आईएनएस सुनयना चट्टोग्राम से रवाना, अगला पड़ाव कोलंबो; 16 देशों के नौसैनिक सवार

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आईएनएस सुनयना चट्टोग्राम से रवाना, अगला पड़ाव कोलंबो; 16 देशों के नौसैनिक सवार

सारांश

आईएनएस सुनयना बांग्लादेश के चट्टोग्राम से रवाना होकर अब कोलंबो की ओर बढ़ रहा है। 16 साझेदार देशों के नौसैनिकों को लेकर चल रही यह तैनाती हिंद महासागर में भारत की बहुपक्षीय समुद्री कूटनीति का ताज़ा अध्याय है।

मुख्य बातें

आईएनएस सुनयना (आईओएस सागर) 12 मई 2025 को बांग्लादेश के चट्टोग्राम बंदरगाह से रवाना हुआ।
पोत का अगला पड़ाव श्रीलंका का कोलंबो बंदरगाह होगा।
इस पर 16 साझेदार देशों के नौसैनिक कर्मी सवार हैं।
चट्टोग्राम से प्रस्थान के बाद बीएनएस प्रोतॉय के साथ समन्वित समुद्री संचालन और उन्नत सतही युद्धाभ्यास किया गया।
आईओएस सागर 8 मई 2025 को चट्टोग्राम पहुँचा था और बांग्लादेश नौसेना अकादमी का दौरा भी किया।

भारतीय नौसैनिक युद्धपोत आईएनएस सुनयना (आईओएस सागर) 12 मई 2025 को बांग्लादेश के चट्टोग्राम बंदरगाह से अपने अगले गंतव्य श्रीलंका के कोलंबो की ओर रवाना हो गया। यह पोत 'इंडियन ओशन शिप (आईओएस) सागर' पहल के तहत हिंद महासागर क्षेत्र में क्षेत्रीय तैनाती पर है, जिसमें 16 साझेदार देशों के नौसैनिक कर्मी सवार हैं।

चट्टोग्राम में क्या हुआ

आईओएस सागर 8 मई 2025 को बांग्लादेश के चट्टोग्राम पहुँचा था। स्वागत के लिए बांग्लादेश का नौसैनिक जहाज बीएनएस अली हैदर (एफ17) आया। तैनाती के दौरान आईओएस सागर के कमांडिंग ऑफिसर ने बांग्लादेश नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की, जिनमें बांग्लादेश नौसेना फ्लीट कमांडर और चट्टोग्राम नौसैनिक क्षेत्र के कमांडर शामिल रहे। बैठक में द्विपक्षीय समुद्री सहयोग और क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा को और मज़बूत बनाने पर चर्चा हुई।

संयुक्त समुद्री अभ्यास

चट्टोग्राम से प्रस्थान के बाद आईओएस सागर ने बांग्लादेश नौसेना के पोत बीएनएस प्रोतॉय और नौसेना के हवाई संसाधनों के साथ समुद्री अभ्यास किया। इस अभ्यास में समन्वित समुद्री संचालन और उन्नत सतही युद्धाभ्यास शामिल थे। अभ्यास का उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच संचालन क्षमता और तालमेल को बेहतर बनाना था।

सांस्कृतिक और पेशेवर कार्यक्रम

भारतीय युद्धपोत पर एक विशेष स्वागत समारोह आयोजित किया गया, जिसमें बांग्लादेश नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। दोनों नौसेनाओं के बीच क्रॉस-डेक विजिट और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान जैसे पेशेवर कार्यक्रम हुए। आईओएस सागर के चालक दल ने बांग्लादेश नौसैनिक अकादमी का भी दौरा किया, जहाँ अधिकारियों ने कैडेटों और शिक्षकों के साथ संवाद किया। मैत्रीपूर्ण खेल प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के ज़रिए दोनों नौसेनाओं के बीच आपसी समझ को और पुख्ता किया गया।

