25 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पीएम मोदी के उपहारों की ई-नीलामी: ₹50 करोड़ से गंगा सफाई, कन्या केलवानी से बेटियों की पढ़ाई

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पीएम मोदी के उपहारों की ई-नीलामी: ₹50 करोड़ से गंगा सफाई, कन्या केलवानी से बेटियों की पढ़ाई

सारांश

25 वर्षों की यह परंपरा अनूठी है — मोदी को मिले शॉल, मूर्तियाँ और स्मृति चिन्ह नीलाम होते हैं और उनसे गंगा साफ होती है, बेटियाँ पढ़ती हैं। ₹50 करोड़ से अधिक नमामि गंगा को मिल चुके हैं; इस बार 1,500 उपहार ₹200 की न्यूनतम बोली से उपलब्ध हैं।

मुख्य बातें

पीएम मोदी के उपहारों की ई-नीलामी का 8वाँ संस्करण शुरू; 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।
लगभग 1,500 उपहार नीलाम होंगे; न्यूनतम बोली मात्र ₹200 रखी गई है।
सरकारी अनुमानों के अनुसार अब तक ₹50 करोड़ से अधिक की राशि नमामि गंगा परियोजना को मिल चुकी है।
कन्या केलवानी निधि की शुरुआत 2003 में हुई, जो बाद में MYSY बनी और MBBS छात्राओं को 50% ट्यूशन सहायता देती है।
जनवरी 2019 से ई-नीलामी की संपूर्ण आय नमामि गंगा कार्यक्रम को समर्पित है।
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इस पहल को सार्वजनिक भागीदारी का राष्ट्रीय प्रतीक बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्राप्त उपहारों और स्मृति चिन्हों की नीलामी पिछले 25 वर्षों से जनसेवा का एक अनूठा माध्यम बनी हुई है — बालिका शिक्षा से लेकर नमामि गंगा अभियान तक इस पहल ने करोड़ों रुपये जुटाए हैं। जनवरी 2019 से शुरू हुई 'पीएम स्मृति चिन्ह ई-नीलामी' के आठवें संस्करण में लगभग 1,500 उपहार शामिल हैं, जो 31 अक्टूबर 2026 तक नीलाम होंगे और एकत्रित धनराशि नदी सफाई परियोजना को समर्पित रहेगी।

25 वर्षों की अनूठी परंपरा

यह सिलसिला अक्टूबर 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री पद से शुरू हुआ और मई 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद भी अनवरत जारी रहा। शॉल, मूर्तियाँ और अन्य यादगार वस्तुओं को नकद में परिवर्तित कर उस राशि को सार्वजनिक कल्याण योजनाओं में लगाने की यह परिपाटी मोदी की सार्वजनिक छवि का अभिन्न हिस्सा बन गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) इसी भावना को अपने 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत रेखांकित कर रही है, जो 17 सितंबर 2026 से एक महीने तक चल रहा है।

कन्या केलवानी निधि: बेटियों की शिक्षा की नींव

गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए मोदी ने 2003 में कन्या केलवानी निधि की स्थापना की, जिसका उद्देश्य बालिका शिक्षा और महिला साक्षरता को बढ़ावा देना था। तत्कालीन मुख्यमंत्री को प्राप्त उपहारों की नीलामी से इस कोष को धन मिलता था। वर्षों बाद यह पहल मुख्यमंत्री युवा स्वावलंबन योजना (MYSY) के रूप में संस्थागत हो गई, जिसे 2017-18 में औपचारिक रूप दिया गया।

MYSY के अंतर्गत नीट के ज़रिए MBBS में दाखिला पाने वाली पात्र महिला छात्राओं को ट्यूशन फीस का 50 प्रतिशत सहायता के रूप में मिलता है। यह योजना बाद में 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' और अन्य कौशल विकास कार्यक्रमों के साथ और सशक्त हुई।

नमामि गंगा अभियान को मिली नीलामी से संजीवनी

2014 में केंद्र सरकार द्वारा शुरू किया गया नमामि गंगा कार्यक्रम गंगा नदी और उसकी सहायक नदियों को पुनर्जीवित करने का देश का सबसे महत्वाकांक्षी प्रयास माना जाता है। जनवरी 2019 से 'पीएम मोमेंटोस ई-नीलामी' की आय सीधे इसी परियोजना में जाती है।

सरकारी अनुमानों के अनुसार, नीलामी के पिछले संस्करणों के माध्यम से इस परियोजना के लिए ₹50 करोड़ से अधिक की धनराशि जुटाई जा चुकी है। आलोचकों का कहना है कि नमामि गंगा अभी अपने सभी लक्ष्य प्राप्त नहीं कर पाई है, फिर भी नीलामी का योगदान निरंतर बना हुआ है।

