नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से की मुलाकात, रक्षा व कूटनीति पर चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने सोमवार, 15 जून 2026 को उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से उपराष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में शिष्टाचार भेंट की। रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार, इस मुलाकात में दोनों ने शासन, रक्षा और कूटनीति सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर अनौपचारिक विचार-विमर्श किया।
स्मृति चिन्हों का आदान-प्रदान
अधिकारी ने बताया कि एडमिरल स्वामीनाथन ने उपराष्ट्रपति को जहाज के मॉडल सहित अनेक स्मृति चिन्ह भेंट किए। इनमें नौसेना प्रमुख के प्रतीक चिन्ह वाला एक विशेष औपचारिक स्मृति चिन्ह भी शामिल था, जो परंपरागत रूप से भारतीय नौसेना के सर्वोच्च अधिकारी द्वारा प्रदान किया जाता है।
राष्ट्रपति से मुलाकात का क्रम
यह मुलाकात एडमिरल स्वामीनाथन की संवैधानिक पदाधिकारियों से शिष्टाचार भेंट की श्रृंखला का हिस्सा है। इससे पहले 10 जून को उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की थी। गौरतलब है कि एडमिरल स्वामीनाथन ने 31 मई 2026 को भारतीय नौसेना के 27वें नौसेना प्रमुख के रूप में पदभार ग्रहण किया था।
पूर्ववर्ती और पदभार ग्रहण
एडमिरल स्वामीनाथन ने एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी का स्थान लिया, जो 41 वर्षों की विशिष्ट सेवा के पश्चात सेवानिवृत्त हुए। पदभार ग्रहण के अवसर पर मीडिया को संबोधित करते हुए एडमिरल स्वामीनाथन ने कहा, 'मैं अत्यंत विनम्रता, जिम्मेदारी, गर्व और कृतज्ञता के साथ कमान संभाल रहा हूँ। देश के शीर्ष नेतृत्व द्वारा इस पद के लिए चुना जाना मेरे जीवन का सर्वोच्च सम्मान और सौभाग्य है।'
नौसेना की प्राथमिकताएँ
पदभार संभालने के बाद से एडमिरल स्वामीनाथन ने भारतीय नौसेना की सर्वोच्च परिचालन तत्परता और युद्ध क्षमता बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता को बार-बार रेखांकित किया है। उन्होंने संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और स्वदेशीकरण को अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं के केंद्र में रखा है।
क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य
एडमिरल स्वामीनाथन ने स्पष्ट किया है कि भारतीय नौसेना ऐसे क्षेत्रीय सुरक्षा माहौल में सक्रिय रूप से तैनात है जो 'लगातार चुनौतीपूर्ण, जटिल, अप्रत्याशित और अनिश्चित' बना हुआ है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए परिचालन तत्परता को उच्चतम स्तर पर बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।