विदेश मंत्री जयशंकर की मॉरिशस और यूएई यात्रा: शीर्ष नेताओं से महत्वपूर्ण बैठक

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विदेश मंत्री जयशंकर की मॉरिशस और यूएई यात्रा: शीर्ष नेताओं से महत्वपूर्ण बैठक

सारांश

विदेश मंत्री एस जयशंकर 9-12 अप्रैल को मॉरिशस और यूएई का दौरा करेंगे। इस यात्रा में वो द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करेंगे और हिंद महासागर सम्मेलन में भी भाग लेंगे। जानें, इस यात्रा के महत्व और उद्देश्यों के बारे में।

Key Takeaways

  • जयशंकर का दौरा 9-12 अप्रैल को है।
  • मॉरिशस में हिंद महासागर सम्मेलन में भाग लेंगे।
  • यूएई दौरे का उद्देश्य कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप को मजबूत करना है।
  • सम्मेलन का मुख्य विषय सामूहिक जिम्मेदारी है।
  • यह यात्रा क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

नई दिल्ली, ८ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। विदेश मंत्री एस जयशंकर ९-१२ अप्रैल के बीच मॉरिशस और यूएई के दौरे पर रहेंगे। पहले वो मॉरिशस का दौरा करेंगे और बाद में यूएई जाएंगे। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने बुधवार को इस यात्रा की जानकारी साझा की।

मॉरिशस में, जयशंकर ९वें इंडियन ओशन कॉन्फ्रेंस (हिंद महासागर सम्मेलन) में भाग लेंगे, जहां वो मॉरिशस के उच्चतम नेतृत्व से मिलकर द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा करेंगे।

विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, "एस जयशंकर इस सम्मेलन में अपने विचार साझा करेंगे, साथ ही विभिन्न देशों के अपने समकक्षों से मुलाकात करेंगे। यह सम्मेलन भारत की नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी, विजन महासागर और ग्लोबल साउथ के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।"

इसके बाद, ११ अप्रैल से विदेश मंत्री यूएई के दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर जाने वाले हैं, जहां वो वहाँ के शीर्ष नेतृत्व से मिलकर दोनों देशों के बीच सहयोग की समीक्षा करेंगे ताकि कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप को और अधिक मजबूती प्रदान की जा सके।

यह सम्मेलन मॉरिशस सरकार और विदेश मंत्रालय के सहयोग से नई दिल्ली स्थित इंडिया फाउंडेशन द्वारा आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन का मुख्य विषय “हिंद महासागर के सुशासन के लिए सामूहिक जिम्मेदारी” है, और इसका आयोजन १०-१२ अप्रैल तक होगा।

२०१६ से इस सम्मेलन का आयोजन हो रहा है। इसका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देना, समुद्री व्यापार को सुदृढ़ करना, आर्थिक सहयोग बढ़ाना, जलवायु परिवर्तन से निपटना और समुद्री संसाधनों के संरक्षण के लिए संयुक्त रणनीति तैयार करना है।

इंडिया फाउंडेशन के अनुसार, पिछले आठ वर्षों में यह सम्मेलन हिंद महासागर क्षेत्र के देशों के लिए साझा मुद्दों पर संवाद का एक प्रमुख मंच बन चुका है। यह सम्मेलन क्षेत्रीय सुरक्षा और विकास के लिए सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा करने हेतु साझेदार देशों को एक समान मंच प्रदान करता है।

विदेश मंत्री जयशंकर के यूएई दौरे की घोषणा यूएस और ईरान के बीच संघर्षविराम पर सहमति बनने के कुछ घंटे बाद की गई।

एक बयान में, एमईए ने दोहराया कि संघर्ष समाप्त करने के लिए संवाद और कूटनीति की आवश्यकता है। इसमें कहा गया कि पश्चिम एशिया संघर्ष ने लोगों को पीड़ित किया है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में बाधा उत्पन्न की है।

Point of View

बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा और विकास के लिए भी एक नए अध्याय की शुरुआत कर सकता है।
NationPress
16/04/2026

Frequently Asked Questions

विदेश मंत्री जयशंकर कब और कहाँ यात्रा करेंगे?
विदेश मंत्री एस जयशंकर 9-12 अप्रैल के बीच मॉरिशस और यूएई का दौरा करेंगे।
हिंद महासागर सम्मेलन का आयोजन कब हो रहा है?
हिंद महासागर सम्मेलन का आयोजन 10-12 अप्रैल तक होगा।
इस सम्मेलन का मुख्य विषय क्या है?
सम्मेलन का मुख्य विषय 'हिंद महासागर के सुशासन के लिए सामूहिक जिम्मेदारी' है।
विदेश मंत्री का यूएई दौरा क्यों महत्वपूर्ण है?
यूएई दौरा द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा और व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है।
इस यात्रा का क्या उद्देश्य है?
इस यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और क्षेत्रीय सुरक्षा और विकास को बढ़ावा देना है।
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