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नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी की उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन से विदाई भेंट, इसी माह होंगे सेवानिवृत्त

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नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी की उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन से विदाई भेंट, इसी माह होंगे सेवानिवृत्त

सारांश

एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी की उपराष्ट्रपति से विदाई भेंट सेवानिवृत्ति की औपचारिक शुरुआत का संकेत है। इसी सप्ताह सीओएससी की ऐतिहासिक अंतिम बैठक हुई और आईएनएस कोलकाता ने पश्चिमी हिंद महासागर में एमवी माशाअल्लाह 1 को समुद्री डाकुओं से बचाकर नौसेना की सतर्कता का परिचय दिया।

मुख्य बातें

एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने 27 मई 2025 को उपराष्ट्रपति सी.पी.
राधाकृष्णन से शिष्टाचार मुलाकात की।
एडमिरल त्रिपाठी मई 2025 में सेवानिवृत्त हो रहे हैं; यह भेंट विदाई औपचारिकताओं का हिस्सा है।
सीडीएस जनरल अनिल चौहान और एडमिरल त्रिपाठी दोनों के लिए सीओएससी की अंतिम बैठक सोमवार को संपन्न हुई।
बैठक में एयर चीफ मार्शल ए.पी.
सिंह , जनरल उपेंद्र द्विवेदी और एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित उपस्थित रहे।
आईएनएस कोलकाता ने पश्चिमी हिंद महासागर में व्यापारी जहाज एमवी माशाअल्लाह 1 को समुद्री डाकुओं से बचाया।

भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने 27 मई 2025 को उपराष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन से शिष्टाचार मुलाकात की। यह भेंट ऐसे समय हुई है जब एडमिरल त्रिपाठी मई 2025 में ही भारतीय नौसेना की सेवा से सेवानिवृत्त होने वाले हैं। परंपरा के अनुसार, सेवानिवृत्ति से पूर्व वरिष्ठ सैन्य अधिकारी संवैधानिक पदाधिकारियों से औपचारिक भेंट करते हैं, और यह मुलाकात उसी क्रम का हिस्सा मानी जा रही है।

एडमिरल त्रिपाठी का उल्लेखनीय कार्यकाल

एडमिरल त्रिपाठी का नौसेना कार्यकाल कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों से भरा रहा। उन्होंने नौसेना के आधुनिकीकरण, स्वदेशी युद्धपोत निर्माण, समुद्री निगरानी क्षमता और संयुक्त सैन्य अभियानों को प्रगाढ़ करने पर विशेष ध्यान दिया। उनके नेतृत्व में भारतीय नौसेना ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री अभ्यासों, समुद्री डकैती विरोधी अभियानों और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की रणनीतिक उपस्थिति को और सुदृढ़ किया।

सीओएससी की ऐतिहासिक अंतिम बैठक

इससे पहले सोमवार को चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी (सीओएससी) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। यह बैठक चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी दोनों के लिए सेवानिवृत्ति से पहले सीओएससी की अंतिम बैठक रही। बैठक में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह, थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित भी उपस्थित रहे।

बैठक में तीनों सेनाओं के बीच परिचालन समन्वय, संयुक्त सैन्य रणनीति और थिएटराइजेशन की दिशा में जारी प्रयासों पर विचार-विमर्श हुआ। दो वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की एक साथ सेवानिवृत्ति से पहले हुई इस बैठक को भावनात्मक और ऐतिहासिक महत्व की बैठक माना जा रहा है।

हिंद महासागर में नौसेना की बड़ी सफलता

इसी बीच भारतीय नौसेना ने समुद्री सुरक्षा के मोर्चे पर एक उल्लेखनीय सफलता हासिल की। पश्चिमी हिंद महासागर में व्यापारी जहाज एमवी माशाअल्लाह 1 को निशाना बनाने की फिराक में बैठे समुद्री डाकुओं को भारतीय नौसेना ने नाकाम कर दिया। सूचना मिलते ही युद्धपोत आईएनएस कोलकाता ने त्वरित कार्रवाई की और संभावित खतरे को समय रहते विफल कर दिया।

