25 सितंबर 2026
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भारतमाला एक्सप्रेसवे पर खड़े डंपर से एसयूवी की टक्कर, सूरत में चार की मौत

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भारतमाला एक्सप्रेसवे पर खड़े डंपर से एसयूवी की टक्कर, सूरत में चार की मौत

सारांश

सूरत के कामरेज में भारतमाला एक्सप्रेसवे पर हवा का दबाव बिगड़ने के बाद खड़े एक डंपर से एसयूवी की टक्कर में चार लोगों की मौत हो गई। मारे गए सभी एक ही परिवार के सदस्य थे, जो मुंबई से शंखेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए जा रहे थे। यह इसी एक्सप्रेसवे पर ऐसा दूसरा बड़ा हादसा है।

मुख्य बातें

25 सितंबर 2026 को भारतमाला एक्सप्रेसवे पर कामरेज, सूरत के पास एसयूवी के डंपर से टकराने में चार लोगों की मौत ।
मृतक — राजीव जैन , जयंती दोषी , प्रवीण जैन और संजय खेमचंद — एक ही परिवार के सदस्य थे।
परिवार मुंबई से पाटन जिले के शंखेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए जा रहा था।
हवा का दबाव बिगड़ने के कारण डंपर चालक ने वाहन को एक्सप्रेसवे पर ही रोक दिया था।
8 अप्रैल को भी इसी एक्सप्रेसवे पर खड़े ट्रक से टक्कर में खंभात के परिवार के चार सदस्यों की मौत हो चुकी है।
कामरेज पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है; शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए।

गुजरात के सूरत जिले में भारतमाला एक्सप्रेसवे पर 25 सितंबर 2026 को एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई, जब एक्सप्रेसवे पर खड़े डंपर से एक तेज रफ्तार एसयूवी जा टकराई। कामरेज इलाके के तापी ओवरब्रिज के निकट हुई इस दुर्घटना में मारे गए सभी लोग एक ही परिवार के सदस्य थे।

दुर्घटना का घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, महाराष्ट्र से गुजरात की ओर आ रही एसयूवी कामरेज के पास तापी ओवरब्रिज के समीप एक्सप्रेसवे पर रुके हुए डंपर के पिछले हिस्से से टकरा गई। प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि डंपर में हवा का दबाव बिगड़ने के कारण चालक ने उसे सड़क पर ही रोक दिया था। पीछे से आ रही एसयूवी खड़े वाहन को समय रहते देख नहीं पाई और जबरदस्त टक्कर हो गई, जिससे कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

मृतकों की पहचान

मृतकों की पहचान राजीव जैन, जयंती दोषी, प्रवीण जैन और संजय खेमचंद के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि ये सभी लोग मुंबई से पाटन जिले के प्रसिद्ध शंखेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए जा रहे थे। परिवार के सदस्यों का श्रद्धा-यात्रा पर निकलना और इस तरह की दुर्घटना में असमय मृत्यु, इस हादसे को और भी दुखद बनाती है।

पुलिस कार्रवाई और जाँच

दुर्घटना की सूचना मिलते ही कामरेज पुलिस के जवान तत्काल मौके पर पहुँचे और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया, जबकि क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर एक्सप्रेसवे पर यातायात सुचारू किया गया। पुलिस अब यह जाँच कर रही है कि तकनीकी खराबी के बावजूद डंपर को एक्सप्रेसवे पर किस तरह खड़ा किया गया और उचित चेतावनी संकेत क्यों नहीं लगाए गए।

इसी एक्सप्रेसवे पर पहले भी हो चुकी है ऐसी दुर्घटना

गौरतलब है कि यह इस एक्सप्रेसवे पर इस तरह की पहली घटना नहीं है। 8 अप्रैल को एना/दास्तान गाँव के पास एक मालवाहक ट्रक के पिछले हिस्से से कार टकराने से खंभात के एक परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई थी। उस हादसे में मृतकों की पहचान होजेफा अदेनवाला, मुर्तजा अदेनवाला, मुनीरा अदेनवाला और जॉयब मुर्तजा अदेनवाला के रूप में हुई थी — वह परिवार किम की ओर जा रहा था और ट्रक का बायाँ अगला टायर फटने के बाद वह वहाँ रुक गया था। दोनों हादसों की समानता — खड़े वाहन, कोई पर्याप्त चेतावनी नहीं, पिछली तरफ से टक्कर — एक्सप्रेसवे पर खराब वाहनों को सँभालने के प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल उठाती है।

आम जनता और एक्सप्रेसवे सुरक्षा पर असर

भारतमाला परियोजना के तहत बने इस एक्सप्रेसवे पर लगातार हो रही दुर्घटनाएँ सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा रही हैं। आलोचकों का कहना है कि हाई-स्पीड कॉरिडोर पर टूटे वाहनों के लिए आपातकालीन लेन, रिफ्लेक्टिव चेतावनी त्रिकोण और तत्काल सहायता की व्यवस्था अभी भी अपर्याप्त है। जाँच पूरी होने के बाद संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पीछे से टक्कर, चार मौतें' — यह महज संयोग नहीं है, यह एक सिस्टम की विफलता है। भारतमाला जैसे हाई-स्पीड कॉरिडोर पर टायर पंचर या इंजन खराब जैसी आपातस्थिति के लिए आपातकालीन पार्किंग बे, रोडसाइड सहायता प्रणाली और अनिवार्य रिफ्लेक्टिव चेतावनी किट की जो अपेक्षा थी, वह ज़मीन पर नदारद दिखती है। श्रद्धालुओं का एक परिवार मंदिर दर्शन के लिए निकला और वापस नहीं लौटा — यह केवल एक पारिवारिक त्रासदी नहीं, बल्कि एक्सप्रेसवे संचालन नीति की जवाबदेही का सवाल भी है।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतमाला एक्सप्रेसवे पर सूरत में क्या हुआ?
25 सितंबर 2026 को सूरत जिले के कामरेज इलाके में तापी ओवरब्रिज के पास भारतमाला एक्सप्रेसवे पर एक एसयूवी, हवा का दबाव बिगड़ने के कारण खड़े एक डंपर से टकरा गई। इस दुर्घटना में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई।
सूरत दुर्घटना में कौन मारे गए?
मृतकों की पहचान राजीव जैन, जयंती दोषी, प्रवीण जैन और संजय खेमचंद के रूप में हुई है। ये सभी एक ही परिवार के सदस्य थे और मुंबई से पाटन जिले के शंखेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए जा रहे थे।
डंपर एक्सप्रेसवे पर खड़ा क्यों था?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार डंपर में हवा का दबाव बिगड़ गया था, जिसके बाद चालक ने वाहन को एक्सप्रेसवे पर रोक दिया। पुलिस जाँच कर रही है कि खराबी की सूचना के बाद उचित चेतावनी संकेत क्यों नहीं लगाए गए।
क्या इस एक्सप्रेसवे पर पहले भी ऐसी दुर्घटना हुई है?
हाँ, 8 अप्रैल को इसी भारतमाला एक्सप्रेसवे पर एना/दास्तान गाँव के पास एक खड़े ट्रक से कार टकराने से खंभात के एक परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई थी। उस हादसे में भी ट्रक का टायर फटने के बाद वह एक्सप्रेसवे पर रुक गया था।
इस दुर्घटना के बाद पुलिस ने क्या कदम उठाए?
कामरेज पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और कानूनी कार्रवाई शुरू की। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात बहाल किया गया। पुलिस अब दुर्घटना के पूरे कारणों और एक्सप्रेसवे पर वाहन खड़ा करने की परिस्थितियों की जाँच कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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