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सोनम मस्कर: शौक से शुरू हुई शूटिंग, पिता ने प्रॉपर्टी बेचकर पूरा किया सपना — अब एशियाई खेलों में भारत की उम्मीद

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सोनम मस्कर: शौक से शुरू हुई शूटिंग, पिता ने प्रॉपर्टी बेचकर पूरा किया सपना — अब एशियाई खेलों में भारत की उम्मीद

सारांश

शतरंज खेलने वाली एक लड़की ने शौकिया शूटिंग आजमाई — और उसने जीवन की दिशा बदल दी। कोल्हापुर की सोनम मस्कर की कहानी सिर्फ पदकों की नहीं, उस पिता के त्याग की भी है जिसने बेटी के सपने के लिए अपनी संपत्ति बेच दी। अब वह आइची-नागोया में भारत का परचम लहराने को तैयार हैं।

मुख्य बातें

सोनम उत्तम मस्कर ( 23 वर्ष , कोल्हापुर ) 20वें एशियाई खेलों में 10 मीटर एयर राइफल में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
शूटिंग इवेंट्स 17 सितंबर से 3 अक्टूबर तक आइची प्रीफेक्चुरल जनरल शूटिंग गैलरी, जापान में आयोजित होंगे।
पिता ने लॉकडाउन के दौरान आर्थिक संकट के बावजूद एक संपत्ति बेचकर पेशेवर उपकरण खरीदे।
सोनम ने 2024 आईएसएसएफ वर्ल्ड कप फाइनल, नई दिल्ली में रजत पदक जीता।
2021 से कोल्हापुर रेंज में केंद्रित प्रशिक्षण; अब विदेशी कोच फार्निक थॉमस के साथ एशियाई खेलों की तैयारी।

कोल्हापुर की 23 वर्षीय निशानेबाज सोनम उत्तम मस्कर ने 10 मीटर एयर राइफल को महज एक शौक के रूप में अपनाया था, लेकिन आज वह जापान के आइची-नागोया में होने वाले 20वें एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करने को तैयार हैं। इस सफर में उनके पिता ने परिवार की एक संपत्ति बेचकर बेटी के लिए पेशेवर उपकरण जुटाए — एक बलिदान जो आज सोनम की हर सफलता की नींव बना।

शौक से करियर तक का सफर

2018 में मुंबई के तोलानी कॉलेज ऑफ कॉमर्स में पढ़ाई के दौरान सोनम का शूटिंग से पहला परिचय हुआ। उन्होंने कहा, 'मुझे हमेशा खेलों में दिलचस्पी रही है और मैं शतरंज भी खेलती थी। मैंने सोचा कि मुझे कुछ अलग आजमाना चाहिए, इसलिए मैंने शुरू में शूटिंग चुनी। मैंने शूटिंग को एक शौक के तौर पर शुरू किया था, लेकिन जल्द ही यह कुछ ऐसा बन गया जिसके इर्द-गिर्द मैं अपना करियर बनाना चाहती थी।' पेशेवर निशानेबाज बनना उनकी शुरुआती योजनाओं में कहीं नहीं था।

आर्थिक संकट और पिता का त्याग

कोविड-19 महामारी और उसके बाद के लॉकडाउन ने परिवार की आर्थिक स्थिति को कमज़ोर कर दिया। प्रोफेशनल शूटिंग उपकरण महँगे थे और परिवार के लिए उन्हें जुटाना आसान नहीं था। सोनम ने उस कठिन दौर को याद करते हुए कहा, 'एक समय ऐसा था जब हम आर्थिक मुश्किलों का सामना कर रहे थे, खासकर लॉकडाउन के दौरान। जब यह साफ हो गया कि शूटिंग में आगे बढ़ने के लिए मुझे अपने खुद के सामान की जरूरत है, तो मेरे पिता ने एक प्रॉपर्टी बेच दी ताकि हम उसे खरीद सकें। यह हमारे परिवार के लिए एक बड़ा फैसला था, लेकिन उन्होंने हमेशा मेरा साथ दिया है।' महामारी के बाद 2021 में सोनम ने कोल्हापुर रेंज में केंद्रित प्रशिक्षण शुरू किया।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमक

