PM मोदी के 30 स्मृति चिह्नों की ई-नीलामी की समय सीमा 31 अक्टूबर तक बढ़ी, नमामि गंगे को मिलेगी राशि
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्राप्त स्मृति चिह्नों की ई-नीलामी के आठवें संस्करण की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2026 कर दी गई है, ताकि इच्छुक बोलीदाता 30 विशेष स्मृति चिह्नों के लिए अतिरिक्त समय में भाग ले सकें। यह नीलामी मूलतः 17 सितंबर को प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर शुरू हुई थी और 2 अक्टूबर को समाप्त होनी थी। नीलामी से प्राप्त संपूर्ण राशि 'नमामि गंगे परियोजना' को समर्पित की जाएगी।
नीलामी में शामिल स्मृति चिह्न
इस बार के संग्रह में नौ फोटो फ्रेम, नौ स्मृति चिह्न, छह मूर्तियाँ एवं प्रतिमाएँ, दिल्ली मेट्रो के दो मॉडल, एक पेंटिंग और कला एवं हस्तशिल्प से जुड़ी अनेक वस्तुएँ शामिल हैं। खेल जगत से संबंधित एक यादगार वस्तु भी नीलामी का हिस्सा है। ये सभी वस्तुएँ कलाकृतियों, धार्मिक परंपराओं और संस्थागत स्मृतियों का अनूठा संगम प्रस्तुत करती हैं।
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
संग्रह में भारत की समृद्ध धार्मिक विरासत को दर्शाने वाली कई वस्तुएँ हैं। इनमें राम दरबार की मूर्ति, केवट के साथ नदी पार करते भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण को दर्शाती पीतल की पट्टिका, पालम गाँव के संत दादा देव की पेंटिंग और लकड़ी से निर्मित रामलला की नक्काशीदार प्रतिमा शामिल हैं — ये चारों वस्तुएँ भगवान राम या रामायण के प्रसंगों को जीवंत करती हैं।
संग्रह में बौद्ध धर्म के अष्टमंगल अर्थात आठ शुभ प्रतीकों को दर्शाने वाली एक विशेष कलाकृति भी सम्मिलित है, जो भगवान बुद्ध की शिक्षाओं और ज्ञान प्राप्ति से जुड़ी मानी जाती है।
दिल्ली की संस्थागत विरासत
नीलामी में सेंट स्टीफंस कॉलेज को दर्शाने वाली एक फ्रेमयुक्त कलाकृति, पुराने सचिवालय भवन का क्रिस्टल स्मृति चिह्न और नए संसद भवन को दर्शाती कपड़े पर बनी कलाकृति भी उपलब्ध है। ये वस्तुएँ राजधानी की संस्थागत और स्थापत्य विरासत को दर्शाती हैं।
विशेष व्यक्तित्व और उपलब्धियाँ
पैरालंपिक रजत पदक विजेता योगेश कथुनिया का डिस्कस नीलामी में रखा गया है, जो खेल उपलब्धि और अदम्य संकल्पशक्ति का प्रतीक है। रोहिणी के एक छात्र द्वारा बनाई गई प्रधानमंत्री मोदी की पेंसिल से तैयार बारीक चित्रकृति भी इस संग्रह में विशेष आकर्षण है।
एनसीसी का सोने की पॉलिश वाला 'परम वीर माटी कलश' सेवा और स्मरण की भावना का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि प्राकृतिक बोधि पत्ते पर बारीकी से तैयार किया गया एक चित्र कला-साधना का उत्कृष्ट उदाहरण है।
भागीदारी की प्रक्रिया
नीलामी की विस्तृत जानकारी, बोली लगाने की प्रक्रिया और सभी स्मृति चिह्नों का विवरण आधिकारिक पीएम मेमेंटोज ई-ऑक्शन पोर्टल पर उपलब्ध है। गौरतलब है कि इस नीलामी शृंखला के पिछले संस्करणों में भी व्यापक सार्वजनिक भागीदारी देखी गई है और प्राप्त राशि राष्ट्रीय कल्याण परियोजनाओं को समर्पित की जाती रही है। समय सीमा का यह विस्तार उन बोलीदाताओं को मौका देता है जो अभी तक भाग नहीं ले पाए थे।