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क्या टीवी में बदलाव की आवश्यकता है, ताकि ओटीटी से मुकाबला कर सकें: रोहित रॉय?

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क्या टीवी में बदलाव की आवश्यकता है, ताकि ओटीटी से मुकाबला कर सकें: रोहित रॉय?

सारांश

रोहित रॉय ने कहा है कि टीवी में बदलाव की जरूरत है ताकि वह ओटीटी प्लेटफार्मों से प्रतिस्पर्धा कर सके। उन्होंने आईटीए के 25 साल पूरे होने पर अपने विचार साझा किए और उद्योग की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की।

मुख्य बातें

टीवी इंडस्ट्री में बदलाव की आवश्यकता है।
रोहित रॉय ने अपने करियर के अनुभव साझा किए।
अवॉर्ड्स में पारदर्शिता महत्वपूर्ण है।
ओटीटी और टीवी के बीच प्रतिस्पर्धा को समझना आवश्यक है।
युवाओं को अपनी पहचान खुद बनानी चाहिए।

मुंबई, 3 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। इंडियन टेलीविजन अकादमी (आईटीए) के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य पर कई टेलीविजन सितारों ने अवॉर्ड समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर प्रसिद्ध अभिनेता रोहित रॉय ने राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत करते हुए इंडस्ट्री के पुराने और नए चरणों की तुलना करते हुए कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार साझा किए।

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत से अब तक के सफर को याद करते हुए कहा कि टेलीविजन की दुनिया में अभी तक कोई विशेष बदलाव नहीं आया है।

उन्होंने कहा, "मुझे टेलीविजन उद्योग में अभिनेता के रूप में 30 साल पूरे हो गए हैं। मेरा पहला शो 'स्वाभिमान' 1995 में आया था, जबकि आईटीए का आयोजन 2000 से शुरू हुआ है। मैं आईटीए के हर समारोह में किसी न किसी रूप में शामिल होता हूं। पहले 10 सालों तक मैंने कई कार्यक्रमों की मेज़बानी की है और प्रदर्शन भी किया है। इसके साथ ही, मुझे 'विरासत' के लिए बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड भी मिला है।"

रोहित ने आईटीए की प्रशंसा करते हुए कहा, "यह अवॉर्ड इतने पारदर्शी होते हैं कि इसके लिए कोई भी रिश्वत नहीं चलती है, क्योंकि मैं अंजू रंजन और शशि रंजन के बेहद करीब हूं और मैंने कभी इसका गलत फायदा नहीं उठाया और न ही कभी उठाना चाहूंगा।"

अभिनेता ने कहा कि अवॉर्ड जीतने पर दिल को खुशी मिलती है कि जनता आपसे कितना प्यार करती है और यदि घर में सजाने के लिए चाहिए, तो फिर कोई बात ही नहीं है।

उन्होंने कहा, "यदि कोई अभिनेता सिफारिश से अवॉर्ड जीतता है तो उसे उस जीत की खुशी नहीं मिलती। जब मुझे 'विरासत' के लिए अवॉर्ड मिला था, तब मुझे पता था कि दर्शकों को मेरा किरदार सचमुच पसंद आया है।"

रोहित ने ओटीटी और टीवी की तुलना करते हुए कहा, "टीवी में अभी तक ऐसा है कि यदि एक-दो शो गलती से हिट हो गए तो, उसी फॉर्मेट में कुछ शो बना दिए जाते हैं। वहीं, डांस रियलिटी शो के मामले में, यदि कोई शो हिट हुआ तो थोड़ी फॉर्मेट को बदलकर दूसरा बना देते हैं। ऐसा होना चाहिए, लेकिन कुछ बदलाव लाना चाहिए, जिससे हम ओटीटी से मुकाबला कर सकें ताकि मैं ओटीटी न देखकर टीवी पर वो शो देख सकूं।"

उन्होंने शो की कहानियों के बारे में कहा, "मेरी पत्नी मानसी एक शो पर काम कर रही हैं, जो एक सुपरहिट मराठी शो का हिंदी रूपांतर है। यह कहानी एक भारतीय मध्यवर्गीय परिवार की है क्योंकि हमारे देश में सामान्य मध्यवर्ग के संघर्ष आज भी वही हैं, इसलिए कहानियाँ भी वही रहती हैं। जब तक ये संघर्ष नहीं बदलेंगे, कहानियाँ भी नहीं बदलेंगी।"

युवा अभिनेताओं को सलाह देते हुए रोहित ने कहा, "केवल एक शो हिट होने से आप हिट नहीं होते हैं। आप एक अच्छे अभिनेता हैं, लेकिन केवल उसी शो के लिए। जब शो बंद होगा तो लोग आपको भूल जाएंगे। अपनी पहचान खुद बनाएं, वो अंदर की क्षमता से आती है। कुछ अभिनेताओं में वो खास मौजूदगी होती है, जो हमेशा याद रहती है।"

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रोहित रॉय ने टीवी में बदलाव की बात क्यों की?
रोहित रॉय का मानना है कि टीवी को ओटीटी से मुकाबला करने के लिए कुछ बदलावों की आवश्यकता है।
रोहित रॉय के करियर का क्या इतिहास है?
रोहित रॉय ने टेलीविजन उद्योग में 30 साल का लंबा सफर तय किया है और 'स्वाभिमान' जैसे शो से अपने करियर की शुरुआत की।
राष्ट्र प्रेस
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