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इंदिरा कृष्णा का रोहित रॉय पर पलटवार: 'भूले लोग चर्चा के लिए करते हैं ऐसे स्टंट'

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इंदिरा कृष्णा का रोहित रॉय पर पलटवार: 'भूले लोग चर्चा के लिए करते हैं ऐसे स्टंट'

सारांश

रोहित रॉय ने टीवी को 'डस्टबिन मीडियम' कहा — और इंदिरा कृष्णा ने सीधे जवाब दिया कि जो लोग गुमनाम हो जाते हैं, वे चर्चा के लिए ऐसे स्टंट करते हैं। यह टकराव उस पुरानी खाई को उजागर करता है जो फिल्म और टेलीविज़न उद्योग के बीच अब भी मौजूद है।

मुख्य बातें

अभिनेता रोहित रॉय ने टेलीविज़न को 'डस्टबिन मीडियम' बताया था, जिसपर व्यापक विवाद छिड़ा।
अभिनेत्री इंदिरा कृष्णा ने इस बयान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि जो लोग भुला दिए जाते हैं, वे चर्चा के लिए ऐसे स्टंट करते हैं।
इंदिरा ने 'कहानी घर घर की' , 'ध्रुव तारा' सहित कई चर्चित टीवी शोज़ में काम किया है।
उनका फिल्मी करियर 1995 की ओडिया फिल्म 'सुना पांजुरी' से शुरू हुआ और 'एनिमल' तक आया।
इंदिरा कृष्णा जल्द नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' में माँ कौशल्या का किरदार निभाएंगी।

अभिनेत्री इंदिरा कृष्णा ने टेलीविज़न को लेकर अभिनेता रोहित रॉय के हालिया विवादास्पद बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। रोहित ने छोटे पर्दे को 'डस्टबिन मीडियम' बताया था, जिस पर इंदिरा ने खुलकर पलटवार करते हुए कहा कि जो लोग गुमनामी में खो जाते हैं, वे इसी तरह के विवाद खड़े करके चर्चा में बने रहने की कोशिश करते हैं।

विवादास्पद बयान और तीखी प्रतिक्रिया

इंदिरा कृष्णा ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, 'टीवी जैसे मीडियम के लिए 'डस्टबिन' शब्द का इस्तेमाल करना बेहद खराब है। खासकर ऐसे दिग्गज एक्टर की तरफ से, जो खुद इसी मीडियम से आया है।' उन्होंने रेखांकित किया कि टेलीविज़न ने अनगिनत प्रतिभाशाली कलाकारों को अपनी कला दिखाने का मंच दिया है।

उन्होंने आगे कहा कि टीवी को कमतर समझना उचित नहीं, क्योंकि इसी माध्यम से निकलकर कई बड़े निर्देशक फिल्मों तक पहुँचे हैं। उनके अनुसार, ऐसे कई लोकप्रिय निर्देशक हैं जिन्होंने टेलीविज़न पर उम्दा शोज़ बनाने के बाद फिल्म उद्योग में कदम रखा।

इंदिरा के लिए टीवी का क्या मतलब

इंदिरा कृष्णा ने कहा, 'मेरे लिए टेलीविजन सिर्फ काम करने की जगह नहीं, बल्कि सम्मान और रोजी-रोटी का ज़रिया भी है। यह मेरे लिए मेरी इज्जत है।' उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि हर किसी का अपना नज़रिया होता है और रोहित रॉय अपनी राय पर कायम रह सकते हैं, लेकिन जिस प्लेटफॉर्म ने किसी को पहचान दी हो, उसका सम्मान करना ज़रूरी है।

अभिनेत्री ने टेलीविज़न की सबसे बड़ी ताकत उसकी व्यापक पहुँच को बताया — 'टीवी हर घर तक पहुँचता है और एक्टर्स को दर्शकों से रोज़ जुड़ने का मौका देता है। कोई दूसरा माध्यम इस तरह की रोज़ की कनेक्शन वाली जगह आसानी से नहीं बना पाता।'

'चर्चा में बने रहने का स्टंट'

इंदिरा ने सीधे शब्दों में कहा, 'कई बार जिन लोगों को लोग भूलने लगते हैं, वे चर्चा में बने रहने के लिए ऐसे स्टंट करते हैं। शायद रोहित रॉय भी उन्हीं में से एक हैं।' यह टिप्पणी मनोरंजन जगत में उस पुरानी बहस को फिर से हवा देती है, जिसमें फिल्म और टेलीविज़न उद्योग के बीच तुलनात्मक प्रतिष्ठा पर सवाल उठते रहे हैं।

