भारतमाला एक्सप्रेसवे पर खड़े डंपर से एसयूवी की टक्कर, सूरत में चार की मौत
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के सूरत जिले में भारतमाला एक्सप्रेसवे पर 25 सितंबर 2026 को एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई, जब एक्सप्रेसवे पर खड़े डंपर से एक तेज रफ्तार एसयूवी जा टकराई। कामरेज इलाके के तापी ओवरब्रिज के निकट हुई इस दुर्घटना में मारे गए सभी लोग एक ही परिवार के सदस्य थे।
दुर्घटना का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, महाराष्ट्र से गुजरात की ओर आ रही एसयूवी कामरेज के पास तापी ओवरब्रिज के समीप एक्सप्रेसवे पर रुके हुए डंपर के पिछले हिस्से से टकरा गई। प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि डंपर में हवा का दबाव बिगड़ने के कारण चालक ने उसे सड़क पर ही रोक दिया था। पीछे से आ रही एसयूवी खड़े वाहन को समय रहते देख नहीं पाई और जबरदस्त टक्कर हो गई, जिससे कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
मृतकों की पहचान
मृतकों की पहचान राजीव जैन, जयंती दोषी, प्रवीण जैन और संजय खेमचंद के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि ये सभी लोग मुंबई से पाटन जिले के प्रसिद्ध शंखेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए जा रहे थे। परिवार के सदस्यों का श्रद्धा-यात्रा पर निकलना और इस तरह की दुर्घटना में असमय मृत्यु, इस हादसे को और भी दुखद बनाती है।
पुलिस कार्रवाई और जाँच
दुर्घटना की सूचना मिलते ही कामरेज पुलिस के जवान तत्काल मौके पर पहुँचे और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया, जबकि क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर एक्सप्रेसवे पर यातायात सुचारू किया गया। पुलिस अब यह जाँच कर रही है कि तकनीकी खराबी के बावजूद डंपर को एक्सप्रेसवे पर किस तरह खड़ा किया गया और उचित चेतावनी संकेत क्यों नहीं लगाए गए।
इसी एक्सप्रेसवे पर पहले भी हो चुकी है ऐसी दुर्घटना
गौरतलब है कि यह इस एक्सप्रेसवे पर इस तरह की पहली घटना नहीं है। 8 अप्रैल को एना/दास्तान गाँव के पास एक मालवाहक ट्रक के पिछले हिस्से से कार टकराने से खंभात के एक परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई थी। उस हादसे में मृतकों की पहचान होजेफा अदेनवाला, मुर्तजा अदेनवाला, मुनीरा अदेनवाला और जॉयब मुर्तजा अदेनवाला के रूप में हुई थी — वह परिवार किम की ओर जा रहा था और ट्रक का बायाँ अगला टायर फटने के बाद वह वहाँ रुक गया था। दोनों हादसों की समानता — खड़े वाहन, कोई पर्याप्त चेतावनी नहीं, पिछली तरफ से टक्कर — एक्सप्रेसवे पर खराब वाहनों को सँभालने के प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल उठाती है।
आम जनता और एक्सप्रेसवे सुरक्षा पर असर
भारतमाला परियोजना के तहत बने इस एक्सप्रेसवे पर लगातार हो रही दुर्घटनाएँ सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा रही हैं। आलोचकों का कहना है कि हाई-स्पीड कॉरिडोर पर टूटे वाहनों के लिए आपातकालीन लेन, रिफ्लेक्टिव चेतावनी त्रिकोण और तत्काल सहायता की व्यवस्था अभी भी अपर्याप्त है। जाँच पूरी होने के बाद संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय होने की उम्मीद है।