पीएमएफएमई योजना से बदली किस्मत: कपड़े बेचने वाले संजीत कुमार ने खड़ा किया बेकरी उद्योग, 10 लोगों को दिया रोजगार
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के शेखपुरा जिले के शेखोपुरसराय प्रखंड स्थित भदौली गाँव के संजीत कुमार आज आत्मनिर्भरता की जीती-जागती मिसाल हैं। कभी गाँव के चौक पर एक छोटी-सी कपड़े की दुकान से परिवार का गुज़ारा करने वाले संजीत ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन (पीएमएफएमई) योजना का लाभ उठाकर एक सफल बेकरी उद्योग स्थापित किया है। आज वे 10 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार दे रहे हैं और शेखपुरा, नवादा तथा लखीसराय जिलों तक अपने उत्पाद पहुँचा रहे हैं।
संघर्ष के दिन और बदलाव की शुरुआत
संजीत कुमार ने बताया कि गाँव की कपड़े की दुकान से होने वाली आमदनी इतनी नहीं थी कि बच्चों की पढ़ाई, भरण-पोषण और घर की अन्य जरूरतें आसानी से पूरी हो सकें। आर्थिक तंगी के उन दिनों में एक ग्राहक ने उनकी दुकान पर आकर पीएमएफएमई योजना की जानकारी दी और बताया कि इस सरकारी योजना के जरिये बेकरी उद्योग शुरू किया जा सकता है।
उस ग्राहक की बात ने संजीत के जीवन की दिशा बदल दी। वे तुरंत शेखपुरा मुख्यालय स्थित उद्योग विभाग के कार्यालय पहुँचे, जहाँ विभागीय कर्मियों ने उन्हें योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और मिलने वाले लाभ के बारे में विस्तार से समझाया।
योजना का लाभ और उद्योग की नींव
आवेदन के कुछ समय बाद संजीत को पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत स्वीकृति मिली। इस सहायता से उन्होंने बेकरी की मशीनें खरीदीं और उत्पादन शुरू किया। धीरे-धीरे मेहनत और लगन से उनका कारोबार विस्तार पाता गया। आज उनकी बेकरी में बर्गर, बिस्किट, टोस्ट और ब्रेड सहित कई खाद्य उत्पाद बड़े पैमाने पर तैयार होते हैं।
रोजगार सृजन: खुद के साथ दूसरों का भी सहारा
संजीत कुमार के अनुसार उनकी बेकरी में कुल 10 कर्मचारी कार्यरत हैं — जिनमें 6 कारीगर झारखंड के मूल निवासी हैं और 4 स्थानीय मजदूर हैं। झारखंड के निवासी याशिक अंसारी ने बताया कि वे पहले पटना में काम करते थे, लेकिन कम वेतन के कारण वहाँ की नौकरी छोड़कर यहाँ आए और पिछले तीन महीनों से संजीत की बेकरी में काम कर रहे हैं। यह उदाहरण दर्शाता है कि छोटे उद्यम न केवल स्थानीय बल्कि अंतर-राज्यीय स्तर पर भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं।
बाज़ार का विस्तार और आपूर्ति श्रृंखला
संजीत की बेकरी के उत्पाद अब केवल शेखपुरा जिले तक सीमित नहीं हैं। इनकी आपूर्ति नवादा और लखीसराय जिलों तक भी हो रही है, जो एक लघु उद्यम के लिए उल्लेखनीय बाज़ार विस्तार है। गौरतलब है कि पीएमएफएमई योजना का लक्ष्य देशभर में ऐसे ही सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को औपचारिक और प्रतिस्पर्धी बनाना है।
युवाओं को संजीत का संदेश
संजीत कुमार ने रोजगार की तलाश में भटक रहे युवाओं से अपील की है कि वे निराश न हों। उन्होंने कहा कि युवा अपने जिले के उद्योग विभाग कार्यालय में जाकर सरकारी योजनाओं की जानकारी लें और उनका लाभ उठाकर स्वरोजगार की राह चुनें। उन्होंने पीएमएफएमई योजना के लिए सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी योजनाएँ बेरोजगार युवाओं के जीवन में वास्तविक बदलाव लाने में सक्षम हैं। आने वाले समय में संजीत के उद्यम का और विस्तार होने की संभावना है, जिससे और अधिक लोगों को रोजगार मिल सकता है।