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एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने PM मोदी को दी नौसेना की ऑपरेशनल तैयारियों की जानकारी, 31 मई को सौंपेंगे कमान

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एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने PM मोदी को दी नौसेना की ऑपरेशनल तैयारियों की जानकारी, 31 मई को सौंपेंगे कमान

सारांश

कमान सौंपने से महज दो दिन पहले एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने PM मोदी को हिंद महासागर की बदलती सुरक्षा तस्वीर से अवगत कराया — ड्रोन, हाइपरसोनिक मिसाइलें और साइबर खतरे एजेंडे पर रहे। यह विदाई ब्रीफिंग भारतीय नौसेना की बढ़ती आत्मनिर्भरता और क्षेत्रीय महत्वाकांक्षा दोनों को रेखांकित करती है।

मुख्य बातें

त्रिपाठी ने 29 मई 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर नौसेना की ऑपरेशनल तैयारियों की जानकारी दी।
बैठक में हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में उभरती सुरक्षा चुनौतियों, ड्रोन , हाइपरसोनिक मिसाइलों और साइबर खतरों पर चर्चा हुई।
नौसेना ने आधिकारिक बयान में कहा — भारतीय नौसेना 'कभी भी, कहीं भी' राष्ट्रीय समुद्री हितों की रक्षा के लिए तैयार है।
एडमिरल त्रिपाठी 31 मई 2025 को नौसेना की कमान अपने उत्तराधिकारी को सौंपेंगे।
PM मोदी ने नौसेना की तैयारियों की सराहना की और भविष्य की चुनौतियों के लिए पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।

भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने 29 मई 2025 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और उन्हें भारतीय नौसेना की ऑपरेशनल तैयारियों तथा हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में समग्र सुरक्षा स्थिति की विस्तृत जानकारी दी। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब एडमिरल त्रिपाठी 31 मई को नौसेना की कमान अपने उत्तराधिकारी को सौंपने वाले हैं।

बैठक में क्या हुई चर्चा

नौसेना के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, बैठक में समुद्री क्षेत्र में उभरती चुनौतियों और तेज़ी से बदलती प्रौद्योगिकी के प्रभाव पर विशेष चर्चा हुई। एडमिरल त्रिपाठी ने प्रधानमंत्री को नौसेना की वर्तमान क्षमताओं, आधुनिकीकरण कार्यक्रमों, स्वदेशी हथियार प्रणालियों के शामिल होने और हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों से अवगत कराया। इसमें ड्रोन, हाइपरसोनिक मिसाइलें और साइबर खतरों जैसी नई तकनीकी चुनौतियाँ भी शामिल थीं।

नौसेना की प्रतिबद्धता

नौसेना के आधिकारिक बयान में कहा गया, 'भारतीय नौसेना कभी भी, कहीं भी, किसी भी तरह से, अपने राष्ट्रीय समुद्री हितों की रक्षा करने के लिए तैयार है।' एडमिरल त्रिपाठी ने प्रधानमंत्री को बताया कि भारतीय नौसेना एक युद्ध के लिए तैयार, विश्वसनीय, सुसंगत, भविष्योन्मुखी और आत्मनिर्भर शक्ति के रूप में राष्ट्र के समुद्री हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

हिंद महासागर में बढ़ती चुनौतियाँ

यह बैठक इसलिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की गतिविधियाँ लगातार बढ़ रही हैं। व्यापार मार्गों की सुरक्षा और समुद्री सुरक्षा को लेकर क्षेत्रीय तनाव बढ़ा है। गौरतलब है कि भारत के लिए हिंद महासागर न केवल रणनीतिक दृष्टि से बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश का अधिकांश व्यापार इसी मार्ग से होता है।

आत्मनिर्भर नौसेना की दिशा में प्रगति

एडमिरल त्रिपाठी के नेतृत्व में भारतीय नौसेना ने 'आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्य को हासिल करने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। हाल के वर्षों में स्वदेशी युद्धपोतों, पनडुब्बियों और नौसैनिक विमानों के आधुनिकीकरण में तेज़ी आई है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर नौसेना की तैयारियों की सराहना की और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।

आगे क्या

31 मई 2025 को एडमिरल त्रिपाठी औपचारिक रूप से भारतीय नौसेना की कमान अपने उत्तराधिकारी को सौंपेंगे। यह सत्ता हस्तांतरण ऐसे समय में हो रहा है जब भारतीय नौसेना क्षेत्रीय और वैश्विक समुद्री सुरक्षा परिदृश्य में अपनी भूमिका को और सशक्त बना रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

नौसेना का 'आत्मनिर्भर' होने का दावा तभी मज़बूत माना जाएगा जब स्वदेशी प्रणालियाँ वास्तविक ऑपरेशनल परिस्थितियों में खरी उतरें। यह देखना होगा कि नए नौसेना प्रमुख इस विरासत को किस दिशा में आगे ले जाते हैं — विशेषकर तब, जब क्षेत्रीय समुद्री प्रतिस्पर्धा अपने चरम पर है।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एडमिरल दिनेश त्रिपाठी और PM मोदी की बैठक में क्या हुआ?
29 मई 2025 को हुई इस बैठक में एडमिरल त्रिपाठी ने PM मोदी को भारतीय नौसेना की ऑपरेशनल तैयारियों, हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति, आधुनिकीकरण कार्यक्रमों और ड्रोन व साइबर जैसी उभरती चुनौतियों की विस्तृत जानकारी दी। PM मोदी ने नौसेना की तैयारियों की सराहना की।
एडमिरल त्रिपाठी कब नौसेना की कमान सौंपेंगे?
एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी 31 मई 2025 को भारतीय नौसेना की कमान अपने उत्तराधिकारी को सौंपेंगे। PM मोदी से यह मुलाकात इसी कमान हस्तांतरण से ठीक पहले हुई।
हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के लिए क्या चुनौतियाँ हैं?
हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती नौसैनिक गतिविधियाँ, व्यापार मार्गों की सुरक्षा, समुद्री आतंकवाद, और ड्रोन व हाइपरसोनिक मिसाइलों जैसी नई तकनीकी चुनौतियाँ भारत के लिए प्रमुख सुरक्षा चिंताएँ हैं। इन्हीं विषयों पर बैठक में विशेष चर्चा हुई।
भारतीय नौसेना आत्मनिर्भरता के मामले में कहाँ खड़ी है?
एडमिरल त्रिपाठी के नेतृत्व में भारतीय नौसेना ने स्वदेशी युद्धपोतों, पनडुब्बियों और नौसैनिक विमानों के निर्माण में उल्लेखनीय प्रगति की है। नौसेना 'आत्मनिर्भर भारत' मिशन के तहत स्वदेशी हथियार प्रणालियों को तेज़ी से अपने बेड़े में शामिल कर रही है।
नौसेना प्रमुख ने PM मोदी को क्या आश्वासन दिया?
एडमिरल त्रिपाठी ने PM मोदी को बताया कि भारतीय नौसेना एक युद्ध के लिए तैयार, विश्वसनीय, भविष्योन्मुखी और आत्मनिर्भर शक्ति के रूप में राष्ट्र के समुद्री हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नौसेना के आधिकारिक बयान में कहा गया कि वह 'कभी भी, कहीं भी' राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने में सक्षम है।
राष्ट्र प्रेस
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