क्या भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत है? निवेशकों को संतुलित जोखिम रणनीतियों को प्राथमिकता देने का संदेश : एएमएफआई सीईओ

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क्या भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत है? निवेशकों को संतुलित जोखिम रणनीतियों को प्राथमिकता देने का संदेश : एएमएफआई सीईओ

सारांश

भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत बनी हुई है, और एएमएफआई के सीईओ वेंकट एन चलसानी ने निवेशकों को संतुलित जोखिम रणनीतियों को अपनाने की सलाह दी है। यह सकारात्मक बदलाव म्यूचुअल फंड उद्योग में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। जानें इस प्रवृत्ति के पीछे की कहानी।

मुख्य बातें

भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत है।
निवेशकों को संतुलित जोखिम रणनीतियों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
एसआईपी प्रवाह में लगातार वृद्धि हो रही है।
हाइब्रिड फंडों में सकारात्मक निवेश का संकेत है।
निवेशकों की जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

नई दिल्ली, 9 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वेंकट एन चलसानी ने बुधवार को कहा कि बाजार में उतार-चढ़ाव ने कुछ निवेशकों को सतर्क किया है, लेकिन इसके साथ ही हम हाइब्रिड और आर्बिट्रेज फंडों की ओर एक सकारात्मक बदलाव देख रहे हैं। यह प्रवृत्ति निवेशकों के परिपक्व व्यवहार को दर्शाती है, जो अनिश्चित समय में संतुलित जोखिम रणनीतियों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

म्यूचुअल फंड उद्योग के जून के आंकड़े साझा करते हुए उन्होंने बताया कि भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत बनी हुई है, और हम निवेशकों को उनके वित्तीय लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।

म्यूचुअल फंड उद्योग की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) पिछले महीने 74 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गई है, जो एक नया मील का पत्थर है। यह वृद्धि मजबूत खुदरा भागीदारी और एसआईपी प्रवाह में लगातार वृद्धि से प्रेरित है, जो इस महीने 27,269 करोड़ रुपये रहा।

योगदान देने वाले एसआईपी खातों की संख्या भी 8.64 करोड़ के सर्वकालिक उच्च स्तर को छू गई है, जो म्यूचुअल फंड में निवेशकों के बढ़ते विश्वास को रेखांकित करता है।

इक्विटी में 23,587 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है, जो लगातार 52वें महीने सकारात्मक निवेश का संकेत है।

चलसानी ने बताया कि मानकीकृत प्रकटीकरण प्रोटोकॉल और निवेशक शिक्षा की निरंतर पहल के साथ एक मजबूत म्यूचुअल फंड ढांचे की स्थापना पर जोर इंडस्ट्री के विकास और सफलता को गति प्रदान करेगा।

उन्होंने कहा, "हमारा ध्यान निवेशकों की जागरूकता बढ़ाने और बचतकर्ताओं को दीर्घकालिक धन सृजनकर्ता बनने में मदद करने पर केंद्रित है। भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत बनी हुई है और हम निवेशकों को अपने वित्तीय लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।"

जून में निवेशक गतिविधि में मजबूती बनी रही, सक्रिय इक्विटी और हाइब्रिड म्यूचुअल फंडों में निवेश में तेजी देखी गई।

केनरा रोबेको एएमसी के राष्ट्रीय प्रमुख (बिक्री एवं विपणन) गौरव गोयल ने कहा, "लार्ज-कैप, मिड-कैप, स्मॉल-कैप और लार्ज एवं मिड-कैप फंड जैसी अन्य श्रेणियों में भी प्रभावशाली शुद्ध निवेश दर्ज किया गया है, जो भारतीय बाजारों में निवेशकों के दीर्घकालिक विश्वास को दर्शाता है।"

हाइब्रिड फंडों में भी शानदार वृद्धि देखी गई है, शुद्ध निवेश 23,000 करोड़ रुपये को पार कर गया। आर्बिट्रेज फंडों का इसमें प्रमुख योगदान रहा, इसके बाद मल्टी-एसेट एलोकेशन और बैलेंस्ड एडवांटेज फंडों का स्थान रहा, जो विविध और संतुलित पोर्टफोलियो के प्रति निवेशकों की बढ़ती रुचि को दर्शाता है।

श्रीराम वेल्थ लिमिटेड के सीओओ और उत्पाद प्रमुख नवल कागलवाला ने निवेशकों को उनके रिस्क प्रोफाइल के अनुसार, विभिन्न श्रेणियों और परिसंपत्ति वर्गों में विविधता लाने और आवंटन करने का सुझाव दिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक सशक्त और स्थायी निवेश परिदृश्य की ओर अग्रसर हो रही है। यह न केवल व्यक्तिगत निवेशकों के लिए, बल्कि देश की आर्थिक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत की आर्थिक बुनियाद कितनी मजबूत है?
भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत बनी हुई है, जैसा कि एएमएफआई के सीईओ ने बताया है।
निवेशकों को किन रणनीतियों को अपनाना चाहिए?
निवेशकों को संतुलित जोखिम रणनीतियों को प्राथमिकता देने की सलाह दी जा रही है।
हाइब्रिड और आर्बिट्रेज फंडों में क्या वृद्धि हुई है?
हाइब्रिड और आर्बिट्रेज फंडों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है।
एसआईपी का प्रवाह कैसा है?
इस महीने एसआईपी प्रवाह 27,269 करोड़ रुपये रहा है, जो मजबूत खुदरा भागीदारी को दर्शाता है।
निवेशकों की जागरूकता कैसे बढ़ाई जा सकती है?
निवेशकों की जागरूकता बढ़ाने के लिए मानकीकृत प्रकटीकरण प्रोटोकॉल और शिक्षा की निरंतर पहल की आवश्यकता है।
राष्ट्र प्रेस
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