आईएनएस तरकश की मॉरीशस यात्रा संपन्न, भारत-मॉरीशस समुद्री साझेदारी को मिली नई मजबूती
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय नौसेना का स्टेल्थ फ्रिगेट आईएनएस तरकश मॉरीशस की राजधानी पोर्ट लुईस में अपनी सफल यात्रा पूरी कर दक्षिण-पश्चिम हिंद महासागर क्षेत्र में आगे की परिचालन तैनाती के लिए रवाना हो गया है। 23 जून 2025 को समाप्त हुई यह यात्रा महज एक नौसैनिक पड़ाव नहीं थी — यह भारत और मॉरीशस के बीच गहराते समुद्री सहयोग, सांस्कृतिक संबंध और रणनीतिक साझेदारी का ठोस प्रमाण बनकर उभरी।
मुख्य गतिविधियाँ और द्विपक्षीय सहयोग
पोर्ट लुईस में प्रवास के दौरान आईएनएस तरकश कई उल्लेखनीय गतिविधियों का केंद्र रहा। भारतीय नौसेना के चालक दल और मॉरीशस नेशनल कोस्ट गार्ड के जवानों के बीच वॉलीबॉल मुकाबला आयोजित किया गया, जिसमें खेल भावना के साथ-साथ दोनों देशों के बीच की दोस्ती भी झलकी। भारतीय नौसेना के विशेषज्ञों ने मॉरीशस के सुरक्षा कर्मियों को पेशेवर प्रशिक्षण प्रदान किया, जिससे द्वीपीय राष्ट्र की समुद्री सुरक्षा क्षमताओं को और बल मिला।
योग दिवस पर हिंद महासागर में एकता का संदेश
21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जहाज के डेक पर विशेष योग सत्र का आयोजन हुआ। भारतीय नौसैनिकों और मॉरीशस नेशनल कोस्ट गार्ड के कर्मियों ने हिंद महासागर की लहरों के बीच एक साथ योगाभ्यास कर स्वास्थ्य, अनुशासन और सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया। यह दृश्य दोनों देशों के साझा सभ्यतागत मूल्यों का प्रतीक बना।
आम जनता के लिए जहाज के द्वार खुले
21 जून को आईएनएस तरकश को आम नागरिकों के लिए भी खोला गया। लगभग 450 व्यक्तियों ने जहाज का दौरा कर भारतीय नौसेना की अत्याधुनिक तकनीक, युद्धक क्षमताओं और पेशेवर उत्कृष्टता को करीब से देखा। भारतीय मूल के प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों ने जहाज पर पहुँचकर भारत के साथ अपने भावनात्मक जुड़ाव को और प्रगाढ़ महसूस किया।
उच्च-स्तरीय बैठकें और रणनीतिक संवाद
यात्रा के दौरान जहाज के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन रोहित मिश्रा ने मॉरीशस के पुलिस आयुक्त रामपेरसाद सूरूजेबली तथा भारत के उच्चायुक्त अनुराग श्रीवास्तव से मुलाकात की। इन बैठकों ने दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग के बढ़ते आयामों को नई दिशा दी। गौरतलब है कि भारत और मॉरीशस के बीच समुद्री सुरक्षा सहयोग पिछले कुछ वर्षों में लगातार गहरा होता जा रहा है।
विजन 'महासागर' और हिंद महासागर में भारत की भूमिका
आईएनएस तरकश की यह यात्रा भारत के विजन 'महासागर' — यानी 'म्यूचुअल एंड होलिस्टिक एडवांसमेंट फॉर ओशन रिजन्स' — की दिशा में एक सार्थक कदम मानी जा रही है। यह पहल हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और साझा विकास के भारत के संकल्प को रेखांकित करती है। आगे की परिचालन तैनाती के साथ आईएनएस तरकश दक्षिण-पश्चिम हिंद महासागर में भारत की सक्रिय नौसैनिक उपस्थिति को और सुदृढ़ करेगा।