गणेश चतुर्थी 2026: CM चंद्रबाबू नायडू ने पत्नी भुवनेश्वरी और पोते देवांश संग की विनायक पूजा
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 14 सितंबर 2026 को विनायक चतुर्थी (गणेश चतुर्थी) के पावन अवसर पर अपने अमरावती आवास पर परिवार सहित भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की। उनके साथ पत्नी भुवनेश्वरी और पोते देवांश भी इस धार्मिक अनुष्ठान में सम्मिलित रहे।
मुख्यमंत्री का संदेश और एक्स पोस्ट
पूजा के बाद नायडू ने एक्स पर अपनी भावनाएँ साझा करते हुए लिखा कि परिवार के सदस्यों के साथ भगवान गणेश की आराधना करने से उन्हें गहरी आध्यात्मिक संतुष्टि प्राप्त हुई। उन्होंने कहा, 'गणपति बुद्धि, विवेक और विजय के प्रतीक हैं। किसी भी शुभ काम की शुरुआत विनायक पूजा से करना हमारी परंपरा है।'
मुख्यमंत्री ने आगे लिखा, 'चतुर्थी का उत्सव, जो बाधाओं को दूर करता है और हमें सही रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है, हमें सामाजिक जागरूकता और एकता सिखाता है। इससे साथ मिलकर रहने की भावना पैदा होती है।' उन्होंने गणानाथुडु से प्रार्थना की कि राज्य के विकास में आने वाली सभी बाधाएँ दूर हों और आंध्र प्रदेश खूब तरक्की करे।
शुभकामना संदेश और सामाजिक एकता की अपील
उत्सव से पूर्व नायडू ने प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा, 'गाँव, कॉलोनी, कस्बे और शहर का भेद किए बिना सभी वर्गों के लोग विनायक चतुर्थी को धूमधाम से मनाते हैं।' उन्होंने मिट्टी की विनायक प्रतिमाओं की पूजा कर पर्यावरण की रक्षा करने का भी आह्वान किया — एक ऐसा संदेश जो सांस्कृतिक परंपरा को पर्यावरणीय चेतना से जोड़ता है।
राज्यपाल और उपमुख्यमंत्री की बधाई
आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर ने भी विनायक चतुर्थी पर प्रदेशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह त्योहार परिवार के सभी सदस्यों को एक साथ लाता है और भक्त भगवान विघ्नेश्वर से बाधाओं को दूर करने तथा समृद्धि प्रदान करने की प्रार्थना करते हैं।
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने कहा, 'भगवान गणेश की दिव्य उपस्थिति में आस्था, ज्ञान और नई शुरुआत का संगम होता है।' उन्होंने प्रार्थना की कि गणेश जी की कृपा से हर घर में शांति, खुशी, अच्छा स्वास्थ्य और सफलता आए।
विपक्ष की भी आई शुभकामनाएँ
पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के अध्यक्ष वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी ने भी एक्स पर पोस्ट कर राज्यवासियों को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने लिखा, 'बाधाओं को दूर करने वाले विघ्नेश्वर और जीत दिलाने वाले सिद्धि विनायक की कृपा दृष्टि हम सभी पर हमेशा बनी रहे।' गौरतलब है कि सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों, दोनों की ओर से एकसाथ शुभकामनाएँ आना इस त्योहार की व्यापक सामाजिक स्वीकार्यता को रेखांकित करता है।
आंध्र प्रदेश में विनायक चतुर्थी परंपरागत रूप से एक प्रमुख सार्वजनिक उत्सव है, जिसमें अलग-अलग पंडालों में भव्य आयोजन होते हैं। इस वर्ष भी राज्यभर में श्रद्धा और उत्साह का माहौल रहा।