आईओएस सागर पहल का महत्व

यह यात्रा हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समुद्री सुरक्षा बनाए रखने के लिए भारत और बांग्लादेश की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। गौरतलब है कि आईओएस सागर पहल भारतीय नौसेना की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत हिंद महासागर के तटीय देशों के साथ समुद्री सहयोग को संस्थागत रूप दिया जा रहा है। 16 साझेदार देशों के कर्मियों की उपस्थिति इस पहल की बहुपक्षीय प्रकृति को दर्शाती है।

आगे का सफर

अब आईओएस सागर का अगला पड़ाव श्रीलंका का कोलंबो बंदरगाह होगा, जहाँ इसी तरह के द्विपक्षीय समुद्री सहयोग कार्यक्रमों की उम्मीद है। क्षेत्रीय तैनाती जारी रहने के साथ यह पहल हिंद महासागर में भारत की बढ़ती समुद्री उपस्थिति और कूटनीतिक सक्रियता का प्रतीक बनती जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो ऐसे समय में आई है जब चीन की नौसैनिक उपस्थिति इस क्षेत्र में लगातार बढ़ रही है। 16 साझेदार देशों के कर्मियों को एक ही पोत पर तैनात करना भारत की 'नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर' भूमिका को व्यावहारिक रूप देता है। बांग्लादेश के साथ संयुक्त अभ्यास और अकादमी दौरे यह भी दर्शाते हैं कि भारत पड़ोसी देशों की नौसैनिक क्षमता निर्माण में निवेश कर रहा है — जो दीर्घकालिक क्षेत्रीय स्थिरता की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। अब असली कसौटी यह होगी कि कोलंबो और आगे के पड़ावों पर यह पहल कितनी ठोस संचालन साझेदारियों में तब्दील होती है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईएनएस सुनयना (आईओएस सागर) क्या है और इसका मिशन क्या है?
आईएनएस सुनयना भारतीय नौसेना का युद्धपोत है जो 'इंडियन ओशन शिप (आईओएस) सागर' पहल के तहत हिंद महासागर क्षेत्र में क्षेत्रीय तैनाती पर है। इस पहल का उद्देश्य हिंद महासागर के तटीय देशों के साथ समुद्री सहयोग, संचालन क्षमता और क्षेत्रीय सुरक्षा को मज़बूत करना है।
आईओएस सागर पर कितने और कौन से देशों के नौसैनिक सवार हैं?
इस पोत पर 16 साझेदार देशों के नौसैनिक कर्मी सवार हैं। इन कर्मियों के साथ मिलकर आईओएस सागर अपनी क्षेत्रीय तैनाती जारी रखे हुए है।
बांग्लादेश में आईओएस सागर ने क्या गतिविधियाँ कीं?
8 मई से 12 मई 2025 के बीच चट्टोग्राम में आईओएस सागर ने बांग्लादेश नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की, बीएनएस प्रोतॉय के साथ संयुक्त समुद्री अभ्यास किया और बांग्लादेश नौसैनिक अकादमी का दौरा किया। इसके अलावा क्रॉस-डेक विजिट, सांस्कृतिक कार्यक्रम और खेल प्रतियोगिताएँ भी आयोजित की गईं।
आईओएस सागर का अगला पड़ाव कहाँ है?
चट्टोग्राम से रवाना होने के बाद आईओएस सागर का अगला पड़ाव श्रीलंका का कोलंबो बंदरगाह है। वहाँ भी इसी तरह के द्विपक्षीय समुद्री सहयोग कार्यक्रमों की उम्मीद है।
यह तैनाती भारत-बांग्लादेश संबंधों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
यह यात्रा हिंद महासागर में शांति, स्थिरता और समुद्री सुरक्षा के प्रति दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है। संयुक्त अभ्यास और पेशेवर आदान-प्रदान दोनों नौसेनाओं के बीच संचालन क्षमता और द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करते हैं।
राष्ट्र प्रेस