सांसद थानेदार बोले — 'मोदी बेहद करिश्माई नेता', अमेरिकी कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को भारत लाने की तैयारी
सारांश
मुख्य बातें
मिशिगन से डेमोक्रेटिक सांसद श्री थानेदार ने 16 जुलाई 2026 को दिए एक विशेष साक्षात्कार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'बेहद करिश्माई नेता' बताया और कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने जो प्रगति की है, उसे अमेरिका में व्यापक पहचान और सम्मान मिलना चाहिए। भारतीय मूल के इस अमेरिकी सांसद ने यह भी घोषणा की कि वे रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक सांसदों का एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल जल्द ही भारत लेकर आने की योजना बना रहे हैं।
मोदी-ट्रंप संबंधों पर थानेदार का बयान
थानेदार ने कहा, 'राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच बहुत अच्छे संबंध हैं। मोदी बेहद करिश्माई नेता हैं और उनके सभी के साथ अच्छे रिश्ते हैं।' उन्होंने न्यूयॉर्क, ह्यूस्टन और वाशिंगटन डीसी में प्रधानमंत्री मोदी को मिले भव्य स्वागत का भी उल्लेख किया।
बाइडेन के कार्यकाल में राजकीय भोज की याद
थानेदार ने बताया कि जब जो बाइडेन अमेरिका के राष्ट्रपति थे, तब प्रधानमंत्री मोदी की वाशिंगटन राजकीय यात्रा के दौरान उन्हें स्टेट डिनर से सम्मानित किया गया था। उन्होंने कहा, 'उस दिन मैं पीएम मोदी के साथ था और हमारी काफी लंबी बातचीत हुई थी।' थानेदार के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे अमेरिकी सांसदों को भारत की विविधता और विकास के बारे में बेहतर ढंग से समझाने का आग्रह किया था।
भारत की विविधता और आर्थिक प्रगति का संदेश
थानेदार ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे कहा था, 'कांग्रेस के सदस्यों को बताइए कि भारत कैसा है।' मोदी के हवाले से थानेदार ने कहा, 'भारत में अलग-अलग तरह के लोग रहते हैं, वे अलग-अलग भाषाएँ बोलते हैं, अलग-अलग तरह का भोजन करते हैं, लेकिन सभी साथ मिलकर रहते हैं और भारत लगातार आगे बढ़ रहा है।' यह कथन भारत की 'एकता में अनेकता' की छवि को वैश्विक मंच पर रेखांकित करता है।
अमेरिकी सांसदों का भारत दौरा — योजना और उद्देश्य
थानेदार ने खुलासा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया और कहा, 'कांग्रेस के सदस्यों को साथ लेकर आइए, ताकि वे खुद भारत को देख सकें।' थानेदार पहले भी एक अमेरिकी सांसद प्रतिनिधिमंडल को भारत ला चुके हैं। इस बार के प्रस्तावित दौरे का उद्देश्य अमेरिकी जनप्रतिनिधियों को यह दिखाना है कि पिछले 10 वर्षों में गरीब तबके का जीवन कैसे बेहतर हुआ है और भारत किस तरह दुनिया की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।
भारत-अमेरिका संबंध और चीन की चुनौती
थानेदार ने भारत-अमेरिका संबंधों को रणनीतिक नज़रिए से भी देखा। उन्होंने कहा कि दोनों लोकतांत्रिक देशों को चीन की चुनौतियों का मिलकर सामना करना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि कुछ ही वर्षों में भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा और इस उपलब्धि का जश्न मनाया जाना चाहिए। अंत में उन्होंने कहा, 'पीएम मोदी के साथ मेरे बहुत अच्छे संबंध हैं और मैं दोनों देशों के बीच मज़बूत रिश्तों के लिए लगातार काम करता रहूंगा।'