पीएमएफएमई योजना से 2 लाख युवा उद्यमी तैयार, चिराग पासवान बोले — अब नौकरी माँगने वाले नहीं, देने वाले बनेंगे
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने 24 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में कहा कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के माध्यम से सरकार युवा उद्यमियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों तक पहुँचने में सक्रिय रूप से मदद कर रही है। पीएमएफएमई सम्मेलन के साइडलाइन में मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि योजना के तहत निर्धारित 2 लाख लाभार्थियों का लक्ष्य कुछ हफ्ते पहले ही पार कर लिया गया है।
योजना में क्या मिलता है सहयोग
पासवान के अनुसार, पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को पैकेजिंग और तकनीकी सहायता दोनों प्रदान की जाती है। उत्पादों की बाज़ार पहुँच बढ़ाने के लिए कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपिडा) और ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) की भागीदारी भी ली जा रही है। यह दोनों संस्थाएँ लघु खाद्य उद्यमों को घरेलू और वैश्विक प्लेटफॉर्म से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
मोदी के दृष्टिकोण से जोड़ी योजना
पासवान ने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है जिसमें भारत के युवाओं को केवल नौकरी माँगने वालों से आगे बढ़कर रोज़गार सृजित करने वाले उद्यमी बनाने की परिकल्पना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने इस विषय पर कई मंचों पर अपने विचार साझा किए हैं।
मखाना बोर्ड: बिहार के किसानों के लिए ऐतिहासिक कदम
पासवान ने मखाना क्षेत्र पर विशेष ज़ोर देते हुए कहा कि यह उनके लिए व्यक्तिगत रूप से भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वे बिहार से आते हैं — जो देश के अधिकांश मखाना उत्पादन का केंद्र है। पिछले बजट में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा मखाना बोर्ड के गठन की घोषणा को उन्होंने 'ऐतिहासिक' बताया। उनके अनुसार, इस बोर्ड से बड़ी संख्या में मखाना उत्पादक और संबद्ध कामगार औपचारिक क्षेत्र का हिस्सा बन सकेंगे।
मखाना बोर्ड के उद्देश्य और अपेक्षित असर
मखाना बोर्ड का मुख्य उद्देश्य मखाना उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन और निर्यात को संस्थागत ढाँचे में लाना है। बोर्ड के ज़रिए किसानों को बेहतर तकनीक, प्रशिक्षण, गुणवत्तापूर्ण बीज और बाज़ार सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही, मूल्यवर्धन और ब्रांडिंग को बढ़ावा देकर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में भारतीय मखाने की माँग बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्वास्थ्य खाद्य बाज़ार में भारतीय सुपरफूड की माँग लगातार बढ़ रही है। आने वाले महीनों में बोर्ड की संरचना और कार्यक्षेत्र को लेकर विस्तृत दिशानिर्देश जारी होने की उम्मीद है।