3 जुलाई 2026
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भारत के रियल एस्टेट में संस्थागत निवेश 50% उछला, 2026 की पहली छमाही में $4.5 अरब का रिकॉर्ड

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भारत के रियल एस्टेट में संस्थागत निवेश 50% उछला, 2026 की पहली छमाही में $4.5 अरब का रिकॉर्ड

सारांश

पश्चिम एशिया के तनाव के बावजूद भारत के रियल एस्टेट ने 2026 की पहली छमाही में $4.5 अरब का संस्थागत निवेश आकर्षित किया — छह साल का रिकॉर्ड। घरेलू निवेशकों की 57% हिस्सेदारी और हॉस्पिटैलिटी में तीन गुना उछाल इस बाज़ार की बदलती परिपक्वता की कहानी कह रहे हैं।

मुख्य बातें

भारत के रियल एस्टेट में संस्थागत निवेश 2026 की पहली छमाही में 50% बढ़कर $4.5 अरब हुआ — छह वर्षों का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन।
अप्रैल-जून तिमाही में निवेश 70% उछलकर $2.9 अरब पर पहुँचा।
घरेलू निवेशकों ने $2.6 अरब (57%) के साथ बाज़ार में अग्रणी स्थान बनाए रखा; विदेशी निवेश 24% बढ़कर $1.9 अरब हुआ।
हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में $0.3 अरब का निवेश — एक साल में तीन गुना से अधिक वृद्धि।
आवासीय क्षेत्र में निवेश 43% घटकर $0.5 अरब रहा; बढ़ती लागत और बिक्री सुस्ती से निवेशक सतर्क।
चेन्नई और बेंगलुरु ने मिलकर कुल निवेश का 27% ($1.2 अरब) आकर्षित किया।

भारत के रियल एस्टेट सेक्टर में संस्थागत निवेश 2026 की पहली छमाही (जनवरी-जून) में सालाना आधार पर 50 प्रतिशत की छलांग लगाकर 4.5 अरब डॉलर पर पहुँच गया — जो पिछले छह वर्षों में किसी भी पहली छमाही का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। रियल एस्टेट कंसल्टेंसी कोलियर्स की 3 जुलाई 2026 को जारी रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव वैश्विक निवेश माहौल को प्रभावित कर रहा था।

मुख्य आँकड़े और प्रदर्शन

अप्रैल-जून तिमाही में संस्थागत निवेश सालाना आधार पर 70 प्रतिशत बढ़कर 2.9 अरब डॉलर हो गया, जो पूरी छमाही की रफ्तार को और पुख्ता करता है। घरेलू निवेशकों ने 2.6 अरब डॉलर के साथ बाज़ार में अग्रणी भूमिका निभाई, जो कुल निवेश का 57 प्रतिशत है। वहीं, विदेशी निवेश सालाना आधार पर 24 प्रतिशत बढ़कर 1.9 अरब डॉलर दर्ज किया गया।

घरेलू बनाम विदेशी निवेशक: बदलता समीकरण

कोलियर्स इंडिया के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर बादल याग्निक ने कहा, 'पिछले कुछ तिमाहियों में संस्थागत निवेश में घरेलू निवेशकों का योगदान लगातार 60 प्रतिशत तक रहा है, जबकि विदेशी निवेशक अब अधिक सोच-समझकर निवेश कर रहे हैं और पारंपरिक रियल एस्टेट एसेट्स से हटकर दूसरे क्षेत्रों पर भी ध्यान दे रहे हैं।' गौरतलब है कि घरेलू पूँजी की यह बढ़त भारत के रियल एस्टेट बाज़ार की बाहरी झटकों के प्रति बढ़ती प्रतिरोधक क्षमता को दर्शाती है।

एसेट श्रेणी के अनुसार निवेश का रुझान

ऑफिस एसेट्स निवेशकों की पहली पसंद बने रहे, जिनमें घरेलू निवेशकों ने चालू ऑफिस प्रॉपर्टीज में सबसे अधिक पूँजी लगाई। मिक्स्ड-यूज और वैकल्पिक एसेट्स में प्रत्येक में लगभग 0.8 अरब डॉलर का निवेश हुआ, जो कुल निवेश का लगभग पाँचवाँ हिस्सा है। हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में 0.3 अरब डॉलर का निवेश दर्ज हुआ, जो एक साल पहले की तुलना में तीन गुना से भी अधिक है — यह इस सेगमेंट की उल्लेखनीय वापसी है।

