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आईएनएस सुनयना 29 अप्रैल को चांगी नेवल बेस से रवाना, 'महासागर' विजन के तहत 16 देशों के नौसैनिक साथ

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आईएनएस सुनयना 29 अप्रैल को चांगी नेवल बेस से रवाना, 'महासागर' विजन के तहत 16 देशों के नौसैनिक साथ

सारांश

आईएनएस सुनयना का सिंगापुर दौरा महज एक नौसैनिक भ्रमण नहीं — यह भारत के 'महासागर' विजन की जीती-जागती तस्वीर है। 16 मित्र देशों के नौसैनिकों के साथ चल रहा यह बहुराष्ट्रीय मिशन हिंद महासागर में भारत की बढ़ती समुद्री कूटनीति और क्षेत्रीय नेतृत्व की भूमिका को रेखांकित करता है।

मुख्य बातें

आईएनएस सुनयना 29 अप्रैल को सिंगापुर के चांगी नेवल बेस से अगले मिशन पर रवाना होगा।
यह भारत के 'महासागर' विजन के तहत चल रहे अभियान का चौथा पड़ाव है; इससे पहले माले, फुकेत और जकार्ता का दौरा हो चुका है।
जहाज पर भारतीय नौसैनिकों के साथ 16 मित्र देशों के नौसैनिक भी सवार हैं।
सिंगापुर में भारत के उच्चायुक्त डॉ.
शिल्पक अंबुले ने जहाज का दौरा किया और क्रू से मुलाकात की।
कमांडर सिद्धार्थ चौधरी ने क्रांजी वॉर मेमोरियल पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
27 अप्रैल को 'वन ओशन, वन मिशन' थीम पर विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ।

भारतीय नौसेना का जहाज आईएनएस सुनयना (IOS सागर) 29 अप्रैल को सिंगापुर के चांगी नेवल बेस से अपने अगले मिशन पर रवाना होगा। यह जहाज 26 अप्रैल को सिंगापुर पहुँचा था और यह इस अभियान का चौथा पड़ाव है। भारत के 'महासागर' विजन के तहत चल रहा यह मिशन हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा, सहयोग और आपसी विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित है।

मिशन का विस्तार और पड़ाव

इस अभियान के अंतर्गत आईएनएस सुनयना अब तक माले, फुकेत और जकार्ता का दौरा कर चुका है। सिंगापुर इस यात्रा का चौथा और महत्वपूर्ण पड़ाव है। इस नौसैनिक जहाज की सबसे उल्लेखनीय विशेषता यह है कि इसमें भारतीय नौसैनिकों के साथ-साथ 16 मित्र देशों के नौसैनिक भी शामिल हैं, जिससे यह एक वास्तविक बहुराष्ट्रीय मिशन बन गया है।

सिंगापुर में स्वागत और राजनयिक गतिविधियाँ

सिंगापुर पहुँचने पर जहाज का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। सिंगापुर में भारत के उच्चायुक्त डॉ. शिल्पक अंबुले जहाज पर पहुँचे और पूरे क्रू से मिले। उन्होंने नौसैनिकों के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मिशन देशों के बीच संबंधों को और मज़बूत बनाते हैं। आईएनएस सुनयना के कमांडिंग ऑफिसर कमांडर सिद्धार्थ चौधरी ने क्रांजी वॉर मेमोरियल जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

जन-जागरूकता और 'वन ओशन, वन मिशन' कार्यक्रम

इस दौरान जहाज को आम जनता के लिए भी खोला गया, जहाँ स्कूली बच्चे, सोशल मीडिया से जुड़े लोग और अन्य नागरिक आए और समुद्री जीवन को करीब से समझा। 27 अप्रैल को एक विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें जहाज के क्रू और सिंगापुर में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों ने 'वन ओशन, वन मिशन' थीम के अंतर्गत हिस्सा लिया। इस आयोजन का उद्देश्य समुद्र और समुद्री सुरक्षा के महत्व के प्रति जागरूकता फैलाना था।

सिंगापुर नौसेना के साथ संयुक्त गतिविधियाँ

क्रू ने सिंगापुर नेवी के साथ कई गतिविधियों में भाग लिया, जिनमें ट्रेनिंग सिमुलेटर का अवलोकन, इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर का दौरा और नेवी म्यूजियम की यात्रा शामिल रही। इसके अतिरिक्त जहाज पर योग सत्र, थिंक टैंक के साथ विचार-विमर्श और एक औपचारिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।

रणनीतिक महत्व

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह दौरा केवल एक नौसैनिक भ्रमण नहीं है — बल्कि इसके ज़रिए भारत अपने मित्र राष्ट्रों के साथ संबंधों को सुदृढ़ कर रहा है और हिंद महासागर क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा को बढ़ावा देने का संदेश दे रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सहयोग की रणनीतिक अहमियत लगातार बढ़ रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि कूटनीतिक सेतु भी बन रही है। 16 देशों के नौसैनिकों को एक ही जहाज पर साथ लाना तकनीकी तालमेल से कहीं आगे, साझा समुद्री संस्कृति निर्माण का प्रयास है। गौरतलब है कि हिंद-प्रशांत में चीन की बढ़ती नौसैनिक उपस्थिति के बीच यह दौरा भारत के क्षेत्रीय नेतृत्व के दावे को व्यावहारिक रूप देता है। हालाँकि असली परीक्षा यह होगी कि ये संबंध केवल सद्भावना यात्राओं तक सीमित रहते हैं या संकट के समय ठोस सहयोग में बदलते हैं।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईएनएस सुनयना का 'महासागर' विजन मिशन क्या है?
आईएनएस सुनयना भारत के 'महासागर' विजन के तहत हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा, सहयोग और आपसी विकास को बढ़ावा देने के लिए संचालित एक बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभियान पर है। इसमें भारतीय नौसैनिकों के साथ 16 मित्र देशों के नौसैनिक भी शामिल हैं।
आईएनएस सुनयना सिंगापुर से कब रवाना होगा?
आईएनएस सुनयना 29 अप्रैल को सिंगापुर के चांगी नेवल बेस से अपने अगले मिशन के लिए रवाना होगा। यह जहाज 26 अप्रैल को सिंगापुर पहुँचा था।
इस मिशन में अब तक कौन-कौन से देशों का दौरा हो चुका है?
सिंगापुर से पहले आईएनएस सुनयना माले (मालदीव), फुकेत (थाईलैंड) और जकार्ता (इंडोनेशिया) का दौरा कर चुका है। सिंगापुर इस अभियान का चौथा पड़ाव है।
सिंगापुर में भारतीय नौसेना ने कौन-सी गतिविधियाँ कीं?
सिंगापुर में क्रू ने सिंगापुर नेवी के ट्रेनिंग सिमुलेटर, इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर और नेवी म्यूजियम का दौरा किया। इसके अलावा 'वन ओशन, वन मिशन' थीम पर एक विशेष कार्यक्रम, योग सत्र और थिंक टैंक के साथ चर्चा भी आयोजित हुई।
इस मिशन का रणनीतिक महत्व क्या है?
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यह मिशन भारत को हिंद महासागर क्षेत्र में मित्र राष्ट्रों के साथ संबंध मज़बूत करने और समुद्री शांति व सुरक्षा का संदेश देने का अवसर प्रदान करता है। 16 देशों के नौसैनिकों की साझेदारी इसे विशेष रूप से महत्वपूर्ण बनाती है।
राष्ट्र प्रेस
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