ब्रिक्स सम्मेलन के बाद भारत पर टिकीं दुनिया की नजरें: रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ
सारांश
मुख्य बातें
रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने 14 सितंबर 2026 को रांची में कहा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन के बाद पूरी दुनिया की निगाहें भारत पर टिकी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की वैश्विक सोच शांति, विकास और मानवता के कल्याण पर केंद्रित है और यही संदेश ब्रिक्स मंच पर प्रमुखता से उभरा।
ब्रिक्स सम्मेलन की उपलब्धियाँ
सेठ ने बताया कि इस बार के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में 11 राष्ट्राध्यक्षों की उपस्थिति रही और विश्व शांति एवं सामूहिक कल्याण के मुद्दों पर सभी भागीदार देशों ने एकजुटता प्रदर्शित की। उन्होंने इसे भारत की बढ़ती वैश्विक साख का प्रमाण बताया।
विशेष रूप से उन्होंने रेखांकित किया कि सम्मेलन में पहलगाम आतंकी हमले की सभी सदस्य देशों ने एकस्वर में निंदा की और आतंकवाद के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर सहमति बनी। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद-विरोधी एजेंडे को लगातार आगे बढ़ा रहा है।
भारत की वैश्विक मेजबानी की श्रृंखला
सेठ ने याद दिलाया कि जी-20 से लेकर एआई शिखर सम्मेलन और अब ब्रिक्स तक भारत ने लगातार महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी सफलतापूर्वक की है। गौरतलब है कि यह श्रृंखला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में भारत की 'विश्वगुरु' छवि को मजबूत करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।
विपक्ष पर पलटवार
ब्रिक्स सम्मेलन पर विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए सेठ ने कहा कि जब भी देश कोई उपलब्धि हासिल करता है, विपक्ष उस पर भी प्रश्नचिह्न लगाने से नहीं चूकता। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी केवल मीडिया में बने रहने के लिए विभिन्न मुद्दों पर विवाद खड़े करते हैं।
सेठ ने यह भी कहा कि सम्मेलन में आए विदेशी राष्ट्राध्यक्षों ने भारत के भोजन और संस्कृति की सराहना की। उन्होंने भारतीय मिलेट्स और शाकाहारी भोजन को स्वास्थ्य के लिए लाभकारी बताते हुए इसे भारत की सांस्कृतिक पहचान से जोड़ा।
चुनाव आयोग पर विपक्ष के सवाल
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर विपक्ष की आलोचनाओं को खारिज करते हुए सेठ ने कहा कि विश्व के अनेक देश भारत के चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की प्रशंसा करते हैं। उनके अनुसार, इतने बड़े लोकतंत्र में स्वतंत्र और पारदर्शी चुनाव आयोजित करना स्वयं में एक मिसाल है। उन्होंने कहा कि चुनाव हारने के बाद प्रक्रिया पर सवाल उठाना विपक्ष की पुरानी आदत बन चुकी है।
आगे की दिशा
सेठ ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री मोदी विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में तेज गति से काम कर रहे हैं और भारत का बढ़ता वैश्विक प्रभाव आने वाले समय में और प्रमुखता से सामने आएगा। ब्रिक्स सम्मेलन की सफलता इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।