उभरते बाजारों के दिग्गज निवेशक मार्क मोबियस का 89 वर्ष की आयु में निधन
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नई दिल्ली, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उभरते बाजारों में निवेश के क्षेत्र के एक प्रमुख हस्ताक्षर और प्रतिष्ठित निवेशक मार्क मोबियस का 89 वर्ष की आयु में गुरुवार को निधन हो गया। उनके निधन ने वैश्विक निवेश समुदाय को एक गहरा आघात पहुंचाया है।
डॉ. मोबियस को 'उभरते बाजारों का इंडियाना जोन्स' कहा जाता था, क्योंकि वे किसी भी निवेश से पहले उन देशों में जाकर स्थानीय परिस्थितियों को समझने के प्रति दृढ़ विश्वास रखते थे। उनकी यह ऑन-ग्राउंड रिसर्च आधारित रणनीति उन्हें अन्य निवेशकों से अलग बनाती थी।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, डॉ. मोबियस को उभरते बाजारों में शुरुआती निवेशकों में से एक माना जाता था। उन्होंने उन क्षेत्रों में संभावनाएं खोजी, जिन्हें अक्सर बड़े निवेशक अनदेखा कर देते थे।
उनके निधन के पश्चात मोबियस इन्वेस्टमेंट्स में नेतृत्व की जिम्मेदारी अब साझेदार जॉन निनिया और एरिक गुयेन संभालेंगे। कंपनी ने यह स्पष्ट किया है कि निवेश की रणनीति और दैनिक गतिविधियों में कोई बदलाव नहीं होगा।
डॉ. मोबियस ने फ्रैंकलिन टेम्पलटन इन्वेस्टमेंट्स के साथ 30 से अधिक वर्षों तक कार्य किया और टेम्पलटन इमर्जिंग मार्केट्स ग्रुप के कार्यकारी चेयरमैन के रूप में अपनी पहचान बनाई। 1987 में प्रसिद्ध निवेशक सर जॉन टेम्पलटन ने उन्हें दुनिया के शुरुआती इमर्जिंग मार्केट फंड्स में से एक का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी थी।
उनके नेतृत्व में कंपनी की संपत्ति 100 मिलियन डॉलर से बढ़कर 50 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई। उन्होंने एशिया, लैटिन अमेरिका, अफ्रीका और पूर्वी यूरोप में कई सफल निवेश फंड्स की शुरुआत की।
डॉ. मोबियस ने वैश्विक नीतियों के निर्माण में भी योगदान दिया। वे विश्व बैंक के ग्लोबल कॉर्पोरेट गवर्नेंस फोरम से जुड़े रहे और 1999 में निवेशक उत्तरदायित्व कार्य बल के सह-अध्यक्ष के रूप में कार्य किया।
शिक्षा के क्षेत्र में भी उनका एक मजबूत आधार था। उन्होंने 1964 में मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इकोनॉमिक्स और पॉलिटिकल साइंस में पीएचडी की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने बोस्टन यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कॉन्सिन, सिरैक्यूज़ यूनिवर्सिटी, क्योटो यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी ऑफ़ न्यू मैक्सिको में भी अध्ययन किया है।