भारत एशिया-प्रशांत में रियल एस्टेट निवेश का महत्वपूर्ण केंद्र बना: नई रिपोर्ट
सारांश
Key Takeaways
- भारत ने 2025 में रियल एस्टेट निवेश में 29 प्रतिशत की वृद्धि की।
- सिंगापुर में निवेश में 35 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
- ऑफिस प्रॉपर्टी में सबसे अधिक निवेश हुआ।
- 2026 में भी निवेश की स्थिति मजबूत रहने की उम्मीद है।
- विदेशी निवेशकों का हिस्सा 43 प्रतिशत है।
नई दिल्ली, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में रियल एस्टेट निवेश के लिए एक महत्वपूर्ण और आकर्षक बाजार के रूप में अपनी स्थिति को निरंतर मजबूत करता जा रहा है। कॉलियर्स द्वारा बुधवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025 में, भारत ने इस क्षेत्र के नौ प्रमुख बाजारों में रियल एस्टेट निवेश के मामले में सबसे तेज बढ़ोतरी की है।
कॉलियर्स की इस रिपोर्ट के अनुसार, एशिया-प्रशांत के इन नौ प्रमुख बाजारों में 2025 के दौरान कुल रियल एस्टेट निवेश 162 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 8 प्रतिशत अधिक है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि साल के दूसरे हिस्से में निवेश गतिविधियों में तेजी आई, क्योंकि खरीदार और विक्रेता मूल्य निर्धारण को लेकर एक-दूसरे के करीब आए।
रिपोर्ट में बताया गया है कि सिंगापुर और भारत में सालाना आधार पर सबसे ज्यादा वृद्धि देखी गई। सिंगापुर में निवेश 35 प्रतिशत और भारत में 29 प्रतिशत बढ़ा, जो बेहतर बाजार स्थितियों और निवेश के बढ़ते अवसरों का संकेत है।
कॉलियर्स इंडिया के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर बादल याग्निक ने कहा कि एशिया-प्रशांत के अधिकांश बाजारों में घरेलू पूंजी निवेश गतिविधियाँ प्रगति कर रही हैं, वहीं भारत में विदेशी निवेशकों की भागीदारी भी काफी मजबूत रही है, जिसमें 8.5 अरब डॉलर के निवेश में से लगभग 43 प्रतिशत हिस्सा विदेशी निवेशकों का है।
सेक्टर के अनुसार, ऑफिस प्रॉपर्टी में निवेश सबसे अधिक रहा। इसकी वजह उच्च गुणवत्ता वाले और अच्छी लोकेशन वाले ऑफिस स्पेस की निरंतर मांग और प्रमुख केंद्रीय व्यापार क्षेत्र (सीबीडी) में सीमित नई आपूर्ति है।
इसके अतिरिक्त, रिटेल सेक्टर में भी निवेश तेज हुआ है, जिसमें सालाना आधार पर 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बेहतर एसेट प्रदर्शन और उपभोक्ताओं के बढ़ते विश्वास ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। इसके अलावा, वैकल्पिक एसेट क्लास सबसे तेजी से बढ़ने वाला सेक्टर बनकर उभरा, जहां संस्थागत निवेशकों की मजबूत मांग देखी गई।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2026 में भी भारत के रियल एस्टेट सेक्टर में संस्थागत निवेश मजबूत बना रहने की संभावना है, जो कि देश की मजबूत आर्थिक वृद्धि की संभावनाओं और उच्च गुणवत्ता वाली संपत्तियों की निरंतर मांग से जुड़ा है।
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियाँ और चल रही अंतरराष्ट्रीय व्यापार वार्ताओं का असर भी निवेश पर निगरानी रखने वाला महत्वपूर्ण कारक रहेगा।
कॉलियर्स इंडिया के रिसर्च के नेशनल डायरेक्टर विमल नाडार ने कहा कि एशिया-प्रशांत के अधिकांश बाजारों, विशेषकर भारत में, संस्थागत निवेशकों की पहली पसंद ऑफिस सेक्टर ही बना हुआ है।
उन्होंने बताया कि 2025 में नौ प्रमुख एशिया-प्रशांत बाजारों में से पांच में रियल एस्टेट निवेश का सबसे बड़ा हिस्सा ऑफिस सेक्टर का था। भारत में ही 2025 के दौरान ऑफिस प्रॉपर्टी में लगभग 4.5 अरब डॉलर का निवेश हुआ, जो कुल संस्थागत निवेश का आधे से अधिक हिस्सा है।