यानबू तट पर टैंकर पर प्रोजेक्टाइल हमला, मुख्य डेक पर लगी आग; यूकेएमटीओ की पुष्टि
सारांश
मुख्य बातें
यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (यूकेएमटीओ) ने सोमवार, 24 अगस्त को पुष्टि की कि सऊदी अरब के प्रमुख तेल बंदरगाह यानबू से लगभग 63 नॉटिकल मील (117 किमी) पश्चिम में एक टैंकर पर 'अज्ञात प्रोजेक्टाइल' से हमला किया गया, जिससे जहाज के मुख्य डेक पर आग भड़क उठी। जहाज की कंपनी के सुरक्षा अधिकारी के अनुसार, चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं।
हमले का ब्यौरा
ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा कंपनी वैनगार्ड टेक ने बताया कि हमले का शिकार हुआ जहाज सऊदी झंडे वाला था और उस पर मिसाइल से हमला किया गया, जिसके बाद उसमें आग लग गई। यूकेएमटीओ ने इसे 'अज्ञात प्रोजेक्टाइल' बताया है, जबकि वैनगार्ड टेक ने इसे मिसाइल हमला करार दिया — दोनों विवरणों में मामूली अंतर है जिसे अधिकारी अभी जाँच रहे हैं।
यानबू लाल सागर के तट पर स्थित सऊदी अरब का सबसे बड़ा ऑयल एक्सपोर्ट टर्मिनल है, जहाँ से रोज़ाना लाखों बैरल कच्चा तेल लोड किया जाता है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर बढ़ते तनाव के बाद यानबू सऊदी तेल निर्यात का एक प्रमुख वैकल्पिक मार्ग बन चुका है।
हूती विद्रोहियों का बढ़ता खतरा
पिछले महीने यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों ने रेड सी में सऊदी अरब से जुड़े जहाजों की नाकेबंदी की घोषणा की थी। इसके बाद से यानबू से होने वाली शिपिंग में भी बाधाएँ आई हैं। इससे पहले 17 अगस्त को हूती ने दावा किया था कि उन्होंने लाल सागर में दक्षिण-पश्चिमी बंदरगाह शहर मोचा के निकट सऊदी सेना के एक लैंडिंग शिप और उसके साथ चल रहे चार एस्कॉर्ट जहाजों पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया था।
हूती सेना के प्रवक्ता याह्या सरी ने उस ऑपरेशन के बारे में कहा था कि यह हमला 'कई बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल करके किया गया और सीधा व सटीक था।' उन्होंने दावा किया कि लैंडिंग जहाज में आग लग गई, जबकि कुछ एस्कॉर्ट नावें डूब गईं और अन्य में आग लगाई गई — हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
रणनीतिक महत्व
मोचा रणनीतिक बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य के निकट सरकार-नियंत्रित एक बंदरगाह शहर है, जो लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है। यह विश्व के सबसे व्यस्त समुद्री चोकपॉइंट्स में से एक है, जहाँ से वैश्विक व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुज़रता है।
यह ऐसे समय में आया है जब लाल सागर में व्यापारिक जहाजों पर हमलों की श्रृंखला लगातार जारी है। गौरतलब है कि हूती हमलों के कारण कई बड़ी शिपिंग कंपनियाँ पहले ही इस मार्ग से अपने जहाज हटा चुकी हैं।
आगे की स्थिति
यूकेएमटीओ ने क्षेत्र में जहाजों को सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है। अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक बलों ने इस घटना का संज्ञान लिया है। ताज़ा हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी संगठन ने नहीं ली है और जाँच जारी है।