मोदी-ट्रंप की दोस्ती भारत-अमेरिका संबंधों की नींव: अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर
सारांश
मुख्य बातें
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने 27 जून को व्हाइट हाउस में दिए एक विशेष साक्षात्कार में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच का व्यक्तिगत संबंध भारत-अमेरिका द्विपक्षीय रिश्तों की सबसे बड़ी ताकत है। गोर ने दोनों नेताओं को परिणाम-केंद्रित और त्वरित निर्णय लेने वाला बताते हुए कहा कि उनकी कार्यशैली और सोच में गहरी समानता है।
संबंधों की मौजूदा स्थिति
भारत-अमेरिका संबंधों में किसी तनाव की अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए गोर ने कहा, 'मेरा मानना है कि हमारे संबंध बहुत अच्छी स्थिति में हैं। इस रिश्ते की सबसे बड़ी मजबूती राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच का व्यक्तिगत संबंध है, जो हमेशा मजबूत रहा है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि दोनों नेताओं के बीच नियमित संवाद ने द्विपक्षीय रिश्तों को सकारात्मक दिशा में बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है।
फ्रांस में हुई ऐतिहासिक मुलाकात
हाल ही में फ्रांस में हुई राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी की बैठक का उल्लेख करते हुए गोर ने बताया कि वह स्वयं उस बैठक में उपस्थित थे। उन्होंने कहा, 'यह एक शानदार और बेहद सौहार्दपूर्ण बैठक थी, जो एक घंटे से अधिक समय तक चली। दोनों नेताओं ने व्यापार, रक्षा और कई अन्य द्विपक्षीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।'
मोदी और ट्रंप की कार्यशैली में समानता
प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व शैली की सराहना करते हुए गोर ने कहा, 'वह बेहद ऊर्जावान, सक्रिय और परिणाम देने वाले नेता हैं। कई मायनों में मुझे उनमें और राष्ट्रपति ट्रंप में काफी समानताएं दिखाई देती हैं — दोनों खुद काम में सक्रिय रहते हैं, तेजी से फैसले लेते हैं और परिणाम हासिल करने पर जोर देते हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी किसी काम को पूरा करना चाहते हैं तो तुरंत उस पर आगे बढ़ते हैं — राष्ट्रपति ट्रंप भी बिल्कुल इसी तरह काम करते हैं।'
ट्रंप की भारत यात्रा की संभावना
गोर ने संकेत दिया कि राष्ट्रपति ट्रंप प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर भारत आने के इच्छुक हैं। उन्होंने बताया, 'मैं अभी राष्ट्रपति ट्रंप से ओवल ऑफिस में मुलाकात करके आया हूं। उन्होंने मुझसे पूछा, "तो मैं भारत कब आ रहा हूं?" वह भारत आने को लेकर बेहद उत्साहित हैं।' गोर ने यह भी कहा कि ट्रंप अपनी पहली भारत यात्रा की जीवंत स्मृतियों को आज भी संजोए हुए हैं और यहां के लोगों तथा ऊर्जा से गहरे प्रभावित हैं।
व्यापक द्विपक्षीय साझेदारी
यह ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी, हिंद-प्रशांत क्षेत्र और उभरती तकनीकों सहित कई मोर्चों पर अपनी रणनीतिक साझेदारी को लगातार मजबूत कर रहे हैं। गोर ने कहा कि उनका लक्ष्य यही है कि दोनों पक्ष निरंतर संवाद बनाए रखें और ऐसे अवसर तलाशें जो दोनों देशों के लिए समान रूप से लाभकारी हों।