27 जून 2026
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होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकर 'किकु' पर प्रोजेक्टाइल हमला, चालक दल सुरक्षित

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होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकर 'किकु' पर प्रोजेक्टाइल हमला, चालक दल सुरक्षित

सारांश

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर 'किकु' पर प्रोजेक्टाइल हमला हुआ — ब्रिज क्षतिग्रस्त, चालक दल सुरक्षित। यह घटना अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव की पृष्ठभूमि में हुई है, जिसमें बहरीन और कुवैत ने ईरानी कार्रवाई की कड़ी निंदा की है।

मुख्य बातें

UKMTO ने 27 जून 2026 को पुष्टि की कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल टैंकर 'किकु' पर 'अज्ञात प्रोजेक्टाइल' से हमला हुआ।
जहाज का ब्रिज क्षतिग्रस्त हुआ, लेकिन सभी चालक दल सुरक्षित हैं।
वैनगार्ड टेक के अनुसार, यह पनामा के ध्वज वाला टैंकर है।
IRGC की नौसेना ने कथित तौर पर जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया।
बहरीन ने ईरानी ड्रोन हमले को संप्रभुता का उल्लंघन बताया; कुवैत ने निंदा करते हुए एकजुटता जताई।
दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से हस्तक्षेप की माँग की।

ब्रिटिश समुद्री व्यापार अभियान कार्यालय (UKMTO) ने 27 जून 2026 को पुष्टि की कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक तेल टैंकर को 'अज्ञात प्रोजेक्टाइल' से निशाना बनाया गया, जिससे जहाज के ब्रिज को नुकसान पहुँचा। ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा फर्म वैनगार्ड टेक के अनुसार, यह पनामा के ध्वज वाला टैंकर 'किकु' है और जहाज पर सवार सभी चालक दल सुरक्षित हैं।

हमले का विवरण

UKMTO के बयान में कहा गया कि टैंकर को 'अज्ञात प्रोजेक्टाइल' से निशाना बनाया गया, जिसके कारण जहाज के ब्रिज को क्षति पहुँची। वैनगार्ड टेक ने स्वतंत्र रूप से पुष्टि की कि यह जहाज पनामा के ध्वज तले संचालित टैंकर 'किकु' है। हमले के बाद जहाज अपनी यात्रा जारी रखने में सक्षम रहा।

क्षेत्रीय तनाव की पृष्ठभूमि

यह घटना ऐसे समय हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज को लेकर तनाव चरम पर है। इससे पहले, सिंगापुर के कार्गो जहाज 'एमवी एवर लवली' पर ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के कथित ड्रोन हमले के बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के कई मिसाइल-ड्रोन ठिकानों और तटीय रडार साइट्स को निशाना बनाया था।

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, IRGC की नौसेना ने दावा किया है कि उसने जवाबी कार्रवाई में क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। हालाँकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

सिरिक बंदरगाह पर स्थिति

ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी मेहर ने होर्मोजगान के पूर्वी क्षेत्र में बंदरगाह प्राधिकरण के प्रमुख के हवाले से बताया कि सिरिक बंदरगाह पर अमेरिकी हमलों के बाद किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ। यह बयान ईरानी अधिकारियों की ओर से क्षति को कम करके दिखाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

बहरीन और कुवैत की प्रतिक्रिया

बहरीन विदेश मंत्रालय ने ईरानी ड्रोन हमले की पुष्टि करते हुए इसे बहरीन की संप्रभुता का स्पष्ट उल्लंघन, नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा और अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताया। मंत्रालय ने कहा कि यह हमला ऐसे समय हुआ जब क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम करने के प्रयास जारी हैं।

कुवैत के विदेश मंत्रालय ने भी बहरीन पर हुए हमले की कड़ी निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून तथा संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताया। कुवैत ने बहरीन के प्रति पूर्ण एकजुटता व्यक्त करते हुए उसकी सुरक्षा और स्थिरता की रक्षा के लिए उठाए गए सभी कदमों का समर्थन किया।

आगे की राह

बहरीन और कुवैत दोनों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से अपील की है कि वे इस मामले में जिम्मेदारी निभाएँ और क्षेत्रीय शांति व स्थिरता सुनिश्चित करें। होर्मुज जलडमरूमध्य से वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है, इसलिए इस क्षेत्र में बढ़ता तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजारों के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो वाणिज्यिक शिपिंग को युद्धक्षेत्र बना रही है। गौरतलब है कि होर्मुज से वैश्विक तेल व्यापार का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है, इसलिए इस जलमार्ग पर हर हमला वैश्विक ऊर्जा कीमतों को सीधे प्रभावित करने की क्षमता रखता है। बहरीन और कुवैत की प्रतिक्रिया दर्शाती है कि खाड़ी देश अब इस संघर्ष को दर्शक की भूमिका में नहीं देख सकते। असली सवाल यह है कि क्या संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद इस बार कोई ठोस कदम उठाएगी या केवल बयानबाजी तक सीमित रहेगी।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल टैंकर पर हमला क्या हुआ?
27 जून 2026 को UKMTO ने पुष्टि की कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में पनामा के ध्वज वाले तेल टैंकर 'किकु' को 'अज्ञात प्रोजेक्टाइल' से निशाना बनाया गया, जिससे जहाज का ब्रिज क्षतिग्रस्त हुआ। सभी चालक दल सुरक्षित बताए गए हैं।
टैंकर 'किकु' किस देश का है और इसे किसने निशाना बनाया?
ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा फर्म वैनगार्ड टेक के अनुसार, 'किकु' पनामा के ध्वज तले संचालित एक तेल टैंकर है। हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी ने आधिकारिक रूप से नहीं ली है और प्रोजेक्टाइल का स्रोत 'अज्ञात' बताया गया है।
बहरीन पर ईरानी ड्रोन हमले की पुष्टि किसने की?
बहरीन विदेश मंत्रालय ने स्वयं ईरानी ड्रोन हमले की पुष्टि की और इसे बहरीन की संप्रभुता का स्पष्ट उल्लंघन बताया। कुवैत ने भी इस हमले की निंदा करते हुए बहरीन के प्रति एकजुटता जताई।
होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव क्यों बढ़ रहा है?
सिंगापुर के कार्गो जहाज 'एमवी एवर लवली' पर IRGC के कथित ड्रोन हमले के बाद CENTCOM ने ईरान के मिसाइल-ड्रोन ठिकानों और तटीय रडार साइट्स पर हमला किया। इसके जवाब में IRGC ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है।
संयुक्त राष्ट्र से क्या माँग की गई है?
बहरीन और कुवैत दोनों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से अपील की है कि वे इस मामले में जिम्मेदारी निभाएँ और क्षेत्रीय शांति व स्थिरता सुनिश्चित करें।
राष्ट्र प्रेस
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