इसके विपरीत, आवासीय क्षेत्र में संस्थागत निवेश सालाना आधार पर 43 प्रतिशत घटकर 0.5 अरब डॉलर रह गया। बढ़ती निर्माण लागत और घरों की बिक्री में आई सुस्ती के बीच निवेशकों ने इस सेगमेंट में सतर्कता बरती।

शहरवार निवेश: चेन्नई और बेंगलुरु आगे

चेन्नई और बेंगलुरु ने मिलकर लगभग 1.2 अरब डॉलर का निवेश आकर्षित किया, जो 2026 की पहली छमाही के कुल संस्थागत निवेश का करीब 27 प्रतिशत है। मल्टी-सिटी ट्रांजैक्शन का हिस्सा कुल निवेश में 46 प्रतिशत रहा। इसके साथ ही टियर II और टियर III शहरों में हॉस्पिटैलिटी, इंडस्ट्रियल और रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स में भी उल्लेखनीय निवेश देखा गया, जो बाज़ार के भौगोलिक विस्तार का संकेत है।

आगे की संभावनाएँ

आँकड़ों के अनुसार, घरेलू पूँजी की मज़बूत भागीदारी और वैकल्पिक एसेट श्रेणियों में बढ़ते रुझान के साथ भारत का रियल एस्टेट बाज़ार परिपक्वता की ओर बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ब्याज दरों का माहौल अनुकूल रहा और वैश्विक अनिश्चितता कम हुई, तो 2026 की दूसरी छमाही में भी यह गति बनी रह सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह यह भी दर्शाता है कि विदेशी पूँजी अभी भी सतर्क है — और 'सोच-समझकर निवेश' का मतलब अक्सर 'प्रतीक्षा करो' होता है। आवासीय क्षेत्र में 43% की गिरावट एक चेतावनी है जिसे सुर्खियों की चमक में नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए — यह वह सेगमेंट है जो आम नागरिक के आवास सपने से सीधे जुड़ा है। हॉस्पिटैलिटी में तीन गुना उछाल प्रभावशाली है, पर इसका आधार छोटा था। असली परीक्षा यह है कि क्या यह निवेश रोज़गार और किफायती आवास में तब्दील होगा, या केवल प्रीमियम कमर्शियल स्पेस तक सीमित रहेगा।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 की पहली छमाही में भारत के रियल एस्टेट में कितना संस्थागत निवेश हुआ?
कोलियर्स की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की जनवरी-जून अवधि में भारत के रियल एस्टेट में संस्थागत निवेश सालाना आधार पर 50% बढ़कर $4.5 अरब हो गया। यह पिछले छह वर्षों में किसी भी पहली छमाही का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
भारत के रियल एस्टेट में घरेलू और विदेशी निवेश का क्या अनुपात रहा?
घरेलू निवेशकों ने $2.6 अरब (कुल का 57%) के साथ बाज़ार में अग्रणी भूमिका निभाई, जबकि विदेशी निवेश 24% बढ़कर $1.9 अरब रहा। कोलियर्स के अनुसार, विदेशी निवेशक पारंपरिक एसेट्स से हटकर नए क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं।
किस एसेट श्रेणी में सबसे अधिक निवेश हुआ?
ऑफिस एसेट्स 2026 की पहली छमाही में निवेशकों की पहली पसंद रहे, जिनमें घरेलू निवेशकों ने चालू ऑफिस प्रॉपर्टीज में सर्वाधिक पूँजी लगाई। हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में भी $0.3 अरब का निवेश हुआ, जो एक साल पहले की तुलना में तीन गुना से अधिक है।
आवासीय रियल एस्टेट में निवेश क्यों घटा?
आवासीय क्षेत्र में संस्थागत निवेश सालाना आधार पर 43% घटकर $0.5 अरब रह गया। बढ़ती निर्माण लागत और घरों की बिक्री में आई सुस्ती के कारण निवेशकों ने इस सेगमेंट में सतर्कता बरती।
किन शहरों ने 2026 की पहली छमाही में सबसे अधिक रियल एस्टेट निवेश आकर्षित किया?
चेन्नई और बेंगलुरु ने मिलकर लगभग $1.2 अरब का निवेश आकर्षित किया, जो कुल संस्थागत निवेश का करीब 27% है। इसके अलावा, मल्टी-सिटी ट्रांजैक्शन का हिस्सा 46% रहा और टियर II व टियर III शहरों में भी उल्लेखनीय निवेश देखा गया।
राष्ट्र प्रेस
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