16 जुलाई 2026
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जगन्नाथ रथ यात्रा 2025: धर्मेंद्र प्रधान ने किए महाप्रभु के दर्शन, 19 IPS अधिकारियों समेत 220 प्लाटून तैनात

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जगन्नाथ रथ यात्रा 2025: धर्मेंद्र प्रधान ने किए महाप्रभु के दर्शन, 19 IPS अधिकारियों समेत 220 प्लाटून तैनात

सारांश

पुरी में जगन्नाथ रथ यात्रा के अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने महाप्रभु के दर्शन किए और 'पहांडी' रस्म को अपूर्व बताया। सुरक्षा के लिए 19 IPS अधिकारियों समेत 220 प्लाटून तैनात; नौसेना-तटरक्षक बल की भी मदद ली गई। पटना और कोलकाता में भी लाखों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

मुख्य बातें

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 16 जुलाई 2025 को पुरी में महाप्रभु जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान भगवान के दर्शन किए।
सुरक्षा के लिए 19 आईपीएस अधिकारियों सहित 220 प्लाटून पुलिस बल तैनात किया गया।
तटीय सुरक्षा हेतु नौसेना और तटरक्षक बल के साथ समन्वय; रेलवे सुरक्षा की भी विशेष योजना।
मुख्य पुजारी जगन्नाथ स्वाइन दास महापात्र ने श्री गुंडिचा यात्रा को 'दुनिया का सबसे शुभ दिन' बताया।
इस्कॉन कोलकाता ने अपनी 55वीं रथ यात्रा मनाई; पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के शामिल होने की संभावना।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 16 जुलाई को पुरी में महाप्रभु जगन्नाथ रथ यात्रा के पावन अवसर पर भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए। उन्होंने इस अवसर को अत्यंत सौभाग्यशाली बताते हुए कहा कि ऐसे दिव्य क्षण उन्हीं को नसीब होते हैं जिन पर महाप्रभु की विशेष कृपा हो। इस महापर्व की सुरक्षा के लिए ओडिशा पुलिस ने 19 आईपीएस अधिकारियों और 220 प्लाटून पुलिस बल की तैनाती की है।

मंत्री प्रधान के उद्गार

मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, 'हम सभी सौभाग्यशाली हैं कि आज हमें महाप्रभु भगवान जगन्नाथ की पवित्र रथ यात्रा देखने को मिल रही है।' उन्होंने 'पहांडी' रस्म का विशेष उल्लेख किया, जिसमें महाप्रभु को उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ पारंपरिक विधि-विधान से उनके-उनके रथों तक लाया जाता है। प्रधान ने कहा कि महाप्रभु के दर्शन का यह सौभाग्य उन्हें अभिभूत कर देता है।

मुख्य पुजारी ने बताया महत्व

जगन्नाथ मंदिर के मुख्य पुजारी जगन्नाथ स्वाइन दास महापात्र ने कहा, 'आज पवित्र श्री गुंडिचा यात्रा है, जो दुनिया का सबसे शुभ दिन है। इस दिन भगवान जगन्नाथ भक्तों को दर्शन देने के लिए मंदिर से बाहर पधारते हैं।' उन्होंने जोर देकर कहा कि भगवान का इस प्रकार बाहर आना अपने भक्तों के प्रति उनकी असीम करुणा का प्रतीक है।

सुरक्षा का बहुस्तरीय प्रबंध

आईजी सत्यजीत नाइक ने बताया कि लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने 19 आईपीएस अधिकारियों सहित 220 प्लाटून पुलिस बल का व्यापक और बहुस्तरीय सुरक्षा प्लान तैयार किया है। तटीय सुरक्षा के लिए नौसेना और तटरक्षक बल के साथ समन्वय स्थापित किया गया है, जो समुद्र में गश्त करेंगे। रेलवे सुरक्षा के लिए भी विशेष योजना बनाई गई है ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही सुरक्षित रहे।

पटना और कोलकाता में भी उत्सव

बिहार की राजधानी पटना में इस्कॉन प्रचारक हरिलाल दास ने बताया कि इस्कॉन मंदिर से निकलने वाली रथ यात्रा में लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के भी शामिल होने की संभावना है। वहीं, कोलकाता में इस्कॉन के पुजारी चैतन्य दास प्रभु ने इस्कॉन कोलकाता की 55वीं रथ यात्रा में श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि जिस प्रकार पुरी के राजा परंपरागत रूप से यह यात्रा आयोजित करते आए हैं, उसी पवित्र परंपरा को आज भी जीवित रखा जा रहा है। यह महापर्व भारत की सांस्कृतिक एकता का जीवंत प्रमाण है और आने वाले वर्षों में इसकी भव्यता और बढ़ती जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो धार्मिक आस्था और सार्वजनिक प्रशासन के बीच की महीन रेखा को उजागर करती है। 19 IPS अधिकारियों और 220 प्लाटून की तैनाती यह दर्शाती है कि लाखों की भीड़ वाले इस आयोजन में सुरक्षा प्रबंधन अब एक जटिल बहु-एजेंसी अभ्यास बन चुका है। हालाँकि, ऐसे आयोजनों में भगदड़ और भीड़-प्रबंधन की घटनाएँ अतीत में दर्ज हैं — इसलिए सुरक्षा संसाधनों की घोषणा के साथ-साथ उनके प्रभावी क्रियान्वयन की जवाबदेही भी उतनी ही ज़रूरी है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जगन्नाथ रथ यात्रा 2025 कब और कहाँ आयोजित हुई?
जगन्नाथ रथ यात्रा 2025 का आयोजन 16 जुलाई को ओडिशा के पुरी में हुआ। इसे श्री गुंडिचा यात्रा भी कहते हैं, जिसमें भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को उनके रथों पर सवार होकर नगर भ्रमण कराया जाता है।
पुरी रथ यात्रा में सुरक्षा के क्या इंतज़ाम किए गए?
आईजी सत्यजीत नाइक के अनुसार, 19 आईपीएस अधिकारियों सहित 220 प्लाटून पुलिस बल तैनात किया गया। तटीय सुरक्षा के लिए नौसेना और तटरक्षक बल के साथ समन्वय किया गया और रेलवे सुरक्षा की भी अलग योजना बनाई गई।
'पहांडी' रस्म क्या होती है?
पहांडी एक पारंपरिक धार्मिक रस्म है जिसमें भगवान जगन्नाथ को उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ विधि-विधान से मंदिर से निकालकर उनके-उनके रथों तक लाया जाता है। यह रथ यात्रा का सबसे पवित्र क्षण माना जाता है।
इस्कॉन कोलकाता की रथ यात्रा इस वर्ष कितनी बार हुई?
इस्कॉन कोलकाता ने 2025 में अपनी 55वीं रथ यात्रा का आयोजन किया। पुजारी चैतन्य दास प्रभु ने इसे पुरी की परंपरा की निरंतरता बताया और सभी श्रद्धालुओं का स्वागत किया।
पटना में जगन्नाथ रथ यात्रा में कौन शामिल हो सकते हैं?
पटना में इस्कॉन मंदिर से निकलने वाली रथ यात्रा में लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। इस्कॉन प्रचारक हरिलाल दास के अनुसार, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के भी इस आयोजन में शामिल होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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