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पीएमईजीपी योजना से बदली धमतरी के शाकिर खान की जिंदगी, होटल खोलकर दे रहे 6-7 युवाओं को रोजगार

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पीएमईजीपी योजना से बदली धमतरी के शाकिर खान की जिंदगी, होटल खोलकर दे रहे 6-7 युवाओं को रोजगार

सारांश

धमतरी के शाकिर खान पहले रोजगार की तलाश में थे — आज पीएमईजीपी योजना की बदौलत खुद के होटल के मालिक हैं और 6-7 युवाओं को काम दे रहे हैं। यह एक योजना की नहीं, एक बदलती हुई आर्थिक सोच की कहानी है।

मुख्य बातें

शाकिर खान , धमतरी, छत्तीसगढ़ के निवासी, पीएमईजीपी योजना के तहत बैंक ऋण और सरकारी सब्सिडी पाकर होटल व्यवसाय शुरू करने में सफल रहे।
शाकिर अब 6 से 7 युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार दे रहे हैं।
पीएमईजीपी योजना युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उद्योग, सेवा और छोटे व्यवसाय हेतु वित्तीय सहायता व सब्सिडी प्रदान करती है।
शाकिर के अनुसार, इस योजना के बिना उनका उद्यमी बनने का सपना अधूरा रह जाता।
योजना का उद्देश्य 'रोजगार माँगने वाले' को 'रोजगार देने वाला' बनाना है।

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के युवा उद्यमी शाकिर खान केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) योजना की बदौलत आज न सिर्फ एक सफल होटल संचालक हैं, बल्कि 6 से 7 युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार भी दे रहे हैं। यह योजना बेरोजगार युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बैंक ऋण और सरकारी सब्सिडी के माध्यम से स्वरोजगार की राह दिखाती है।

शाकिर की कहानी: सपने से उद्यम तक

शाकिर खान बताते हैं कि कभी उनके लिए खुद का व्यवसाय शुरू करना महज एक सपना था। पूँजी की कमी और बैंक ऋण की जटिल प्रक्रियाएँ इस सपने के बीच सबसे बड़ी बाधा थीं। पीएमईजीपी योजना के अंतर्गत उन्हें बैंक से सुलभ ऋण मिला और सरकारी सब्सिडी का भी लाभ प्राप्त हुआ, जिससे उनका होटल व्यवसाय खड़ा हो सका।

शाकिर के अनुसार, यदि यह योजना नहीं होती तो उद्यमी बनने का उनका इरादा अधूरा ही रह जाता। उनका कहना है कि यह योजना युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा रही है।

पीएमईजीपी योजना: क्या है और किसे मिलता है लाभ

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) केंद्र सरकार की एक प्रमुख स्वरोजगार योजना है, जिसका उद्देश्य उद्योग, सेवा और छोटे व्यवसाय स्थापित करने के इच्छुक युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण आबादी को वित्तीय सहायता और सब्सिडी उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत आवेदक को परियोजना लागत का एक निश्चित हिस्सा सब्सिडी के रूप में मिलता है, जबकि शेष राशि बैंक ऋण के जरिये जुटाई जाती है।

गौरतलब है कि यह योजना केवल व्यक्तिगत स्वरोजगार तक सीमित नहीं है — इसका दायरा रोजगार सृजन तक भी फैला है। शाकिर जैसे लाभार्थी, जो पहले खुद रोजगार की तलाश में थे, अब दूसरों को रोजगार देने की स्थिति में हैं।

छत्तीसगढ़ में योजना का असर

छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में, जहाँ ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रोजगार के सीमित अवसर हैं, पीएमईजीपी जैसी योजनाएँ स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। धमतरी जैसे छोटे जिले में शाकिर खान का उदाहरण यह दर्शाता है कि लक्षित वित्तीय सहायता से छोटे उद्यम कैसे समुदाय स्तर पर बदलाव ला सकते हैं।

यह ऐसे समय में प्रासंगिक है जब देश में युवा बेरोजगारी एक गंभीर नीतिगत चुनौती बनी हुई है और सरकार स्वरोजगार को रोजगार संकट के दीर्घकालिक समाधान के रूप में प्रोत्साहित कर रही है।

आगे की राह

केंद्र सरकार की कई योजनाएँ समानांतर रूप से चल रही हैं, जिनमें पीएमईजीपी को एक सफल कड़ी माना जा रहा है। शाकिर खान जैसे लाभार्थियों की सफलता की कहानियाँ अन्य युवाओं को योजना से जुड़ने के लिए प्रेरित कर सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि योजना की पहुँच और जागरूकता बढ़ाने से इसका प्रभाव और व्यापक हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन नीतिगत दृष्टि से असली सवाल यह है कि पीएमईजीपी के तहत कितने लाभार्थी वास्तव में टिकाऊ व्यवसाय बना पाते हैं और कितने ऋण चुकाने में संघर्ष करते हैं — यह आँकड़ा सार्वजनिक डोमेन में पारदर्शी रूप से उपलब्ध नहीं है। व्यक्तिगत सफलता की कहानियाँ योजना की व्यापक प्रभावशीलता का प्रमाण नहीं होतीं। सरकार को चाहिए कि लाभार्थियों की संख्या के साथ-साथ व्यवसाय की स्थायित्व दर और एनपीए अनुपात भी सार्वजनिक करे, ताकि योजना की वास्तविक सफलता का मापन हो सके।
RashtraPress
17 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएमईजीपी योजना क्या है?
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) केंद्र सरकार की एक स्वरोजगार योजना है, जो युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उद्योग, सेवा या छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए बैंक ऋण और सरकारी सब्सिडी प्रदान करती है। इसका लक्ष्य रोजगार माँगने वालों को रोजगार देने वाला बनाना है।
शाकिर खान को पीएमईजीपी से क्या फायदा हुआ?
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के शाकिर खान को पीएमईजीपी के तहत बैंक से सुलभ ऋण और सरकारी सब्सिडी मिली, जिससे वे अपना होटल खोलने में सफल रहे। आज वे 6 से 7 युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार दे रहे हैं।
पीएमईजीपी योजना का लाभ कौन उठा सकता है?
यह योजना बेरोजगार युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के उन लोगों के लिए है जो अपना छोटा व्यवसाय, सेवा उद्यम या उद्योग शुरू करना चाहते हैं। पात्रता की विस्तृत शर्तें संबंधित बैंक और जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से जानी जा सकती हैं।
पीएमईजीपी में सब्सिडी कितनी मिलती है?
पीएमईजीपी के तहत परियोजना लागत का एक निश्चित हिस्सा सब्सिडी के रूप में दिया जाता है, जो आवेदक की श्रेणी (सामान्य, पिछड़ा वर्ग, महिला आदि) और परियोजना स्थान (शहरी या ग्रामीण) के आधार पर अलग-अलग होता है। शेष राशि बैंक ऋण के रूप में प्रदान की जाती है।
छत्तीसगढ़ में पीएमईजीपी का असर कैसा है?
छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में जहाँ रोजगार के सीमित अवसर हैं, पीएमईजीपी जैसी योजनाएँ स्थानीय अर्थव्यवस्था को सक्रिय करने में भूमिका निभा रही हैं। धमतरी में शाकिर खान का उदाहरण दर्शाता है कि लक्षित सहायता से छोटे उद्यम समुदाय स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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