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ऐतिहासिक! आईएनएस सुदर्शनी स्पेन पहुंचा, 22,000 नॉटिकल मील की महायात्रा जारी

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ऐतिहासिक! आईएनएस सुदर्शनी स्पेन पहुंचा, 22,000 नॉटिकल मील की महायात्रा जारी

सारांश

भारतीय नौसेना का तीन मस्तूलों वाला पाल-पोत आईएनएस सुदर्शनी स्पेन के लास पाल्मास पहुंचा — यह कैनरी द्वीप समूह में किसी भारतीय नौसैनिक पोत की पहली यात्रा है। 'लोकयान 26' के तहत 22,000 नॉटिकल मील, 13 देश और अमेरिका के 'सेल 250' में भागीदारी की योजना।

मुख्य बातें

आईएनएस सुदर्शनी स्पेन के लास पाल्मास (कैनरी द्वीप समूह) पहुंचा — यह किसी भारतीय नौसैनिक पोत की इस द्वीप समूह की पहली यात्रा है।
यह पोत 22,000 नॉटिकल मील से अधिक की यात्रा पर है और 20 जनवरी 2026 को कोच्चि से रवाना हुआ था।
' लोकयान 26' अभियान के तहत यह 13 देशों के 18 विदेशी बंदरगाहों का सफर तय करेगा।
अब तक ओमान, मिस्र, माल्टा, फ्रांस, मोरक्को के बंदरगाहों पर यात्रा संपन्न हो चुकी है।
अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित 'सेल 250' कार्यक्रमों में भाग लेने की योजना है।
स्पेन में भारतीय और स्पेनिश नौसेना अधिकारियों के बीच वार्ता होगी और पोत स्थानीय समुदाय के लिए खुला रहेगा।

कोच्चि से स्पेन तक: आईएनएस सुदर्शनी की ऐतिहासिक उपस्थिति

नई दिल्ली, 24 अप्रैल: भारतीय नौसेना का प्रतिष्ठित तीन मस्तूलों वाला पाल-पोत आईएनएस सुदर्शनी स्पेन के लास पाल्मास (कैनरी द्वीप समूह) में लंगर डाल चुका है। यह 22,000 नॉटिकल मील से अधिक की विशाल समुद्री यात्रा का हिस्सा है, जो 'लोकयान 26' तैनाती के अंतर्गत संचालित हो रही है। खास बात यह है कि यह किसी भी भारतीय नौसैनिक पोत की कैनरी द्वीप समूह की पहली यात्रा है — एक ऐसा कीर्तिमान जो भारत की बढ़ती समुद्री उपस्थिति को रेखांकित करता है।

'वसुधैव कुटुम्बकम्' का समुद्री संदेश

आईएनएस सुदर्शनी महज एक प्रशिक्षण पोत नहीं है — यह भारत की कूटनीतिक और सांस्कृतिक शक्ति का प्रतीक बन चुका है। 'विजन महासागर' और 'वसुधैव कुटुम्बकम्' की भावना से प्रेरित इस अभियान का उद्देश्य महासागरों के पार मित्रता और विश्वास के सेतु निर्माण करना है।

यह पोत 20 जनवरी 2026 को कोच्चि स्थित नौसैनिक अड्डे से रवाना हुआ था। अब तक यह ओमान, मिस्र, माल्टा, फ्रांस और मोरक्को के बंदरगाहों पर सफलतापूर्वक यात्रा कर चुका है। स्पेन से पहले मोरक्को के कैसाब्लांका में इसने भारत-मोरक्को समुद्री साझेदारी को मजबूती देने वाली यात्रा संपन्न की।

लास पाल्मास में रणनीतिक पड़ाव का महत्व

कैनरी द्वीप समूह का यह पड़ाव केवल भौगोलिक दृष्टि से नहीं बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह स्थान अटलांटिक महासागर पार करने से पहले का अंतिम प्रमुख विराम बिंदु है। यहां आईएनएस सुदर्शनी के कमांडिंग ऑफिसर स्पेनिश नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण वार्ता करेंगे।

जन-संपर्क और सांस्कृतिक कूटनीति के तहत यह पोत स्थानीय स्पेनिश नागरिकों और भारतीय प्रवासी समुदाय के लिए भी खुला रहेगा। यह दौरा भारतीय नौसेना और स्पेनिश नौसेना के बीच बढ़ते समुद्री सहयोग को और सुदृढ़ करेगा।

