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क्या भारत के पास विशाल घरेलू बाजार है, अमेरिकी टैरिफ कोई बड़ी समस्या नहीं? : मार्क मोबियस

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क्या भारत के पास विशाल घरेलू बाजार है, अमेरिकी टैरिफ कोई बड़ी समस्या नहीं? : मार्क मोबियस

सारांश

क्या अमेरिका के नए टैरिफ भारत की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेंगे? मार्क मोबियस के अनुसार, भारत का विशाल घरेलू बाजार इसे इस चुनौती से निपटने में मदद करेगा। जानें इस विषय पर और क्या कहते हैं विशेषज्ञ।

मुख्य बातें

भारत का घरेलू बाजार बहुत बड़ा है।
टैरिफ भारत के लिए बड़ी समस्या नहीं हैं।
भारतीय सॉफ्टवेयर निर्यात अच्छा है।
भारत ने अमेरिका को 86.51 अरब डॉलर का निर्यात किया।
भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6-7 प्रतिशत है।

नई दिल्ली, 7 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। अरबपति निवेशक मार्क मोबियस ने गुरुवार को कहा कि भारत पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ का देश पर बहुत कम असर होगा, क्योंकि यहां विशाल घरेलू बाजार मौजूद है।

समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए दिग्गज निवेशक ने कहा कि भारत चीन की तरह पूरी तरह से निर्यात पर निर्भर नहीं है। इस कारण, देश अन्य अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले टैरिफ से निपटने के लिए एक बेहतर स्थिति में है।

उन्होंने आगे कहा, "भारत का घरेलू बाजार बहुत बड़ा है और वह चीन की तरह निर्यात पर निर्भर नहीं है। इसके अलावा, भारतीय सॉफ्टवेयर निर्यात भी अच्छा है और यह टैरिफ से बचाने में मदद करेगा।"

मोबियस ने राष्ट्र प्रेस से आगे कहा, "इसका सारांश यह है कि टैरिफ भारत के लिए बड़ी समस्या नहीं है।"

अमेरिका की ओर से दवाइयों और कुछ इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं जैसे स्मार्टफोन, सेमीकंडक्टर और ऊर्जा से जुड़े 30 अरब डॉलर से ज्यादा मूल्य के शिपमेंट को अभी तक हाई टैरिफ लिस्ट से बाहर रखा गया है। ट्रंप प्रशासन ने इन प्रमुख उद्योगों को अभी तक नए टैरिफ में शामिल नहीं किया है, जो अगले 21 दिनों में लागू होने वाले हैं।

इसके अलावा, भारत ने वित्त वर्ष 25 में क्रमशः 10.5 अरब डॉलर और 14.6 अरब डॉलर मूल्य की दवाओं और फार्मास्यूटिकल्स के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों (अधिकतर स्मार्टफोन) का निर्यात किया है, जो अमेरिका को उसके कुल निर्यात का 29 प्रतिशत है। वित्त वर्ष 25 में 4.09 अरब डॉलर मूल्य का पेट्रोलियम निर्यात भी फिलहाल ट्रंप के नए टैरिफ से सुरक्षित हैं, क्योंकि ऊर्जा को हाई टैरिफ की सूची से बाहर रखा गया है।

वित्त वर्ष 25 में अमेरिका को भारत ने 86.51 अरब डॉलर का निर्यात किया था।

मोबियस के अनुसार, भारत जिस तरह की जीडीपी वृद्धि देख रहा है, वह उसे दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर आगे बढ़ने में मदद करेगी।

मोबियस ने कहा, "वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद देश 6-7 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल कर रहा है, जो इसकी अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है। इससे भारत को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।"

पिछले कुछ सालों में, भारत दुनिया की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। 2025 में कुल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के मामले में भारत केवल अमेरिका, चीन और जर्मनी से पीछे रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें अपने देश की अर्थव्यवस्था के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखना चाहिए। हालांकि वैश्विक चुनौतियाँ हैं, लेकिन भारत की मजबूत घरेलू मांग और विविधता इसे सशक्त बनाता है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या भारत पर अमेरिका के टैरिफ का असर होगा?
मार्क मोबियस के अनुसार, भारत का विशाल घरेलू बाजार इसे टैरिफ के प्रभाव से बचाएगा।
भारत की जीडीपी वृद्धि दर क्या है?
भारत 6-7 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल कर रहा है जो इसकी अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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