आम नागरिकों के लिए इतिहास का हिस्सा बनने का मौका

इस वर्ष के आठवें संस्करण में नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट (NGMA) में प्रदर्शित लगभग 1,500 उपहार शामिल हैं। उल्लेखनीय बात यह है कि इनमें से कई वस्तुओं की न्यूनतम बोली मात्र ₹200 रखी गई है, ताकि साधारण भारतीय नागरिक भी इतिहास के एक टुकड़े का स्वामित्व ले सकें।

मंत्री का बयान और सेवा की भावना

केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने 'पीएम मोमेंटोस ई-ऑक्शन 2026' के शुभारंभ पर प्रधानमंत्री मोदी की विचारधारा को उद्धृत करते हुए कहा कि मोदी मानते हैं — 'जो कुछ प्राप्त होता है वह मेरा नहीं है; जो कुछ मुझे दिया जाता है वह मेरा नहीं है और जो मेरा नहीं है उसे जमा करने का मुझे कोई अधिकार नहीं है।' शेखावत ने इस नीलामी को व्यक्तिगत उपहारों से आगे बढ़कर सार्वजनिक भागीदारी और राष्ट्रीय उद्देश्य का प्रतीक बताया।

यह आयोजन केवल धन संग्रह का माध्यम नहीं, बल्कि सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता और निस्वार्थ सेवा की एक मिसाल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है — एक ऐसी परंपरा जो आने वाले वर्षों में और गहरी हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

परंतु इसका वास्तविक मूल्यांकन इन योजनाओं के ज़मीनी नतीजों से होना चाहिए। नमामि गंगा पर ₹50 करोड़ से अधिक खर्च के बावजूद नदी की गुणवत्ता को लेकर विशेषज्ञ अभी भी असंतोष व्यक्त करते हैं — यह धनराशि कुल बजट का एक छोटा अंश है, इसलिए नीलामी को परियोजना की सफलता का पैमाना मानना भ्रामक होगा। MYSY जैसी योजनाओं पर डेटा सार्वजनिक रूप से सीमित है, इसलिए लाभार्थियों की वास्तविक संख्या स्वतंत्र रूप से सत्यापित करना कठिन है। इस परंपरा की असली ताकत इसकी पारदर्शी जवाबदेही में होगी — न कि केवल प्रतीकात्मक मूल्य में।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम मोदी के उपहारों की ई-नीलामी से जुटाई गई राशि कहाँ जाती है?
जनवरी 2019 से पीएम स्मृति चिन्ह ई-नीलामी की संपूर्ण आय सीधे नमामि गंगा कार्यक्रम को जाती है। सरकारी अनुमानों के अनुसार अब तक ₹50 करोड़ से अधिक की राशि इस परियोजना को मिल चुकी है।
2026 की पीएम मोमेंटोस ई-नीलामी में क्या खास है?
यह आठवाँ संस्करण है जिसमें लगभग 1,500 उपहार शामिल हैं और यह 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। न्यूनतम बोली ₹200 रखी गई है ताकि आम नागरिक भी इसमें भाग ले सकें।
कन्या केलवानी निधि क्या है और यह मोदी की नीलामी परंपरा से कैसे जुड़ी है?
कन्या केलवानी निधि की स्थापना 2003 में गुजरात के मुख्यमंत्री मोदी ने बालिका शिक्षा के लिए की थी, जिसे तत्कालीन उपहारों की नीलामी से वित्तपोषित किया जाता था। यह बाद में मुख्यमंत्री युवा स्वावलंबन योजना (MYSY) में तब्दील हुई, जो MBBS छात्राओं को ट्यूशन फीस का 50% देती है।
सेवा संकल्प अभियान क्या है और यह कब तक चलेगा?
BJP का सेवा संकल्प अभियान 17 सितंबर 2026 को पीएम मोदी के जन्मदिन से शुरू होकर एक महीने तक चलता है। इसके तहत पार्टी नेता और कार्यकर्ता मोदी सरकार की उपलब्धियों और निस्वार्थ सेवा की भावना के बारे में लोगों को जागरूक करते हैं।
नमामि गंगा कार्यक्रम कब शुरू हुआ और इसका उद्देश्य क्या है?
नमामि गंगा कार्यक्रम 2014 में केंद्र सरकार द्वारा शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य गंगा नदी और उसकी सहायक नदियों को प्रदूषण मुक्त कर उन्हें पुनर्जीवित करना है, और इसे देश का सबसे महत्वाकांक्षी नदी संरक्षण प्रयास माना जाता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 1 साल पहले