ने सबसे पहले स्कूल प्रशासन से संपर्क किया और कड़ा विरोध जताया। उन्होंने सवाल उठाया कि शैक्षणिक परिवेश में किसी बच्चे पर किसी अन्य धर्म की प्रार्थना पढ़वाने का दबाव कैसे डाला जा सकता है। इसके बाद स्थानीय निवासियों ने भी सक्सेस स्कूल परिसर के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया। अभिभावकों ने माँग की कि दोषी स्टाफ के विरुद्ध तत्काल और कठोर कार्रवाई हो, कक्षाओं में किसी भी धार्मिक गतिविधि पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए और इस घटना की स्वतंत्र जाँच कराई जाए।
विधायक टी. राजा सिंह की तीखी प्रतिक्रिया
निर्दलीय विधायक टी. राजा सिंह ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, 'यह बेहद शर्मनाक है कि स्कूल प्रशासन ने कथित तौर पर दूसरी कक्षा के एक छात्र पर 'कलमा' पढ़ने का दबाव डाला।' उन्होंने यह भी कहा कि तेलंगाना में इस प्रकार की यह पहली घटना नहीं है और पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। राजा सिंह ने आरोप लगाया कि जब बच्चे के माता-पिता स्कूल पहुँचे और प्रश्न किया, तो स्कूल अधिकारियों के पास कोई संतोषजनक जवाब नहीं था।
राजा सिंह ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर भी निशाना साधा और पूछा कि उनके संसदीय क्षेत्र में हुई इस घटना पर वे चुप क्यों हैं। गौरतलब है कि सैदाबाद क्षेत्र ओवैसी के संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आता है। ये आरोप राजा सिंह के व्यक्तिगत बयान हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मामले की पृष्ठभूमि और व्यापक संदर्भ
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देशभर में स्कूलों में धार्मिक तटस्थता और बच्चों के अधिकारों को लेकर बहस तेज़ है। भारत के संविधान का अनुच्छेद 28 राज्य-वित्तपोषित शिक्षण संस्थानों में धार्मिक शिक्षा पर प्रतिबंध लगाता है। हालाँकि सक्सेस स्कूल एक निजी संस्थान है, फिर भी बच्चों पर किसी धर्म-विशेष की प्रार्थना पढ़वाने का दबाव डालना कानूनी और नैतिक दोनों दृष्टियों से विवादास्पद माना जा रहा है। अभी तक पुलिस में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है।
आगे क्या होगा
स्कूल प्रशासन ने शिक्षिका को बर्खास्त कर दिया है, लेकिन अभिभावक समूह स्वतंत्र जाँच और प्रशासनिक जवाबदेही की माँग पर अड़े हुए हैं। स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यह देखना बाकी है कि क्या इस मामले में पुलिस शिकायत दर्ज होती है और जाँच आगे बढ़ती है।