आईओएस सागर कोलंबो से कोच्चि रवाना, श्रीलंका नौसेना संग पैसेज एक्सरसाइज पूरी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय नौसेना का इंडियन ओशन शिप (आईओएस) सागर 18 मई 2025 को श्रीलंका की राजधानी कोलंबो से रवाना होकर कोच्चि की ओर बढ़ चुका है। यह युद्धपोत 15 मई को कोलंबो बंदरगाह पहुँचा था और तीन दिवसीय पोर्ट कॉल के बाद प्रस्थान से पूर्व श्रीलंका नौसेना के साथ एक महत्वपूर्ण सैन्य अभ्यास में भाग लिया। यह मिशन हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के 'महासागर' विजन — यानी पारस्परिक एवं समग्र सुरक्षा और विकास की सोच — को आगे बढ़ाने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।
पैसेज सैन्य अभ्यास का ब्यौरा
कोलंबो से प्रस्थान के तुरंत बाद आईओएस सागर ने श्रीलंका नौसेना के युद्धपोत नंदिमित्र के साथ पैसेज एक्सरसाइज संपन्न की। इस अभ्यास में सामरिक युद्धाभ्यास और संचार ड्रिल शामिल थीं, जिनका उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच तालमेल, समुद्री संचालन क्षमता और इंटरऑपरेबिलिटी को मज़बूत करना था। गौरतलब है कि श्रीलंकाई जलक्षेत्र में प्रवेश के समय भी श्रीलंका नौसेना के एक युद्धपोत ने आईओएस सागर को एस्कॉर्ट करते हुए बंदरगाह तक पहुँचाया था — जो दोनों देशों के बीच बढ़ते सामरिक समन्वय का प्रतीक है।
कोलंबो प्रवास: वार्ता और आउटरीच
तीन दिवसीय प्रवास के दौरान आईओएस सागर के कमांडिंग ऑफिसर ने श्रीलंका नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं। इन बैठकों में समुद्री सहयोग बढ़ाने, क्षेत्रीय सुरक्षा सुदृढ़ करने और हिंद महासागर में सुरक्षित समुद्री मार्ग सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई। भारतीय जहाज पर आयोजित डेक रिसेप्शन में नौसेना अधिकारियों, राजनयिकों और विशिष्ट अतिथियों ने भाग लिया, जिससे बहुराष्ट्रीय नौसैनिक दलों के बीच पेशेवर संबंध और मज़बूत हुए।
सांस्कृतिक और सामुदायिक जुड़ाव
आउटरीच गतिविधियों के तहत आईओएस सागर पर श्रीलंका नौसेना के अधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय स्कूली बच्चे और भारतीय समुदाय के लोग भी पहुँचे, जिन्होंने जहाज की परिचालन क्षमताओं और नौसैनिक जीवन को करीब से अनुभव किया। श्रीलंका नौसेना और आईओएस सागर के जवानों के बीच मैत्रीपूर्ण वॉलीबॉल मैच भी खेला गया। जहाज के बहुराष्ट्रीय दल ने गॉल और कैंडी शहरों का सांस्कृतिक दौरा कर श्रीलंका की समृद्ध विरासत को जाना।
बहुराष्ट्रीय मिशन का महत्व
उल्लेखनीय है कि आईओएस सागर पर केवल भारतीय नौसैनिक कर्मी नहीं, बल्कि 16 देशों के नौसैनिक कर्मी भी तैनात हैं। यह बहुराष्ट्रीय दल हिंद महासागर क्षेत्र में परिचालन तैनाती मिशन पर है, जो भारत की 'पड़ोसी प्रथम' और 'सागर' नीति की व्यावहारिक अभिव्यक्ति है। यह मिशन हिंद महासागर में साझेदार देशों के बीच समुद्री सहयोग, मित्रता और सामूहिक सुरक्षा को बढ़ावा देने की भारत की रणनीतिक प्रतिबद्धता का हिस्सा है। अब आईओएस सागर के कोच्चि पहुँचने के साथ इस महत्वपूर्ण तैनाती का अगला चरण शुरू होगा।