31 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से की मुलाकात, रक्षा व कूटनीति पर चर्चा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से की मुलाकात, रक्षा व कूटनीति पर चर्चा

सारांश

एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने पदभार ग्रहण के बाद संवैधानिक पदाधिकारियों से शिष्टाचार भेंट का क्रम जारी रखते हुए उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की। 31 मई को 27वें नौसेना प्रमुख बने स्वामीनाथन ने रक्षा, कूटनीति और स्वदेशीकरण को अपनी प्राथमिकता बताई है।

मुख्य बातें

एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने 15 जून 2026 को उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से उपराष्ट्रपति भवन में शिष्टाचार भेंट की।
मुलाकात में शासन, रक्षा और कूटनीति सहित कई विषयों पर अनौपचारिक चर्चा हुई।
एडमिरल स्वामीनाथन ने उपराष्ट्रपति को जहाज का मॉडल और नौसेना प्रमुख के प्रतीक चिन्ह वाला विशेष स्मृति चिन्ह भेंट किया।
इससे पहले 10 जून को उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की थी।
एडमिरल स्वामीनाथन ने 31 मई 2026 को 27वें नौसेना प्रमुख के रूप में एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी का स्थान लिया, जो 41 वर्षों की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए।

नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने सोमवार, 15 जून 2026 को उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से उपराष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में शिष्टाचार भेंट की। रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार, इस मुलाकात में दोनों ने शासन, रक्षा और कूटनीति सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर अनौपचारिक विचार-विमर्श किया।

स्मृति चिन्हों का आदान-प्रदान

अधिकारी ने बताया कि एडमिरल स्वामीनाथन ने उपराष्ट्रपति को जहाज के मॉडल सहित अनेक स्मृति चिन्ह भेंट किए। इनमें नौसेना प्रमुख के प्रतीक चिन्ह वाला एक विशेष औपचारिक स्मृति चिन्ह भी शामिल था, जो परंपरागत रूप से भारतीय नौसेना के सर्वोच्च अधिकारी द्वारा प्रदान किया जाता है।

राष्ट्रपति से मुलाकात का क्रम

यह मुलाकात एडमिरल स्वामीनाथन की संवैधानिक पदाधिकारियों से शिष्टाचार भेंट की श्रृंखला का हिस्सा है। इससे पहले 10 जून को उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की थी। गौरतलब है कि एडमिरल स्वामीनाथन ने 31 मई 2026 को भारतीय नौसेना के 27वें नौसेना प्रमुख के रूप में पदभार ग्रहण किया था।

पूर्ववर्ती और पदभार ग्रहण

एडमिरल स्वामीनाथन ने एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी का स्थान लिया, जो 41 वर्षों की विशिष्ट सेवा के पश्चात सेवानिवृत्त हुए। पदभार ग्रहण के अवसर पर मीडिया को संबोधित करते हुए एडमिरल स्वामीनाथन ने कहा, 'मैं अत्यंत विनम्रता, जिम्मेदारी, गर्व और कृतज्ञता के साथ कमान संभाल रहा हूँ। देश के शीर्ष नेतृत्व द्वारा इस पद के लिए चुना जाना मेरे जीवन का सर्वोच्च सम्मान और सौभाग्य है।'

नौसेना की प्राथमिकताएँ

पदभार संभालने के बाद से एडमिरल स्वामीनाथन ने भारतीय नौसेना की सर्वोच्च परिचालन तत्परता और युद्ध क्षमता बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता को बार-बार रेखांकित किया है। उन्होंने संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और स्वदेशीकरण को अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं के केंद्र में रखा है।

क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य

एडमिरल स्वामीनाथन ने स्पष्ट किया है कि भारतीय नौसेना ऐसे क्षेत्रीय सुरक्षा माहौल में सक्रिय रूप से तैनात है जो 'लगातार चुनौतीपूर्ण, जटिल, अप्रत्याशित और अनिश्चित' बना हुआ है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए परिचालन तत्परता को उच्चतम स्तर पर बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

अब उपराष्ट्रपति — नए नौसेना प्रमुख के कूटनीतिक और संस्थागत संबंध स्थापित करने की परंपरागत प्रक्रिया को दर्शाती है। उल्लेखनीय यह है कि स्वामीनाथन ने पदभार संभालते ही स्वदेशीकरण और आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखा है, जो 'मेक इन इंडिया' रक्षा एजेंडे के साथ स्पष्ट तालमेल है। हालाँकि, असली परीक्षा यह होगी कि क्या ये प्राथमिकताएँ ठोस अधिग्रहण निर्णयों और परिचालन क्षमता में परिलक्षित होती हैं, क्योंकि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री प्रतिस्पर्धा तेज़ हो रही है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन कौन हैं और वे कब नौसेना प्रमुख बने?
एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने 31 मई 2026 को भारतीय नौसेना के 27वें नौसेना प्रमुख के रूप में पदभार ग्रहण किया। उन्होंने एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी का स्थान लिया जो 41 वर्षों की विशिष्ट सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए।
एडमिरल स्वामीनाथन और उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन की मुलाकात में क्या हुआ?
15 जून 2026 को उपराष्ट्रपति भवन में हुई इस भेंट में दोनों ने शासन, रक्षा और कूटनीति सहित कई विषयों पर अनौपचारिक चर्चा की। एडमिरल स्वामीनाथन ने उपराष्ट्रपति को जहाज का मॉडल और नौसेना प्रमुख के प्रतीक चिन्ह वाला विशेष स्मृति चिन्ह भेंट किया।
नौसेना प्रमुख ने इससे पहले किन संवैधानिक पदाधिकारियों से मुलाकात की?
10 जून 2026 को एडमिरल स्वामीनाथन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की थी। उपराष्ट्रपति से यह भेंट उसी शिष्टाचार श्रृंखला का अगला चरण है।
एडमिरल स्वामीनाथन की नौसेना के लिए मुख्य प्राथमिकताएँ क्या हैं?
एडमिरल स्वामीनाथन ने परिचालन तत्परता, युद्ध क्षमता, संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और स्वदेशीकरण को अपनी प्रमुख प्राथमिकताएँ बताई हैं। उनका कहना है कि भारतीय नौसेना 'चुनौतीपूर्ण, जटिल, अप्रत्याशित और अनिश्चित' क्षेत्रीय सुरक्षा माहौल में राष्ट्र के हितों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर है।
भारतीय नौसेना प्रमुख का विशेष स्मृति चिन्ह क्या होता है?
नौसेना प्रमुख के प्रतीक चिन्ह वाला विशेष औपचारिक स्मृति चिन्ह परंपरागत रूप से भारतीय नौसेना के सर्वोच्च अधिकारी द्वारा संवैधानिक पदाधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों को शिष्टाचार भेंट के अवसर पर प्रदान किया जाता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले