नौसेना प्रमुख एडमिरल स्वामीनाथन ने मॉरीशस के वरिष्ठ अधिकारियों से की मुलाकात, समुद्री सुरक्षा साझेदारी पर बनी सहमति
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को पोर्ट लुइस में मॉरीशस सरकार के शीर्ष अधिकारियों के साथ कई दौर की बातचीत की, जिसमें दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय समुद्री सुरक्षा सहयोग को और सुदृढ़ करने के ठोस उपायों पर सहमति बनी। यह बैठक एडमिरल स्वामीनाथन के मॉरीशस के चार दिवसीय आधिकारिक दौरे के दूसरे दिन हुई, जो नौसेना प्रमुख का पद संभालने के बाद उनकी इस द्वीपीय राष्ट्र की पहली यात्रा है।
किन अधिकारियों से हुई बातचीत
बातचीत में मॉरीशस पुलिस फोर्स के पुलिस आयुक्त रामप्रसाद सोरूजबाली और मॉरीशस सरकार के गृह एवं रक्षा मामलों के सचिव कान ओये फोंग वेंग-पूरुन शामिल रहे। इसके अतिरिक्त एडमिरल स्वामीनाथन ने मॉरीशस में भारत के उच्चायुक्त अनुराग श्रीवास्तव से भी मुलाकात कर द्विपक्षीय सहयोग के नए आयामों पर विचार-विमर्श किया।
बातचीत के मुख्य बिंदु
भारतीय नौसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि 'बातचीत समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने, मॉरीशस नेशनल कोस्ट गार्ड की क्षमता निर्माण, संयुक्त ईईजेड निगरानी और दोनों नौसैनिक बलों के बीच परिचालन संपर्क बढ़ाने पर केंद्रित थी।' रक्षा मंत्रालय ने भी एक बयान में कहा कि यह दौरा भारत के उन निरंतर प्रयासों का हिस्सा है, जिनका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में मॉरीशस के साथ रक्षा संबंधों को गहरा करना है।
भारत-मॉरीशस समुद्री साझेदारी की पृष्ठभूमि
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारतीय नौसेना प्रशिक्षण आदान-प्रदान, संयुक्त ईईजेड निगरानी, बंदरगाह दौरों और हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण के ज़रिए मॉरीशस नेशनल कोस्ट गार्ड के साथ नियमित रूप से जुड़ी रहती है। यह ऐसे समय में आया है जब हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा चुनौतियाँ — पायरेसी से लेकर अनधिकृत मत्स्य आखेट तक — क्षेत्रीय सहयोग की माँग को और बढ़ा रही हैं।
गौरतलब है कि मॉरीशस हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी (IONS), मिलन, इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू, गोवा मैरीटाइम कॉन्क्लेव, IOS सागर और एक्सरसाइज AIKEYME जैसी भारतीय नौसेना की प्रमुख पहलों में नियमित रूप से भाग लेता रहा है। ये सभी पहलें भारत के 'महासागर' — यानी क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए आपसी एवं समग्र तरक्की — के विज़न को प्रतिबिंबित करती हैं।
रणनीतिक महत्व
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि 'भारत और मॉरीशस के बीच एक स्थायी समुद्री साझेदारी है, जो आपसी भरोसे और हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा एवं स्थिरता सुनिश्चित करने की साझा प्रतिबद्धता पर आधारित है।' यह दौरा इस बात का भी संकेत है कि भारत अपनी 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति के तहत द्वीपीय पड़ोसी देशों को रणनीतिक प्राथमिकता दे रहा है।
आगे की राह
इस दौरे के दौरान हुई बातचीत से परिचालन स्तर के सहयोग और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों को नई गति मिलने की उम्मीद है। एडमिरल स्वामीनाथन का यह चार दिवसीय दौरा हिंद महासागर में भारत की सामरिक उपस्थिति को और पुख्ता करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।