नौसेना के अनुसार, इस त्वरित प्रतिक्रिया से व्यापारी जहाज की सुरक्षा सुनिश्चित हुई और समुद्री डकैती की एक बड़ी घटना टल गई। गौरतलब है कि हाल के वर्षों में हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री डकैती की घटनाओं में वृद्धि देखी गई है, जिसके मद्देनज़र भारतीय नौसेना की सतर्कता और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

आगे क्या

एडमिरल त्रिपाठी और सीडीएस जनरल अनिल चौहान दोनों के मई 2025 में सेवानिवृत्त होने के साथ, भारतीय सशस्त्र बलों के शीर्ष नेतृत्व में एक नया अध्याय शुरू होगा। उनके उत्तराधिकारियों की नियुक्ति और नौसेना की भविष्य की रणनीतिक दिशा पर सभी की नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो अभी भी अधूरे हैं। सीओएससी की अंतिम बैठक में थिएटराइजेशन पर चर्चा का उल्लेख बताता है कि यह एजेंडा अगली पीढ़ी के नेतृत्व को विरासत में मिलेगा। आईएनएस कोलकाता की एमवी माशाअल्लाह 1 को बचाने की कार्रवाई समय पर आई — यह दर्शाती है कि नेतृत्व-परिवर्तन के बावजूद परिचालन सतर्कता में कोई शिथिलता नहीं है। असली सवाल यह है कि नए नौसेना प्रमुख इंडो-पैसिफिक में बढ़ती चीनी नौसैनिक गतिविधियों के बीच इस गति को कैसे आगे ले जाते हैं।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी कब सेवानिवृत्त हो रहे हैं?
एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी मई 2025 में भारतीय नौसेना प्रमुख के पद से सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उपराष्ट्रपति से उनकी भेंट इसी सेवानिवृत्ति-पूर्व औपचारिक मुलाकातों की श्रृंखला का हिस्सा है।
सीओएससी की अंतिम बैठक में क्या चर्चा हुई?
चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी की इस बैठक में तीनों सेनाओं के बीच परिचालन समन्वय, संयुक्त सैन्य रणनीति और थिएटराइजेशन की दिशा में जारी प्रयासों पर विचार-विमर्श हुआ। यह बैठक सीडीएस जनरल अनिल चौहान और एडमिरल त्रिपाठी दोनों के लिए सेवानिवृत्ति से पहले अंतिम सीओएससी बैठक रही।
आईएनएस कोलकाता ने हिंद महासागर में क्या कार्रवाई की?
भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस कोलकाता ने पश्चिमी हिंद महासागर में व्यापारी जहाज एमवी माशाअल्लाह 1 को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे समुद्री डाकुओं को नाकाम किया। सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई कर जहाज की सुरक्षा सुनिश्चित की गई और एक बड़ी समुद्री डकैती की घटना टल गई।
एडमिरल त्रिपाठी के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियाँ क्या रहीं?
एडमिरल त्रिपाठी के कार्यकाल में नौसेना के आधुनिकीकरण, स्वदेशी युद्धपोत निर्माण, समुद्री निगरानी क्षमता और संयुक्त सैन्य अभियानों को विशेष प्राथमिकता मिली। उनके नेतृत्व में भारतीय नौसेना ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री अभ्यासों और इंडो-पैसिफिक में रणनीतिक उपस्थिति को भी मजबूत किया।
सीडीएस जनरल अनिल चौहान भी इसी माह सेवानिवृत्त हो रहे हैं?
हाँ, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान भी मई 2025 में एडमिरल त्रिपाठी के साथ ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं। दोनों वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की एक साथ सेवानिवृत्ति भारतीय सशस्त्र बलों के शीर्ष नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन का क्षण है।
राष्ट्र प्रेस
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