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आईएनएस 'सुदर्शनी': भारतीय नौसेना का विशेष पोत स्पेन की तरफ बढ़ा

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आईएनएस 'सुदर्शनी': भारतीय नौसेना का विशेष पोत स्पेन की तरफ बढ़ा

सारांश

भारतीय नौसेना का सेल ट्रेनिंग शिप आईएनएस 'सुदर्शनी' स्पेन के लास पाल्मास के लिए प्रस्थान कर चुका है। यह यात्रा भारत-मोरक्को समुद्री साझेदारी को मजबूत करते हुए एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्य बातें

आईएनएस 'सुदर्शनी' स्पेन के लास पाल्मास की ओर बढ़ रहा है।
यह यात्रा भारत-मोरक्को समुद्री साझेदारी को मजबूत करती है।
सफर में 13 देशों के 18 बंदरगाहों पर जाने की योजना है।
यह अभियान वसुधैव कुटुम्बकम के सिद्धांत पर आधारित है।
आईएनएस 'सुदर्शनी' 10 महीने की यात्रा पर है।

नई दिल्ली, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय नौसेना का सेल ट्रेनिंग शिप आईएनएस 'सुदर्शनी' स्पेन के लास पाल्मास की तरफ बढ़ रहा है। यह भारतीय नौसेना का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पोत है। तीन मस्तूलों वाला यह नौसैनिक बार्क आईएनएस सुदर्शनी अपने पाल के माध्यम से समुद्री यात्रा कर रहा है।

यह पोत समुद्र में लगभग 22,000 नॉटिकल मील की यात्रा पर निकल चुका है। स्पेन की दिशा में आगे बढ़ने से पहले, आईएनएस सुदर्शनी मोरक्को के कैसाब्लांका पहुंचा था, जहां इसने अपनी सफल और उपयोगी बंदरगाह यात्रा पूरी की।

यह यात्रा मौजूदा 'लोकयान 26' तैनाती का हिस्सा है, जो भारत-मोरक्को समुद्री साझेदारी को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

महत्वपूर्ण है कि आईएनएस सुदर्शनी 20 जनवरी को कोच्चि स्थित नौसैनिक अड्डे से प्रस्थान किया था। यह अभियान महासागरों के पार सहयोग, विश्वास और मित्रता के पुल का निर्माण करने का संदेश लेकर चल रहा है। अभियान की भावना 'वसुधैव कुटुम्बकम' और विजन 'महासागर' से प्रेरित है।

यह सुदर्शनी लगभग 10 महीने लंबी यात्रा पर है और इस दौरान यह कुल 13 देशों के 18 विदेशी बंदरगाहों पर अपना ठिकाना बनाएगा। मोरक्को में बंदरगाह यात्रा के दौरान, आईएनएस सुदर्शनी के कमांडिंग ऑफिसर ने वरिष्ठ नौसेना अधिकारियों के साथ पेशेवर बातचीत की, जिसमें मुख्य रूप से प्रशिक्षण आदान-प्रदान और समुद्री सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया गया।

मोरक्को में 'लोकयान' के मूल भाव को सक्रिय प्रशिक्षण गतिविधियों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। 'क्रॉस डेक' दौरों और मैत्रीपूर्ण खेल प्रतियोगिताओं के दौरान, रॉयल मोरक्कन नेवल स्कूल के कैडेटों के साथ बातचीत की गई।

राजनयिक संबंधों को और बढ़ाते हुए, आईएनएस सुदर्शनी पर एक स्वागत समारोह आयोजित किया गया, जिसका जवाब रॉयल मोरक्कन नौसेना ने एक दोपहर के भोज के माध्यम से दिया, जिससे पेशेवर और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूती मिली।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा साझा समुद्री हितों और रणनीतिक तालमेल से प्रेरित दोनों देशों के बीच गहरे होते समुद्री संबंधों की पुनः पुष्टि करती है। आईएनएस सुदर्शनी अब 'वसुधैव कुटुंबकम' और समुद्र के पार सद्भावना का संदेश लेकर स्पेन के लास पाल्मास की ओर बढ़ चुका है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईएनएस 'सुदर्शनी' का मुख्य उद्देश्य क्या है?
आईएनएस 'सुदर्शनी' का मुख्य उद्देश्य भारत-मोरक्को समुद्री साझेदारी को मजबूत करना और समुद्री सहयोग को बढ़ावा देना है।
इस यात्रा की अवधि कितनी है?
यह यात्रा लगभग 10 महीने लंबी है।
आईएनएस 'सुदर्शनी' कितने देशों के बंदरगाहों पर जाएगी?
यह पोत कुल 13 देशों के 18 विदेशी बंदरगाहों पर जाएगा।
आईएनएस 'सुदर्शनी' कब रवाना हुआ था?
यह पोत 20 जनवरी को कोच्चि स्थित नौसैनिक अड्डे से रवाना हुआ था।
इस यात्रा का महत्व क्या है?
यह यात्रा दोनों देशों के समुद्री संबंधों को गहरा करने और समुद्री सहयोग को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
राष्ट्र प्रेस
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