13 देश, 18 बंदरगाह और 'सेल 250' में भागीदारी

आईएनएस सुदर्शनी की यह यात्रा लगभग 10 महीने लंबी है। इस दौरान यह 13 देशों के 18 विदेशी बंदरगाहों का सफर तय करेगा। सबसे महत्वाकांक्षी पड़ाव होगा — संयुक्त राज्य अमेरिका, जहां देश के 250वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित 'सेल 250' स्मारक कार्यक्रमों में यह पोत भाग लेगा। यह भारत-अमेरिका संबंधों की गहराती मित्रता का भी प्रतीक होगा।

भारत की बढ़ती समुद्री शक्ति का संकेत

विश्लेषकों की नजर में 'लोकयान 26' अभियान केवल नौसैनिक प्रशिक्षण नहीं है — यह भारत की इंडो-पैसिफिक से अटलांटिक तक फैलती रणनीतिक उपस्थिति का प्रत्यक्ष प्रमाण है। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में भारतीय नौसेना ने अपने समुद्री कूटनीतिक अभियानों में उल्लेखनीय विस्तार किया है। आईएनएस सुदर्शनी जैसे पाल-पोत की उपस्थिति उन क्षेत्रों में भारत का परचम लहराती है जहां पहले कभी तिरंगा नहीं पहुंचा था।

आने वाले महीनों में जब आईएनएस सुदर्शनी अटलांटिक पार कर अमेरिका के तटों पर पहुंचेगा, तो यह भारत की नौसैनिक कूटनीति का एक और स्वर्णिम अध्याय लिखेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह संदेश देता है कि भारतीय नौसेना अब केवल हिंद महासागर तक सीमित नहीं। 'सेल 250' में भागीदारी अमेरिका के साथ रणनीतिक संबंधों को नई ऊंचाई देगी। मुख्यधारा की कवरेज इसे 'प्रशिक्षण यात्रा' कहकर सीमित कर देती है, लेकिन असल में यह भारत की समुद्री कूटनीति का सबसे विस्तृत और महत्वाकांक्षी प्रदर्शन है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईएनएस सुदर्शनी क्या है और यह स्पेन क्यों गया है?
आईएनएस सुदर्शनी भारतीय नौसेना का तीन मस्तूलों वाला पाल-प्रशिक्षण पोत है। यह 'लोकयान 26' अभियान के तहत 22,000 नॉटिकल मील की यात्रा पर है और स्पेन के लास पाल्मास में रणनीतिक पड़ाव के लिए पहुंचा है।
आईएनएस सुदर्शनी की यात्रा कब शुरू हुई और कितने देशों में जाएगा?
यह पोत 20 जनवरी 2026 को कोच्चि से रवाना हुआ था। यह लगभग 10 महीने की यात्रा में 13 देशों के 18 विदेशी बंदरगाहों का सफर तय करेगा।
कैनरी द्वीप समूह में भारतीय नौसेना की यह यात्रा ऐतिहासिक क्यों है?
यह पहली बार है जब कोई भारतीय नौसैनिक पोत स्पेन के कैनरी द्वीप समूह में पहुंचा है। यह पड़ाव अटलांटिक पार यात्रा से पहले रणनीतिक विराम का काम करता है।
आईएनएस सुदर्शनी 'सेल 250' कार्यक्रम में कैसे भाग लेगा?
अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित 'सेल 250' स्मारक कार्यक्रमों में आईएनएस सुदर्शनी अटलांटिक पार कर अमेरिका के विभिन्न बंदरगाहों पर भाग लेगा।
लोकयान 26 अभियान का उद्देश्य क्या है?
'लोकयान 26' भारतीय नौसेना का एक कूटनीतिक-प्रशिक्षण अभियान है जो 'वसुधैव कुटुम्बकम्' और 'विजन महासागर' की भावना से प्रेरित है। इसका लक्ष्य समुद्री मित्रता, द्विपक्षीय सहयोग और भारत की वैश्विक नौसैनिक उपस्थिति को मजबूत करना है।
राष्ट्र प्रेस
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