14 सितंबर 2026
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ब्रिक्स सम्मेलन के बाद भारत पर टिकीं दुनिया की नजरें: रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ

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ब्रिक्स सम्मेलन के बाद भारत पर टिकीं दुनिया की नजरें: रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ

सारांश

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में 11 राष्ट्राध्यक्षों की उपस्थिति और पहलगाम हमले की सामूहिक निंदा के बाद रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने कहा — दुनिया भारत की ओर देख रही है। जी-20 से ब्रिक्स तक, भारत की वैश्विक मेजबानी की यह श्रृंखला देश के बढ़ते कूटनीतिक कद का संकेत है।

मुख्य बातें

रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने 14 सितंबर 2026 को रांची में ब्रिक्स सम्मेलन को ऐतिहासिक सफलता बताया।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में 11 राष्ट्राध्यक्षों ने भाग लिया और पहलगाम आतंकी हमले की सर्वसम्मति से निंदा की गई।
सभी सदस्य देशों ने आतंकवाद के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति पर सहमति जताई।
भारत ने जी-20, एआई शिखर सम्मेलन और ब्रिक्स — तीन बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी की।
सेठ ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे केवल मीडिया में बने रहने के लिए विवाद खड़े करते हैं।

रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने 14 सितंबर 2026 को रांची में कहा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन के बाद पूरी दुनिया की निगाहें भारत पर टिकी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की वैश्विक सोच शांति, विकास और मानवता के कल्याण पर केंद्रित है और यही संदेश ब्रिक्स मंच पर प्रमुखता से उभरा।

ब्रिक्स सम्मेलन की उपलब्धियाँ

सेठ ने बताया कि इस बार के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में 11 राष्ट्राध्यक्षों की उपस्थिति रही और विश्व शांति एवं सामूहिक कल्याण के मुद्दों पर सभी भागीदार देशों ने एकजुटता प्रदर्शित की। उन्होंने इसे भारत की बढ़ती वैश्विक साख का प्रमाण बताया।

विशेष रूप से उन्होंने रेखांकित किया कि सम्मेलन में पहलगाम आतंकी हमले की सभी सदस्य देशों ने एकस्वर में निंदा की और आतंकवाद के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर सहमति बनी। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद-विरोधी एजेंडे को लगातार आगे बढ़ा रहा है।

भारत की वैश्विक मेजबानी की श्रृंखला

सेठ ने याद दिलाया कि जी-20 से लेकर एआई शिखर सम्मेलन और अब ब्रिक्स तक भारत ने लगातार महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी सफलतापूर्वक की है। गौरतलब है कि यह श्रृंखला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में भारत की 'विश्वगुरु' छवि को मजबूत करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।

विपक्ष पर पलटवार

ब्रिक्स सम्मेलन पर विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए सेठ ने कहा कि जब भी देश कोई उपलब्धि हासिल करता है, विपक्ष उस पर भी प्रश्नचिह्न लगाने से नहीं चूकता। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी केवल मीडिया में बने रहने के लिए विभिन्न मुद्दों पर विवाद खड़े करते हैं।

सेठ ने यह भी कहा कि सम्मेलन में आए विदेशी राष्ट्राध्यक्षों ने भारत के भोजन और संस्कृति की सराहना की। उन्होंने भारतीय मिलेट्स और शाकाहारी भोजन को स्वास्थ्य के लिए लाभकारी बताते हुए इसे भारत की सांस्कृतिक पहचान से जोड़ा।

चुनाव आयोग पर विपक्ष के सवाल

चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर विपक्ष की आलोचनाओं को खारिज करते हुए सेठ ने कहा कि विश्व के अनेक देश भारत के चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की प्रशंसा करते हैं। उनके अनुसार, इतने बड़े लोकतंत्र में स्वतंत्र और पारदर्शी चुनाव आयोजित करना स्वयं में एक मिसाल है। उन्होंने कहा कि चुनाव हारने के बाद प्रक्रिया पर सवाल उठाना विपक्ष की पुरानी आदत बन चुकी है।

आगे की दिशा

सेठ ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री मोदी विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में तेज गति से काम कर रहे हैं और भारत का बढ़ता वैश्विक प्रभाव आने वाले समय में और प्रमुखता से सामने आएगा। ब्रिक्स सम्मेलन की सफलता इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आलोचक यह पूछ सकते हैं कि सामूहिक निंदा से इतर ब्रिक्स ने ठोस कार्रवाई के लिए क्या तंत्र तय किया। विपक्ष को सीधे निशाना बनाना यह भी बताता है कि सरकार ब्रिक्स की उपलब्धियों को लेकर आंतरिक आलोचना के प्रति कितनी संवेदनशील है।
RashtraPress
14 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 में भारत की क्या उपलब्धि रही?
रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ के अनुसार, सम्मेलन में 11 राष्ट्राध्यक्षों ने भाग लिया और पहलगाम आतंकी हमले की सामूहिक निंदा करते हुए सभी देशों ने आतंकवाद के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति पर सहमति जताई। भारत के लिए यह वैश्विक समर्थन जुटाने का महत्वपूर्ण मंच बना।
संजय सेठ ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
सेठ ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी हर मुद्दे पर विवाद खड़ा करने की कोशिश करते हैं और मीडिया में बने रहने के लिए अलग-अलग बयान देते हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स जैसी राष्ट्रीय उपलब्धि पर भी प्रश्न उठाना देश हित में नहीं है।
ब्रिक्स सम्मेलन में पहलगाम हमले का मुद्दा कैसे उठा?
सेठ के बयान के अनुसार, ब्रिक्स सम्मेलन में भागीदार सभी देशों ने पहलगाम आतंकी घटना की निंदा की और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पर सहमति बनी। यह भारत की कूटनीतिक सक्रियता का परिणाम माना जा रहा है।
भारत ने हाल के वर्षों में कौन-कौन से बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों की मेजबानी की है?
सेठ ने जी-20, एआई शिखर सम्मेलन और ब्रिक्स शिखर सम्मेलन — तीन प्रमुख वैश्विक आयोजनों का उल्लेख किया, जिनकी मेजबानी भारत ने हाल ही में की है। यह भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को रेखांकित करता है।
चुनाव आयोग पर सेठ का क्या कहना था?
सेठ ने कहा कि विश्व के कई देश भारत के चुनाव आयोग की निष्पक्षता और पारदर्शिता की प्रशंसा करते हैं। उनके अनुसार, चुनाव हारने के बाद प्रक्रिया पर सवाल उठाना विपक्ष की आदत बन गई है, जबकि जनता सब कुछ देख रही है।
राष्ट्र प्रेस
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