आईएनएस सुनयना का माले पहुंचना: नौसेना की तैनाती का महत्वपूर्ण चरण
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय नौसेना का पोत आईएनएस सुनयना अब मालदीव के माले में पहुँच गया है। यह भारतीय समुद्री जहाज अपनी ऑपरेशनल तैनाती के पहले चरण के तहत माले में दाखिल हुआ है। यह महत्वपूर्ण यात्रा आईओएस सागर पहल के अंतर्गत की जा रही है।
यह ध्यान देने योग्य है कि इस भारतीय पोत पर 16 विभिन्न देशों के नौसैनिक उपस्थित हैं। इस बहुराष्ट्रीय दल के सदस्य मालदीव के सैनिक भी हैं। विभिन्न देशों के जवानों की यह उपस्थिति आपसी सहयोग और विश्वास का प्रतीक है। माले में भारतीय दल के आगमन पर मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। यह भारत और मालदीव के बीच मजबूत समुद्री साझेदारी और गहरे क्षेत्रीय संबंधों का परिचायक है।
माले की यात्रा के दौरान जहाज पर मौजूद अंतरराष्ट्रीय दल ने समुद्री कौशल, छोटे हथियारों के संचालन और क्षति नियंत्रण से संबंधित गहन प्रशिक्षण अभ्यास किए। समुद्र में संपन्न ये प्रशिक्षण सामूहिक तैयारी, परिचालन समन्वय और समुद्री सहयोग को मजबूती प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। नौसेना के अनुसार, यह तैनाती हिंद महासागर क्षेत्र में साझेदारी को सुदृढ़ करने का एक और प्रयास है। इसके साथ ही, यह यात्रा क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूती देने और क्षमता निर्माण बढ़ाने के लिए भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
जहाज के माले आगमन पर भारत के उच्चायुक्त जी बालासुब्रमणियन ने जहाज का दौरा किया और वहां उपस्थित बहुराष्ट्रीय दल के साथ संवाद किया। आईएनएस सुनयना की मालदीव में मौजूदगी के दौरान कई पेशेवर और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके साथ-साथ खेल गतिविधियों का आयोजन भी किया जाएगा, जिसका उद्देश्य आपसी सहयोग और मित्रता को प्रगाढ़ बनाना है। जहाज के प्रस्थान के समय मालदीव तटरक्षक बल के साथ एक नौसैनिक पासेज अभ्यास भी आयोजित किया जाएगा, जिससे दोनों देशों के बीच परिचालन समन्वय में सुधार होगा।
यह ध्यान देने योग्य है कि आईओएस सागर पहल के तहत 16 मित्र देशों के कर्मी इस भारतीय नौसैनिक जहाज पर तैनात हैं। मित्र देशों की उपस्थिति के साथ यह पोत दक्षिण-पूर्वी हिंद महासागर क्षेत्र में तैनात है। यह भारत की पड़ोसी प्रथम नीति, महासागर दृष्टि, क्षेत्रीय सुरक्षा और विकास के लिए साझा प्रगति को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण प्रयास है। इस पोत को 02 अप्रैल 2026 को मुंबई से रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया था।
यह पहल एक समुद्र, एक मिशन की भावना को साकार करते हुए भारत और उसके समुद्री पड़ोसी देशों के बीच विश्वास, सहयोग और सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।