सोनम ने कम समय में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में नई दिल्ली में आयोजित 2024 आईएसएसएफ वर्ल्ड कप फाइनल में जीता गया रजत पदक शामिल है। घरेलू दर्शकों के सामने अपने देश में पदक जीतना उनके लिए अत्यंत भावनात्मक और यादगार क्षण रहा। इसके अलावा 2024 काहिरा वर्ल्ड कप में भी उनकी उल्लेखनीय उपलब्धि ने उन्हें रेलवे का प्रतिनिधित्व करने का अवसर दिलाया।

एशियाई खेलों की तैयारी

शूटिंग इवेंट्स 17 सितंबर से 3 अक्टूबर तक आइची प्रीफेक्चुरल जनरल शूटिंग गैलरी में आयोजित होंगे। सोनम इस समय विदेशी कोच फार्निक थॉमस और भारतीय टीम कोचों के साथ मिलकर तैयारी में जुटी हैं। उन्होंने कहा, 'एशियन गेम्स की तैयारी अच्छी चल रही है। हमारा पूरा ध्यान प्रतियोगिता के लिए बेहतरीन तैयारी करने पर है।'

समर्थकों का आभार

सोनम ने अपने सफर में साथ देने वाले सभी लोगों के प्रति कृतज्ञता जताई। उन्होंने कहा, 'मैं उन सभी लोगों की बहुत आभारी हूँ जिन्होंने इस सफर में मेरा साथ दिया। मेरा परिवार हमेशा मेरे साथ खड़ा रहा है, और मैं अपने स्पॉन्सर्स ओजीक्यू, एनआरएआई, साई एनसीओई, रेलवे और अपने पूरे सपोर्ट स्टाफ का भी शुक्रिया अदा करती हूँ।' कोल्हापुर की इस बेटी की कहानी उन तमाम युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो क्या उनकी पहुँच वास्तव में ज़मीनी स्तर तक है? काहिरा और दिल्ली में पदक जीतने के बाद रेलवे का समर्थन मिला — यानी सफलता के बाद सहारा, न कि पहले। एशियाई खेलों में सोनम का प्रदर्शन न केवल उनके परिवार के बलिदान की कसौटी होगा, बल्कि यह भी बताएगा कि भारतीय खेल व्यवस्था ने उन्हें समय पर अपनाया या देर से।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोनम मस्कर कौन हैं और वह किस खेल में भाग लेती हैं?
सोनम उत्तम मस्कर कोल्हापुर, महाराष्ट्र की 23 वर्षीय निशानेबाज हैं जो 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में प्रतिस्पर्धा करती हैं। वह 20वें एशियाई खेलों में भारतीय शूटिंग टीम का हिस्सा हैं।
सोनम मस्कर के पिता ने प्रॉपर्टी क्यों बेची?
कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान परिवार की आर्थिक स्थिति कमज़ोर हो गई थी और पेशेवर शूटिंग उपकरण बेहद महँगे थे। सोनम की प्रतिभा को देखते हुए उनके पिता ने आवश्यक उपकरण खरीदने के लिए एक संपत्ति बेच दी।
एशियाई खेलों में शूटिंग इवेंट्स कब और कहाँ होंगे?
शूटिंग इवेंट्स 17 सितंबर से 3 अक्टूबर तक जापान के आइची प्रीफेक्चुरल जनरल शूटिंग गैलरी में आयोजित होंगे। यह आइची-नागोया में होने वाले 20वें एशियाई खेलों का हिस्सा हैं।
सोनम मस्कर की अब तक की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि क्या है?
सोनम ने 2024 में नई दिल्ली में आयोजित आईएसएसएफ वर्ल्ड कप फाइनल में रजत पदक जीता, जो उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि है। इसके अलावा 2024 काहिरा वर्ल्ड कप में भी उन्होंने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया।
सोनम मस्कर एशियाई खेलों की तैयारी कैसे कर रही हैं?
सोनम इस समय विदेशी कोच फार्निक थॉमस और भारतीय टीम कोचों के साथ मिलकर प्रशिक्षण ले रही हैं। उन्हें ओजीक्यू, एनआरएआई, साई एनसीओई और रेलवे का समर्थन प्राप्त है।
राष्ट्र प्रेस
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