गुरुग्राम: द्वारका एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार कार ने 4 मजदूरों को कुचला, 2 की मौत
सारांश
मुख्य बातें
गुरुग्राम के द्वारका एक्सप्रेसवे पर गुरुवार रात करीब 2:30 बजे एक तेज रफ्तार सफेद कार ने ग्रिल लगाने का काम कर रहे चार मजदूरों को रौंद दिया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को फौरन एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है।
घटनाक्रम: रात के अँधेरे में हुआ हादसा
गुरुग्राम पुलिस के अनुसार, यह दुर्घटना न्यू पालम विहार में श्री राम चौक के समीप द्वारका एक्सप्रेसवे पर हुई। दिल्ली की दिशा से आ रही एक तेज रफ्तार सफेद कार ने एक्सप्रेसवे पर काम में लगे चार श्रमिकों को जोरदार टक्कर मारी। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
फिलहाल मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि घटना की जाँच जारी है और अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
करनाल में भी सड़क हादसे में पिता-पुत्र की मौत
इसी बीच, हरियाणा के करनाल में नेशनल हाईवे पर बसताड़ा टोल प्लाजा के पास एक अलग सड़क दुर्घटना में पिता-पुत्र की जान चली गई। सब इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने बताया कि दोनों मोटरसाइकिल पर करनाल की तरफ जा रहे थे, जब एक कार ने उन्हें टक्कर मार दी।
मृतकों की पहचान मोहम्मद अर्श और मोहम्मद जफर के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, दोनों मेरठ के मूल निवासी थे और रोजी-रोटी के लिए करनाल में मजदूरी करते थे। एक रिश्तेदार ने बताया कि बेटे की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी, जबकि पिता ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ा।
परिजन ने बताया कि एक ग्रुप में साझा की गई तस्वीरों से मृतकों की पहचान हो सकी। इसके बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने टक्कर मारने वाली गाड़ी को जब्त कर लिया है।
पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच
गुरुग्राम पुलिस ने बताया कि दोनों घटनाओं में जाँच जारी है। द्वारका एक्सप्रेसवे हादसे में न तो कार चालक को अब तक हिरासत में लिया गया है और न ही अन्य किसी की गिरफ्तारी हुई है। करनाल मामले में टक्कर मारने वाली गाड़ी पुलिस के कब्जे में है।
आम जनता और श्रमिक वर्ग पर असर
यह घटना उन श्रमिकों की जोखिमभरी कार्यदशाओं को उजागर करती है जो राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर रात के समय निर्माण कार्य करते हैं। गुरुग्राम-दिल्ली कॉरिडोर पर देर रात तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही श्रमिकों के लिए एक बड़ा खतरा बनी हुई है। आगे यह देखना होगा कि पुलिस कितनी तेजी से आरोपी वाहन चालकों को गिरफ्तार करती है और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की जाँच कहाँ तक पहुँचती है।