भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल स्वामीनाथन का ऑकलैंड में माओरी पोहिरी से भव्य स्वागत
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन का 14 सितंबर 2026 को ऑकलैंड स्थित एचएमएनजेडएस फिलोमेल नौसैनिक अड्डे पर पारंपरिक माओरी पोहिरी समारोह के साथ औपचारिक स्वागत किया गया। यह नौसैनिक अड्डा रॉयल न्यूजीलैंड नेवी के कर्मियों के लिए एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विशेष महत्व रखता है। यह यात्रा भारत और न्यूजीलैंड के बीच हाल ही में स्थापित स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को व्यावहारिक रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
माओरी पोहिरी: परंपरा और सम्मान का प्रतीक
पोहिरी न्यूजीलैंड की माओरी संस्कृति में गहराई से जुड़ा एक पारंपरिक स्वागत अनुष्ठान है, जिसे किसी विशिष्ट अतिथि के सम्मान में आयोजित किया जाता है। भारतीय नौसेना ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, 'परंपरा ने शब्दों से पहले अपनी बात कही। नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन का ऑकलैंड के डेवनपोर्ट नौसैनिक अड्डे पर पारंपरिक माओरी पोहिरी के साथ स्वागत किया गया। यह न्यूजीलैंड नौसेना की पहचान में गहराई से जुड़े सम्मान, आतिथ्य और स्वागत की भावना का एक शक्तिशाली प्रतीक है।' यह उस यात्रा की शुरुआत थी जो लंबे समय से चले आ रहे रिश्तों, आपसी सम्मान और साझा समुद्री परंपराओं पर आधारित बताई गई है।
उच्चायुक्त और कॉन्सुल जनरल से मुलाकात
अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान एडमिरल स्वामीनाथन ने न्यूजीलैंड में भारत की उच्चायुक्त मुआनपुई सैयावी और कॉन्सुल जनरल मदन मोहन सेठी से भी मुलाकात की। न्यूजीलैंड में भारतीय उच्चायोग ने अपनी एक्स पोस्ट में कहा कि यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंध और समुद्री सहयोग लगातार मजबूत हो रहे हैं। यह दौरा ऑस्ट्रेलिया में सफल बैठकों और कार्यक्रमों के बाद किया गया है।
मोदी की यात्रा के बाद नई ऊर्जा
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा जुलाई 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा के बाद दोनों देशों के संबंधों में आए नए उत्साह को आगे बढ़ाने वाली मानी जा रही है। मोदी की उस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान भारत और न्यूजीलैंड ने अपने संबंधों को स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा दिया था, और रक्षा, समुद्री सुरक्षा तथा कई अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी थी। गौरतलब है कि दोनों देश हाल ही में एक मैरीटाइम कोऑपरेशन अरेंजमेंट पर भी हस्ताक्षर कर चुके हैं, जो व्यावहारिक समुद्री सहयोग के लिए एक व्यापक ढाँचा प्रदान करता है।
नौसैनिक सहयोग: चर्चा के मुख्य बिंदु
रक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार, एडमिरल स्वामीनाथन रॉयल न्यूजीलैंड नेवी और न्यूजीलैंड रक्षा नेतृत्व के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत करेंगे। इन बैठकों में दोनों नौसेनाओं के बीच संचालन संबंधी सहयोग, सूचनाओं के आदान-प्रदान, प्रशिक्षण और पेशेवर आदान-प्रदान को और मजबूत करने पर विचार-विमर्श होगा। वे न्यूजीलैंड के महत्वपूर्ण नौसैनिक संचालन और प्रशिक्षण केंद्रों का भी दौरा करेंगे तथा सैन्य शिक्षा प्राप्त कर रहे अधिकारियों से मुलाकात करेंगे।
हिंद-प्रशांत में भारत की बढ़ती भूमिका
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह दौरा ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के साथ भारत के बढ़ते रक्षा और समुद्री सहयोग को रेखांकित करता है। मंत्रालय के अनुसार, इस तरह के सहयोग से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने में मदद मिलने की उम्मीद है। यह यात्रा संकेत देती है कि भारतीय नौसेना अपने इंडो-पैसिफिक साझेदारों के साथ संबंधों को सैद्धांतिक स्तर से व्यावहारिक सहयोग के स्तर पर ले जाने के लिए तेज़ी से आगे बढ़ रही है।