राजस्थान निकाय चुनाव: भाजपा की बढ़त पर बागड़ी बोले — हार पर कांग्रेस ईवीएम को देगी दोष
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की बढ़त के बीच भाजपा के प्रदेश महासचिव श्रवण सिंह बागड़ी ने 14 सितंबर 2026 को जयपुर में कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा के विकास कार्यों ने नेताओं को जनता के बीच जाकर प्रचार करने की प्रेरणा दी, जबकि कांग्रेस अपनी हार के लिए ईवीएम और सरकारी मशीनरी को जिम्मेदार ठहराएगी।
हर स्तर पर भाजपा का परचम
बागड़ी ने कहा, 'इन नतीजों से राजस्थान की जनता देख रही है कि चाहे नगर निगम हों, नगर परिषद हों या नगरपालिकाएं, हर जगह भाजपा का कमल खिलता हुआ दिख रहा है।' उन्होंने दावा किया कि 10 नगर निगमों में भाजपा पूरी तरह बहुमत के साथ आती नजर आ रही है।
उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में पिछले तीन वर्षों में हुए विकास कार्यों को इस बढ़त का मुख्य कारण बताया। बागड़ी के अनुसार, राजस्थान की जनता ने विश्वास के साथ भाजपा को मत दिया है।
ईवीएम और कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार
कांग्रेस के इस आरोप पर कि भाजपा जीते हुए उम्मीदवारों को हराने का काम कर रही है, बागड़ी ने इसे 'स्थायी बयान' करार दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने कुछ समय पहले ही मीडिया को बता दिया था कि कांग्रेस के ईवीएम पर दोषारोपण वाले बयान आने वाले हैं।
भाजपा नेता ने कहा कि जब भी कांग्रेस की हार होती है, इसी तरह के आरोप लगाए जाते हैं — ईवीएम में गड़बड़ी और प्रशासनिक दबाव की बात सामने आती है। उन्होंने कहा कि यह पैटर्न कोई नया नहीं है।
कांग्रेस की जमीनी उपस्थिति पर सवाल
बागड़ी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता जनता के बीच नहीं जाते और पार्टी सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ता भी जानते हैं कि उनके नेता किस तरह के बयान देने वाले हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान में भाजपा सरकार के तीन साल पूरे होने के आसपास ये चुनाव हो रहे हैं, और पार्टी इन नतीजों को सत्ता-विरोधी लहर के खिलाफ अपनी स्वीकृति के प्रमाण के रूप में पेश कर रही है।
मोदी और भजनलाल पर भरोसे का दावा
बागड़ी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय नेतृत्व और भजनलाल शर्मा के प्रदेश नेतृत्व पर राजस्थान की जनता का विश्वास इन चुनाव नतीजों में साफ झलकता है। गौरतलब है कि आज का युवा विकास की राजनीति चाहता है, न आरोप-प्रत्यारोप की, यह भी उन्होंने रेखांकित किया।
निकाय चुनावों के अंतिम नतीजे आने के बाद दोनों प्रमुख दलों के बीच जुबानी जंग और तेज होने की संभावना है।