पीएमईजीपी योजना से बदली शेखपुरा के सुमन कुमार की जिंदगी, फर्नीचर कारोबार से 4 लोगों को दिया रोजगार
सारांश
मुख्य बातें
शेखपुरा जिले के बरबीघा प्रखंड के कोइरीबीघा गांव के निवासी सुमन कुमार के लिए प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) योजना एक निर्णायक मोड़ साबित हुई। सब्सिडी-युक्त ऋण की मदद से उन्होंने अपने छोटे से फर्नीचर व्यवसाय को आधुनिक रूप दिया और आज न केवल खुद आत्मनिर्भर हैं, बल्कि 4 अन्य लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं।
संघर्ष की शुरुआत
इंटर की पढ़ाई पूरी करने के बाद सुमन कुमार को बिहार में रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिले। आर्थिक तंगी के चलते उन्हें मुंबई का रुख करना पड़ा, जहाँ उन्होंने करीब 5 वर्षों तक एक निजी कंपनी में काम किया। परिवार और गांव की याद ने उन्हें वापस खींचा और वे बरबीघा बाजार में एक छोटी सी फर्नीचर की दुकान खोलकर जीवनयापन करने लगे। हालांकि, सीमित संसाधनों के कारण परिवार का भरण-पोषण और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना मुश्किल हो रहा था।
पीएमईजीपी से मिली राह
इसी दौर में एक मित्र ने उन्हें शेखपुरा उद्योग विभाग कार्यालय जाने की सलाह दी। वहाँ कर्मचारियों ने उन्हें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) की विस्तृत जानकारी दी। सुमन ने योजना के तहत आवेदन किया और कुछ ही दिनों में सब्सिडी-सहित ऋण स्वीकृत हो गया। इस आर्थिक सहयोग से उन्होंने आधुनिक मशीनें खरीदीं और अपने फर्नीचर व्यवसाय का विस्तार किया।
बदली तस्वीर, बढ़ा कारोबार
आज सुमन कुमार का व्यवसाय अच्छी आमदनी दे रहा है। परिवार का भरण-पोषण बेहतर हो रहा है और बच्चों की पढ़ाई बिना किसी रुकावट के जारी है। उल्लेखनीय यह है कि उन्होंने अपने व्यवसाय के जरिए 4 अन्य व्यक्तियों को भी रोजगार दिया है, जो पीएमईजीपी के रोजगार-सृजन उद्देश्य का व्यावहारिक उदाहरण है।
सुमन कुमार की सलाह
सुमन कुमार का कहना है, 'यह योजना हम जैसे बेरोजगार युवाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। अगर सही जानकारी और मार्गदर्शन मिले, तो युवा आत्मनिर्भर बन सकते हैं और दूसरों को भी रोजगार दे सकते हैं।' उन्होंने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए अन्य युवाओं को भी इस योजना का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
क्या है पीएमईजीपी योजना
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) केंद्र सरकार की एक प्रमुख ऋण-आधारित सब्सिडी योजना है, जो ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में नए उद्यम स्थापित करने के इच्छुक युवाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। यह योजना सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) के अंतर्गत संचालित होती है। सुमन कुमार जैसे लाभार्थियों की सफलता की कहानियाँ यह दर्शाती हैं कि सही समय पर सही जानकारी किसी की जिंदगी की दिशा बदल सकती है।