भारत के रियल एस्टेट में 2026 की पहली छमाही में ₹71,400 करोड़ का रिकॉर्ड इक्विटी निवेश, सालाना 32% उछाल
सारांश
मुख्य बातें
भारत के रियल एस्टेट सेक्टर ने जनवरी-जून 2026 के दौरान 8.5 अरब डॉलर (लगभग ₹71,400 करोड़) का इक्विटी निवेश आकर्षित किया — जो किसी भी अर्धवार्षिक अवधि में अब तक का सर्वाधिक निवेश है। रियल एस्टेट कंसल्टिंग फर्म सीबीआरई साउथ एशिया की 16 जुलाई 2026 को जारी रिपोर्ट के अनुसार, यह आँकड़ा पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 32 प्रतिशत अधिक है। भूमि अधिग्रहण और निर्मित ऑफिस परिसंपत्तियों में मजबूत पूंजी प्रवाह इस उछाल के प्रमुख कारण रहे।
मुख्य घटनाक्रम
रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल-जून 2026 (दूसरी तिमाही) में रियल एस्टेट सेक्टर में 3.4 अरब डॉलर का निवेश आया, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही के लगभग बराबर रहा। इस अवधि में कुल निवेश का करीब 94 प्रतिशत हिस्सा भूमि एवं डेवलपमेंट साइट्स तथा निर्मित ऑफिस परिसंपत्तियों में लगाया गया। भूमि और साइट अधिग्रहण में हुए कुल निवेश का 88 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आवासीय और ऑफिस परियोजनाओं में केंद्रित रहा, जबकि शेष निवेश डेटा सेंटर, मिक्स्ड-यूज प्रोजेक्ट्स तथा इंडस्ट्रियल एवं लॉजिस्टिक्स परियोजनाओं में गया।
निवेशक वर्ग और शहरों का योगदान
निवेशकों की श्रेणी में डेवलपर्स सबसे आगे रहे, जिनकी हिस्सेदारी करीब 34 प्रतिशत रही। घरेलू संस्थागत निवेशकों की भागीदारी लगभग 32 प्रतिशत रही। गौरतलब है कि संस्थागत निवेशकों से आने वाली कुल पूंजी में पिछली तिमाही की तुलना में 51 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। दूसरी तिमाही में कुल निवेश का करीब 92 प्रतिशत हिस्सा घरेलू निवेशकों, विशेषकर डेवलपर्स, की ओर से आया। शहरों के लिहाज से बेंगलुरु, दिल्ली-एनसीआर और मुंबई ने मिलकर दूसरी तिमाही के कुल निवेश का लगभग 60 प्रतिशत आकर्षित किया।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
सीबीआरई के भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, मध्य पूर्व और अफ्रीका के चेयरमैन एवं सीईओ अंशुमान मैगजीन ने कहा कि चुनौतीपूर्ण वैश्विक माहौल के बावजूद घरेलू निवेशकों ने भारतीय रियल एस्टेट की दीर्घकालिक संभावनाओं पर मजबूत भरोसा दिखाया है। उन्होंने कहा कि साल की दूसरी छमाही में भी यह रफ्तार बनी रहेगी और वैश्विक परिस्थितियों में सुधार के साथ विदेशी निवेशक भी दोबारा सक्रिय होंगे। उनके अनुसार, यह प्रदर्शन भारत के रियल एस्टेट कैपिटल मार्केट की मजबूती और गहराई को दर्शाता है।
सीबीआरई इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और को-हेड (कैपिटल मार्केट्स) गौरव कुमार ने कहा कि कोर एसेट्स में संस्थागत निवेश और भूमि सौदों में तेज गतिविधि इस क्षेत्र की मजबूती को रेखांकित करती है। उनके अनुसार, वैश्विक और घरेलू दोनों तरह के निवेशक विभिन्न एसेट क्लास में अपने रियल एस्टेट पोर्टफोलियो का तेजी से विस्तार कर रहे हैं।
आगे की राह
रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि पूरे 2026 के दौरान भारत के रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश का यह सकारात्मक रुझान जारी रहेगा। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, फिर भी भारत का घरेलू निवेशक आधार इस क्षेत्र को स्थिरता दे रहा है। तैयार परियोजनाओं की खरीद और नए प्रोजेक्ट्स के विकास, दोनों में पूंजी का प्रवाह लगातार बना रहने से यह क्षेत्र वर्ष की दूसरी छमाही में भी मजबूत प्रदर्शन की ओर अग्रसर है।