नए CDS जनरल राजा सुब्रमणी और नौसेना प्रमुख एडमिरल स्वामीनाथन ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से की पहली आधिकारिक मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में मंगलवार, 2 जून को नवनियुक्त चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणी और भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से शिष्टाचार भेंट की। दोनों शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने 31 मई को अपने-अपने पद संभाले थे, और रक्षा मंत्री के साथ यह उनकी पहली औपचारिक मुलाकात रही।
नए CDS का कार्यभार और प्राथमिकताएँ
जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणी ने 31 मई को देश के सर्वोच्च सैन्य पदों में से एक, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का कार्यभार संभाला। यह पद तीनों सेनाओं — थल सेना, नौसेना और वायुसेना — के बीच समन्वय स्थापित करने और संयुक्त सैन्य रणनीति को आगे बढ़ाने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
जनरल सुब्रमणी के पास चार दशक से अधिक का सैन्य अनुभव है और उन्होंने देश के विभिन्न रणनीतिक क्षेत्रों में अहम जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। CDS के रूप में उनकी संभावित प्राथमिकताओं में सैन्य आधुनिकीकरण, नई तकनीकों का समावेश, संयुक्त थिएटर कमांड की दिशा में प्रगति और स्वदेशी रक्षा प्रणालियों को बढ़ावा देना शामिल माना जा रहा है।
एडमिरल स्वामीनाथन: भारतीय नौसेना के 27वें प्रमुख
एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन भारतीय नौसेना के 27वें प्रमुख बने हैं। उन्होंने भी 31 मई को पदभार ग्रहण किया। उन्हें 1 जुलाई 1987 को भारतीय नौसेना में कमीशन प्राप्त हुआ था, और तब से उन्होंने कई महत्वपूर्ण समुद्री अभियानों, परिचालन जिम्मेदारियों और रणनीतिक नियुक्तियों में अपनी भूमिका निभाई है।
पदभार संभालने के बाद एडमिरल स्वामीनाथन ने कहा था कि वे 'विनम्रता, गर्व, जिम्मेदारी और कृतज्ञता की भावना के साथ यह दायित्व ग्रहण कर रहे हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि देश के शीर्ष नेतृत्व द्वारा इस पद के लिए चुना जाना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारतीय नौसेना राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर समय सतर्क और तैयार रहेगी।
रणनीतिक संदर्भ: क्यों अहम हैं ये नियुक्तियाँ
यह दोनों शीर्ष सैन्य नियुक्तियाँ ऐसे समय में हुई हैं जब भारत अपनी सैन्य क्षमताओं को आधुनिक बनाने, तीनों सेनाओं के बीच संयुक्तता बढ़ाने और आत्मनिर्भर रक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। गौरतलब है कि संयुक्त थिएटर कमांड का प्रस्ताव लंबे समय से विचाराधीन है और नए CDS के सामने इसे अमलीजामा पहनाना एक बड़ी चुनौती होगी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ यह पहली औपचारिक मुलाकात आने वाले समय की रणनीतिक प्राथमिकताओं की दिशा तय करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
आगे क्या
नए सैन्य नेतृत्व से अपेक्षा है कि वह स्वदेशी रक्षा उत्पादन, साइबर और अंतरिक्ष क्षेत्र में क्षमता विस्तार तथा भारत के पड़ोसी देशों से उत्पन्न सुरक्षा चुनौतियों के मद्देनज़र त्वरित निर्णय लेने की संस्कृति विकसित करे। दोनों नए प्रमुखों की नीतिगत प्राथमिकताएँ आने वाले हफ्तों में स्पष्ट होने की संभावना है।