दिल्ली में भीषण गर्मी: CM रेखा गुप्ता का बड़ा फैसला, स्कूलों को 2 मई तक देनी होगी हीट वेव कंप्लायंस रिपोर्ट
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने 24 अप्रैल 2025 को सभी स्कूलों के लिए हीट वेव गाइडलाइन जारी की।
- सभी स्कूलों को 2 मई 2025 तक शिक्षा निदेशालय को IMD हीट वेव एक्शन प्लान की अनुपालन रिपोर्ट देनी होगी।
- हर 45 से 60 मिनट पर वाटर बेल बजाना और स्वच्छ ठंडे पानी की व्यवस्था अनिवार्य की गई।
- बच्चों को खुले में बैठाने और किसी भी आउटडोर स्पोर्ट्स एक्टिविटी पर पूर्ण प्रतिबंध।
- प्रत्येक स्कूल में नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा जो दिशानिर्देशों के पालन की निगरानी करेगा।
- अभिभावकों से अपील — बच्चों को हल्के कॉटन कपड़े पहनाएं और स्कूल व्हाट्सऐप ग्रुप से जुड़े रहें।
नई दिल्ली, 24 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भीषण गर्मी और हीट वेव के बढ़ते खतरे के बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी के सभी स्कूलों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने आदेश दिया है कि 2 मई 2025 तक प्रत्येक स्कूल को दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय को भारतीय मौसम विभाग (IMD) द्वारा तैयार हीट वेव एक्शन प्लान के अंतर्गत अपनी अनुपालन रिपोर्ट सौंपनी होगी। यह कदम उस वक्त उठाया गया है जब दिल्ली-NCR में तापमान 42-44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
स्कूलों के लिए जारी हुई सख्त गाइडलाइन
सीएम रेखा गुप्ता ने एक आधिकारिक वीडियो संदेश जारी कर विस्तृत दिशानिर्देश साझा किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर 45 से 60 मिनट के अंतराल पर स्कूलों में वाटर बेल बजाना अनिवार्य होगा, ताकि बच्चे नियमित रूप से पानी पी सकें और डिहाइड्रेशन से बचे रहें।
इसके अलावा प्रत्येक विद्यालय में स्वच्छ और ठंडे पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करना भी अनिवार्य किया गया है। बच्चों को धूप में या खुले मैदान में बैठाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही गर्मी के इस दौर में किसी भी प्रकार की आउटडोर स्पोर्ट्स एक्टिविटी आयोजित करने से भी स्कूलों को मना किया गया है।
नोडल अधिकारी की होगी जवाबदेही
दिशानिर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रत्येक स्कूल में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। यह अधिकारी यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होगा कि सभी निर्देशों का पालन सही ढंग से हो रहा है। यह व्यवस्था प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सीएम रेखा गुप्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई स्कूल निर्धारित समयसीमा तक अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करता है, तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी शिक्षा निदेशालय द्वारा की जाएगी।
अभिभावकों से की गई विशेष अपील
मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों को हल्के रंग के कॉटन कपड़े पहनाकर ही स्कूल भेजें। उन्होंने यह भी कहा कि माता-पिता बच्चों से रोज़ाना बातचीत करें और पूछें कि स्कूल में दिशानिर्देशों का पालन हो रहा है या नहीं।
यदि किसी स्कूल में नियमों का उल्लंघन हो रहा हो, तो अभिभावकों को तत्काल संबंधित स्कूल प्रशासन और जिलाधिकारी को सूचित करने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही स्कूल व्हाट्सऐप ग्रुप से जुड़े रहने की अपील की गई है, जहां मौसम विभाग की ताज़ा जानकारियां साझा की जाएंगी।
देशभर में हीट वेव से बढ़ती चिंता, दिल्ली का कदम अहम
गौरतलब है कि इस साल अप्रैल 2025 में उत्तर भारत में गर्मी ने कई दशकों के रिकॉर्ड तोड़े हैं। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा सहित कई राज्यों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है या उन्हें अस्थायी रूप से बंद किया गया है। IMD ने अप्रैल के अंत से मई के पहले सप्ताह तक रेड अलर्ट जारी किया है।
दिल्ली सरकार का यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राजधानी में 15 लाख से अधिक सरकारी और निजी स्कूली बच्चे हैं जो रोज़ाना गर्मी में आवागमन करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों में हीट स्ट्रोक का खतरा वयस्कों की तुलना में अधिक होता है क्योंकि उनकी शरीर की तापमान नियंत्रण प्रणाली पूरी तरह विकसित नहीं होती।
आने वाले दिनों में 2 मई की समयसीमा एक महत्वपूर्ण पड़ाव होगी — जब यह स्पष्ट होगा कि कितने स्कूलों ने अनुपालन रिपोर्ट दी और कितनों पर कार्रवाई हुई। इस पूरी प्रक्रिया से दिल्ली में बाल स्वास्थ्य सुरक्षा नीति की दिशा तय होगी।