11 अगस्त 2026
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नौसेना प्रमुख एडमिरल स्वामीनाथन की मॉरीशस यात्रा: समुद्री सुरक्षा व EEZ निगरानी पर अहम बातचीत

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नौसेना प्रमुख एडमिरल स्वामीनाथन की मॉरीशस यात्रा: समुद्री सुरक्षा व EEZ निगरानी पर अहम बातचीत

सारांश

भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन की मॉरीशस यात्रा महज़ शिष्टाचार भेंट नहीं — यह हिंद महासागर में भारत की सामरिक उपस्थिति को ज़मीनी स्तर पर मज़बूत करने की कोशिश है। EEZ निगरानी और तटरक्षक क्षमता वृद्धि पर ज़ोर यह बताता है कि भारत अपने 'महासागर' विजन को ठोस परिचालन रूप देने में जुटा है।

मुख्य बातें

एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन 11 से 13 अगस्त 2026 तक मॉरीशस की आधिकारिक यात्रा पर हैं।
उन्होंने मॉरीशस की गृह एवं रक्षा सचिव कान ओए फोंग वेंग-पूर्न , पुलिस आयुक्त रामप्रसाद सूरूजीबली और उच्चायुक्त अनुराग श्रीवास्तव से मुलाकात की।
बातचीत में मॉरीशस राष्ट्रीय तटरक्षक बल की क्षमता वृद्धि और EEZ की संयुक्त निगरानी पर फोकस रहा।
यह सहयोग भारत की 'महासागर' विजन — हिंद महासागर में सभी के लिए सुरक्षा और विकास — के अनुरूप है।
दोनों देशों के बीच समुद्री सूचना साझाकरण और संयुक्त अभियानों के विस्तार पर भी सहमति बनी।

भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन 11 अगस्त 2026 से मॉरीशस की आधिकारिक यात्रा पर हैं, जिसके दौरान उन्होंने हिंद महासागर में द्विपक्षीय समुद्री सुरक्षा सहयोग को नई दिशा देने के लिए मॉरीशस के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों से मुलाकात की। इस यात्रा का केंद्रीय उद्देश्य दोनों देशों के बीच समुद्री समन्वय को और अधिक प्रभावी बनाना है।

किन अधिकारियों से हुई मुलाकात

यात्रा के प्रारंभिक चरण में एडमिरल स्वामीनाथन ने मॉरीशस सरकार में गृह एवं रक्षा मामलों की सचिव कान ओए फोंग वेंग-पूर्न, मॉरीशस पुलिस बल के पुलिस आयुक्त रामप्रसाद सूरूजीबली और मॉरीशस में भारत के उच्चायुक्त अनुराग श्रीवास्तव से अलग-अलग बैठकें कीं। ये बैठकें समुद्री सहयोग के ठोस ढाँचे को विस्तार देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।

मुख्य चर्चा बिंदु

भारतीय नौसेना के अनुसार, बातचीत में मॉरीशस के राष्ट्रीय तटरक्षक बल की क्षमता बढ़ाने, दोनों देशों के विशेष आर्थिक क्षेत्रों (EEZ) की संयुक्त निगरानी, और समुद्री सुरक्षा बलों के बीच परिचालन संपर्क के विस्तार पर विशेष ज़ोर दिया गया। इसके साथ ही समुद्री क्षेत्र में सूचनाओं के आदान-प्रदान और संयुक्त अभियानों की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।

यह ऐसे समय में आया है जब हिंद महासागर क्षेत्र में अवैध मछली पकड़ने, तस्करी और अन्य गैर-पारंपरिक समुद्री खतरों में वृद्धि देखी जा रही है। दोनों पक्षों ने माना कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए बेहतर परिचालन समन्वय अनिवार्य है।

भारत-मॉरीशस समुद्री साझेदारी की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि भारत और मॉरीशस के बीच पहले से ही प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण, समुद्री निगरानी और संयुक्त गतिविधियों के क्षेत्र में सहयोग होता रहा है। मॉरीशस हिंद महासागर में रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान पर स्थित है, और उसके तटरक्षक बल को सशक्त करना भारत की व्यापक क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा नीति का अभिन्न हिस्सा है।

यह सहयोग भारत की 'महासागर' (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) विजन के अनुरूप है, जो हिंद महासागर में एक स्थिर और सुरक्षित समुद्री वातावरण सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

यात्रा का महत्व और आगे की राह

एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन 13 अगस्त 2026 तक मॉरीशस में रहेंगे। इस यात्रा को दोनों देशों के समुद्री सुरक्षा संबंधों को नई ऊँचाई देने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है। नई बातचीत के बाद दोनों देशों के समुद्री सुरक्षा तंत्र के बीच परिचालन संपर्क और साझा निगरानी तंत्र को और मज़बूत किए जाने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

'महासागर' विजन के तहत किए जा रहे इन द्विपक्षीय करारों की प्रभावशीलता तब तक सीमित रहेगी जब तक परिचालन डेटा-साझाकरण के लिए एक बाध्यकारी तकनीकी ढाँचा नहीं बनता — जो अभी तक सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन की मॉरीशस यात्रा का उद्देश्य क्या है?
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और मॉरीशस के बीच समुद्री सुरक्षा सहयोग को मज़बूत करना है। इसमें मॉरीशस के राष्ट्रीय तटरक्षक बल की क्षमता वृद्धि, EEZ की संयुक्त निगरानी और परिचालन संपर्क के विस्तार पर बातचीत शामिल है।
नौसेना प्रमुख ने मॉरीशस में किन अधिकारियों से मुलाकात की?
एडमिरल स्वामीनाथन ने मॉरीशस की गृह एवं रक्षा सचिव कान ओए फोंग वेंग-पूर्न, पुलिस आयुक्त रामप्रसाद सूरूजीबली और मॉरीशस में भारत के उच्चायुक्त अनुराग श्रीवास्तव से मुलाकात की। ये बैठकें यात्रा के प्रारंभिक चरण में हुईं।
भारत-मॉरीशस समुद्री सुरक्षा सहयोग क्यों महत्वपूर्ण है?
मॉरीशस हिंद महासागर में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान पर स्थित है, जो भारत की क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा नीति के लिए अहम है। दोनों देश हिंद महासागर में अवैध मछली पकड़ने, तस्करी और अन्य गैर-पारंपरिक खतरों से मिलकर निपटने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
भारत की 'महासागर' विजन क्या है और इस यात्रा से इसका क्या संबंध है?
'महासागर' का अर्थ है — हिंद महासागर क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास। एडमिरल स्वामीनाथन की यह यात्रा इसी विजन को व्यावहारिक रूप देने का प्रयास है, जिसमें पड़ोसी देशों के समुद्री बलों के साथ परिचालन सहयोग बढ़ाया जाता है।
एडमिरल स्वामीनाथन कब तक मॉरीशस में रहेंगे?
एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन 13 अगस्त 2026 तक मॉरीशस की आधिकारिक यात्रा पर हैं। यात्रा के दौरान और भी उच्चस्तरीय बैठकें होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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