एलेना रिबाकिना बनीं विश्व नंबर एक: यूएस ओपन जीतकर तोड़ी सबालेंका की 99 हफ्तों की बादशाहत
सारांश
मुख्य बातें
एलेना रिबाकिना ने 14 सितंबर 2026 को जारी साप्ताहिक डब्ल्यूटीए रैंकिंग में एरीना सबालेंका को पीछे छोड़ते हुए आधिकारिक तौर पर विश्व की नंबर एक महिला टेनिस खिलाड़ी का दर्जा हासिल कर लिया। इससे पहले यूएस ओपन के फाइनल में सबालेंका को 6-4, 5-7, 6-2 से हराकर उन्होंने अपना पहला यूएस ओपन खिताब जीता था। रिबाकिना सिंगल्स रैंकिंग में वर्ल्ड नंबर एक बनने वाली कजाकिस्तान की पहली खिलाड़ी — पुरुष या महिला — बन गई हैं।
शीर्ष स्थान तक का सफर
रिबाकिना का टॉप स्पॉट तब ही पक्का हो गया था जब उन्होंने यूएस ओपन के क्वार्टर फाइनल में किनवेन झेंग को हराया। पूरे सीजन में उनका प्रदर्शन असाधारण रहा — नॉर्थ अमेरिकन हार्ड-कोर्ट स्विंग पर उन्होंने कनाडा और सिनसिनाटी में उत्कृष्ट खेल दिखाया और अंततः न्यूयॉर्क में भी शानदार सफलता हासिल की। दूसरी ओर, सबालेंका का फॉर्म सीजन के बीच में कुछ समय के लिए लड़खड़ाया, जिसका फायदा रिबाकिना ने उठाया।
रिबाकिना की अप्रत्याशित तैयारी
खास बात यह रही कि रिबाकिना ने यूएस ओपन से पहले सात दिनों तक अपना रैकेट तक नहीं उठाया था। डब्ल्यूटीए के अनुसार, रिबाकिना ने कहा, 'किसी तरह, हम हर दिन कोई न कोई रास्ता खोजने की कोशिश कर रहे थे और उन चुनौतियों का सामना कर रहे थे जो हर सुबह मेरे सामने आती थीं। टूर्नामेंट से पहले सात दिनों तक मैंने अपने रैकेट को छुआ तक नहीं था।' उन्होंने आगे कहा, 'मैंने सिर्फ चार दिन प्रैक्टिस की थी। मुझे खुद पर पूरा भरोसा था और मैं अपनी टीम के साथ लगातार रणनीति पर चर्चा कर रही थी।'
रिबाकिना की ऐतिहासिक प्रतिक्रिया
नंबर एक की कुर्सी पक्की होने पर रिबाकिना ने भावुक होते हुए कहा, 'यह इतिहास है, और मुझे कजाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करने पर बहुत गर्व है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं प्रोफेशनल बनूंगी या इतने बड़े मंचों पर इस तरह के टूर्नामेंट खेलूंगी।' खिताब जीतने के बाद उन्होंने कहा, 'यह सच में अविश्वसनीय है। मुझे अभी भी यकीन नहीं हो रहा। मेरे पास शब्द नहीं हैं।'
सबालेंका का बड़े दिल से जवाब
एरीना सबालेंका ने यूएस ओपन फाइनल में हार के बाद भी खेल भावना का परिचय दिया। जब उन्हें बताया गया कि वह 99 हफ्तों तक विश्व नंबर एक रहीं, तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, 'देखते हैं कि क्या एलेना मुझे इसमें हरा सकती हैं। अगर वह इसी तरह खेलती रहीं, तो हाँ, मैं मुश्किल में पड़ सकती हूँ।'
ऐतिहासिक महत्व और आगे की राह
रिबाकिना की यह उपलब्धि कजाकिस्तान के टेनिस इतिहास में एक मील का पत्थर है। गौरतलब है कि यह महज रैंकिंग का बदलाव नहीं है — यह दर्शाता है कि एशिया-मध्य एशिया क्षेत्र से भी अब वैश्विक टेनिस के शिखर पर पहुँचा जा सकता है। महिला टेनिस में वर्चस्व की यह नई लड़ाई सीजन के शेष टूर्नामेंटों में और दिलचस्प होने की उम्मीद है, क्योंकि सबालेंका रैंकिंग शीर्ष पर वापसी के लिए बेताब होंगी।