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भारत-अमेरिका साझेदारी को मजबूत करें, कमजोर नहीं: सीनेटर मार्क वार्नर की अपील

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भारत-अमेरिका साझेदारी को मजबूत करें, कमजोर नहीं: सीनेटर मार्क वार्नर की अपील

सारांश

अमेरिकी सीनेटर मार्क वार्नर ने साफ कहा — भारत के साथ साझेदारी को मजबूत करो, कमजोर नहीं। फ्रांस में मोदी-ट्रंप मुलाकात के बाद यह बयान अहम है, क्योंकि टैरिफ विवाद ने 25 साल की कूटनीतिक मेहनत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मुख्य बातें

अमेरिकी सीनेटर मार्क वार्नर ने 19 जून 2026 को भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की अपील की।
वार्नर ने ट्रंप प्रशासन की टैरिफ नीति को एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार को 'गलत संदेश' बताया।
सीनेटर ने कहा — पिछले 25 वर्षों की अमेरिकी कूटनीति का लक्ष्य भारत को रूस पर निर्भरता से दूर करना रहा है।
क्वाड और हिंद-प्रशांत सहयोग को भारत-अमेरिका संबंधों की धुरी बताया।
वार्नर ने फ्रांस में हुई मोदी-ट्रंप मुलाकात से संबंध बेहतर होने की उम्मीद जताई।

अमेरिकी सीनेटर मार्क वार्नर ने 19 जून 2026 को कहा कि वाशिंगटन को भारत के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करना चाहिए, न कि दंडात्मक टैरिफ जैसे कदमों से उसे कमज़ोर। यह बयान तब आया जब फ्रांस में अंतरराष्ट्रीय बैठकों के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच व्यापार, रक्षा सहयोग और व्यापक भू-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई।

वार्नर का बयान: मुलाकात से उम्मीद

वर्जीनिया से डेमोक्रेट सीनेटर वार्नर ने मोदी-ट्रंप मुलाकात पर टिप्पणी करते हुए कहा, "मुझे मुलाकात की विस्तृत जानकारी नहीं मिली है। मुझे उम्मीद है कि इससे संबंध बेहतर होंगे।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका इरादा इस बातचीत का पूरा ब्योरा लेने का है।

सीनेट में इंडिया कॉकस के सह-अध्यक्ष के रूप में वार्नर ने कहा, "मुझे सीनेट में इंडिया कॉकस का सह-अध्यक्ष होने पर गर्व है। मुझे लगता है कि भारत और अमेरिका के बीच संबंध बहुत जरूरी हैं।"

25 वर्षों की कूटनीतिक कोशिश दांव पर

वार्नर ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका ने पिछले 25 वर्षों से भारत को रूस पर निर्भरता से दूर ले जाने और एक साथी लोकतंत्र के रूप में अपने साथ जोड़ने की कोशिश की है। उन्होंने कहा, "पिछले 25 वर्षों से हमने भारत को रूस पर निर्भरता से दूर ले जाने और एक साथी लोकतंत्र के तौर पर हमारे साथ गठबंधन करने की कोशिश की है।"

उन्होंने क्वाड जैसी बहुपक्षीय पहलों का भी उल्लेख किया, जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया को एक साथ लाती है और लोकतांत्रिक देशों के बीच सहयोग को मजबूत करती है।

टैरिफ नीति पर चिंता

सीनेटर वार्नर ने ट्रंप प्रशासन द्वारा भारतीय सामानों पर टैरिफ तेजी से बढ़ाने के फैसले पर अपनी हैरानी जताई। उन्होंने कहा, "यह मेरे लिए बहुत हैरान करने वाला था कि कुछ समय के लिए राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी मर्जी से भारत पर टैरिफ बढ़ाकर दुनिया में सबसे ज्यादा कर दिया था।"

डेमोक्रेटिक सीनेटर का मानना है कि जब वाशिंगटन चीन के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करने और रूस पर भारत की पुरानी निर्भरता को कम करने की कोशिश कर रहा है, ऐसे में दंडात्मक टैरिफ जैसे कदम एशिया में अमेरिका के बड़े रणनीतिक उद्देश्यों को कमजोर कर सकते हैं।

रणनीतिक महत्व और आगे की राह

वार्नर ने भारत-अमेरिका संबंधों को 21वीं सदी के शीर्ष दो या तीन भू-राजनीतिक संबंधों में से एक बताया। उन्होंने कहा, "हमें इस संबंध को मजबूत करने की जरूरत है, कमजोर करने की नहीं।"

गौरतलब है कि पिछले दो दशकों में भारत-अमेरिका संबंध हिंद-प्रशांत में वाशिंगटन की सबसे महत्वपूर्ण साझेदारियों में से एक बन गए हैं। दोनों देशों ने रक्षा समझौतों, सैन्य अभ्यासों के साथ-साथ सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आवश्यक खनिजों के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाया है। फ्रांस में हुई मोदी-ट्रंप मुलाकात के बाद अब दोनों सरकारों पर द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने का दबाव है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह महज़ कूटनीतिक शिष्टाचार तक सीमित रही। जब तक टैरिफ नीति में ठोस बदलाव नहीं आता, वार्नर जैसे सीनेटरों की अपीलें केवल शुभकामनाएं बनकर रह जाएंगी।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीनेटर मार्क वार्नर ने भारत-अमेरिका संबंधों पर क्या कहा?
सीनेटर मार्क वार्नर ने कहा कि भारत-अमेरिका संबंध 21वीं सदी के शीर्ष दो या तीन भू-राजनीतिक संबंधों में से एक हैं और अमेरिका को इस साझेदारी को मजबूत करना चाहिए, कमजोर नहीं। उन्होंने दंडात्मक टैरिफ को एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार को गलत संदेश देने वाला कदम बताया।
फ्रांस में मोदी और ट्रंप की मुलाकात में क्या हुआ?
फ्रांस में अंतरराष्ट्रीय बैठकों के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्यापार, रक्षा सहयोग और बड़े रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा की। सीनेटर वार्नर ने कहा कि उन्हें मुलाकात की विस्तृत जानकारी नहीं मिली, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि इससे द्विपक्षीय संबंध बेहतर होंगे।
ट्रंप की टैरिफ नीति से भारत-अमेरिका संबंधों पर क्या असर पड़ा?
वार्नर के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने एक समय भारत पर दुनिया में सबसे अधिक टैरिफ लगा दिया था, जिससे भारत को यह सोचने पर मजबूर होना पड़ा कि शायद अमेरिका के साथ साझेदारी सबसे अच्छा विकल्प नहीं है। इससे 25 वर्षों की कूटनीतिक कोशिशों पर प्रतिकूल असर पड़ने का खतरा है।
क्वाड में भारत की क्या भूमिका है?
क्वाड एक बहुपक्षीय पहल है जो भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में लोकतांत्रिक सहयोग के लिए एक साथ लाती है। सीनेटर वार्नर ने इसे भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी के एक अहम स्तंभ के रूप में रेखांकित किया।
सीनेट इंडिया कॉकस क्या है और वार्नर की उसमें क्या भूमिका है?
सीनेट इंडिया कॉकस अमेरिकी सीनेट का एक द्विदलीय समूह है जो भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने के लिए काम करता है। सीनेटर मार्क वार्नर इस कॉकस के सह-अध्यक्ष हैं और उन्होंने इस पद पर होने पर गर्व जताया है।
राष्ट्र प्रेस
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