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क्या भारत एक उभरता हुआ बाजार है, चीन वृद्धि दर में मात नहीं दे सकता? : मार्क मोबियस

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क्या भारत एक उभरता हुआ बाजार है, चीन वृद्धि दर में मात नहीं दे सकता? : मार्क मोबियस

सारांश

मार्क मोबियस, एक अरबपति निवेशक, ने भारत की बढ़ती आर्थिक स्थिति पर जोर दिया है। उनका मानना है कि भारत की घरेलू मांग और सरकारी सुधार चीन की वृद्धि दर से आगे निकलने में मदद करेंगे। जानें इस निवेशक की भविष्यवाणियों के बारे में।

मुख्य बातें

भारत एक उभरता हुआ प्रमुख बाजार है।
मोबियस ने कहा कि भारत की घरेलू मांग मजबूत है।
अमेरिकी टैरिफ का प्रभाव सीमित होगा।
भारतीय उद्यमी समस्याओं का समाधान ढूंढने में सक्षम हैं।
भारत में अर्थव्यवस्था अच्छी स्थिति में है।

नई दिल्ली, 3 सितंबर (राष्ट्र प्रेस) अरबपति निवेशक मार्क मोबियस ने कहा है कि भारत एक उभरता हुआ प्रमुख बाजार है और चीन लंबे समय में भारत की वृद्धि दर में पीछे नहीं छोड़ सकता है।

मोबियस ने कहा कि भारतीय निर्यात पर अमेरिकी शुल्क और अल्पकालिक अस्थिरता के बावजूद, भारत अपनी मजबूत घरेलू मांग और सरकारी सुधार के कारण अन्य उभरते बाजारों पर अपनी बढ़त बनाए रखेगा।

मोबियस ने अपने पोर्टफोलियो का लगभग 20 प्रतिशत भारत में निवेश किया है।

इकोनॉमिक टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में, उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा निर्यात पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाने से फार्मा, जेम्स और परिधान जैसे क्षेत्र प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, उनका मानना है कि भारतीय व्यवसाय अफ्रीका जैसे अन्य बाजारों में मैन्युफैक्चरिंग को स्थानांतरित करके अनुकूलन कर सकते हैं।

मोबियस ने कहा, "भारतीय उद्यमी बहुत रचनात्मक हैं। मुझे लगता है कि वे इनमें से कुछ समस्याओं से निपटने में सक्षम होंगे।"

अमेरिकी टैरिफ के बारे में उन्होंने कहा, "निर्यात से आर्थिक विकास में ज्यादा से ज्यादा 0.5 प्रतिशत से 0.75 प्रतिशत की कमी आ सकती है। लेकिन भारत का घरेलू बाजार बहुत बड़ा है और अभी भी तेजी से बढ़ रहा है। अगर विकास दर का अनुमान 6 प्रतिशत से घटकर 5.5 प्रतिशत भी हो जाए, तो भी यह कोई बड़ी बात नहीं है।"

अरबपति निवेशक ने कहा कि अमेरिकी सरकार को रूस से तेल आयात के लिए भारत को अलग से ट्रीट नहीं करना चाहिए, उन्होंने बताया कि चीन भी इतनी ही मात्रा में तेल खरीद रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि बातचीत से इन मतभेदों को सुलझाया जा सकता है, खासकर जब वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें गिर गई हैं।

उन्होंने कमजोर रुपए को निर्यातकों के लिए सकारात्मक बताया और कहा कि सरकारी समर्थन इस झटके को कम करेंगे।

मोबियस ने कहा, "भारतीय बाजार स्वस्थ दिख रहा है। अर्थव्यवस्था अभी भी बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रही है। अंततः, भारत और अमेरिका एक समझौते पर पहुंचेंगे क्योंकि यह स्थिति लंबे समय तक नहीं चल सकती।"

इससे पहले दिग्गज निवेशक ने कहा था कि भारत में दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता है। भारत की जनसंख्या अब चीन से काफी ज्यादा है।

कुछ ही वर्षों में, भारत दुनिया की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। 2025 तक, कुल सकल घरेलू उत्पाद के मामले में भारत अमेरिका, चीन और जर्मनी से पीछे रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि भारत की आर्थिक वृद्धि की प्रवृत्ति केवल सकारात्मक संकेत दे रही है। मार्क मोबियस का दृष्टिकोण दर्शाता है कि भारतीय बाजार की संभावनाएं अद्वितीय हैं, और यह वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता रखता है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मार्क मोबियस कौन हैं?
मार्क मोबियस एक प्रसिद्ध अरबपति निवेशक हैं, जो अपने निवेश के लिए जाने जाते हैं।
भारत की आर्थिक स्थिति कैसी है?
भारत की आर्थिक स्थिति मजबूत है और यह विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में बढ़ रहा है।
चीन और भारत की वृद्धि दर में क्या अंतर है?
मार्क मोबियस के अनुसार, भारत की वृद्धि दर चीन से आगे निकलने की क्षमता रखती है।
राष्ट्र प्रेस
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