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी फिल्म अभिनेता ने छोटे पर्दे को लेकर विवादास्पद बयान दिया हो, और हर बार टीवी कलाकारों ने एकजुट होकर माध्यम का बचाव किया हो।

इंदिरा कृष्णा का करियर सफर

इंदिरा कृष्णा खुद टेलीविज़न की एक जानी-मानी अभिनेत्री हैं। 'कृष्णाबेन खाखरावाला', 'कृष्णदासी', 'कहानी घर घर की', 'सावी की सवारी', 'ध्रुव तारा-समय सदी से परे' और 'दुर्गा-अटूट प्रेम कहानी' जैसे चर्चित शोज़ में उन्होंने यादगार किरदार निभाए हैं।

फिल्मों में उनका सफर 1995 में ओडिया फिल्म 'सुना पांजुरी' से शुरू हुआ, जिसमें वह सिद्धांत महापात्रा के साथ नज़र आई थीं। यह फिल्म उस वर्ष की बड़ी म्यूज़िकल हिट रही। इसके बाद उन्होंने 'त्रिशक्ति', 'आज का रावण' (मिथुन चक्रवर्ती के साथ), 'तेरे नाम', 'हॉलीडे: ए सोल्जर इज़ नेवर ऑफ़ ड्यूटी' और रणबीर कपूर स्टारर 'एनिमल' जैसी फिल्मों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

आगे क्या: 'रामायण' में बड़ी भूमिका

इंदिरा कृष्णा अब निर्देशक नितेश तिवारी की बड़े बजट की फिल्म 'रामायण' में माँ कौशल्या का महत्वपूर्ण किरदार निभाने वाली हैं। यह फिल्म उनके करियर में एक नया और महत्वाकांक्षी अध्याय साबित हो सकती है। इस विवाद के बाद उनकी यह आगामी भूमिका और भी चर्चा में आ गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो किसी भी अन्य माध्यम के लिए दुर्लभ है। लेकिन असल सवाल यह है कि मनोरंजन उद्योग में यह पदानुक्रम — जहाँ ओटीटी और फिल्म को श्रेष्ठ और टीवी को हीन माना जाता है — कब टूटेगा? जब तक दर्शक संख्या और प्रभाव के आधार पर माध्यम को आंका नहीं जाएगा, ऐसे विवाद दोहराते रहेंगे।
RashtraPress
14 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रोहित रॉय ने टीवी के बारे में क्या बयान दिया था?
रोहित रॉय ने टेलीविज़न को 'डस्टबिन मीडियम' बताया था और टीवी अभिनेताओं के बारे में भी अपनी राय रखी थी। इस बयान ने मनोरंजन जगत में व्यापक विवाद खड़ा कर दिया।
इंदिरा कृष्णा ने रोहित रॉय के बयान पर क्या कहा?
इंदिरा कृष्णा ने कहा कि जो लोग गुमनाम हो जाते हैं, वे चर्चा में बने रहने के लिए ऐसे स्टंट करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिस माध्यम ने पहचान दी हो, उसे 'डस्टबिन' कहना निराशाजनक और अनुचित है।
इंदिरा कृष्णा कौन हैं और उन्होंने किन शोज़ में काम किया है?
इंदिरा कृष्णा एक वरिष्ठ टीवी और फिल्म अभिनेत्री हैं। उन्होंने 'कृष्णाबेन खाखरावाला', 'कहानी घर घर की', 'ध्रुव तारा-समय सदी से परे' और 'दुर्गा-अटूट प्रेम कहानी' जैसे चर्चित शोज़ में काम किया है।
इंदिरा कृष्णा की अगली फिल्म कौन सी है?
इंदिरा कृष्णा निर्देशक नितेश तिवारी की बड़े बजट की फिल्म 'रामायण' में भगवान राम की माँ कौशल्या का किरदार निभाने वाली हैं। यह फिल्म उनके करियर का अब तक का सबसे बड़ा बजट वाला प्रोजेक्ट माना जा रहा है।
टीवी बनाम फिल्म का यह विवाद क्यों मायने रखता है?
यह विवाद मनोरंजन उद्योग में उस पुरानी मानसिकता को उजागर करता है जो फिल्म और ओटीटी को श्रेष्ठ और टेलीविज़न को कमतर मानती है। लाखों कलाकारों की आजीविका और पहचान टेलीविज़न पर निर्भर है, इसलिए इस तरह के बयान व्यापक असर डालते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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