11 अगस्त 2026
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मानसून सत्र में FCRA बिल और झारखंड छात्र आंदोलन पर सत्ता-विपक्ष में तीखी जुबानी जंग

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मानसून सत्र में FCRA बिल और झारखंड छात्र आंदोलन पर सत्ता-विपक्ष में तीखी जुबानी जंग

सारांश

मानसून सत्र में 11 अगस्त को FCRA बिल, झारखंड छात्र आंदोलन और राम मंदिर चढ़ावा विवाद — तीन अलग-अलग मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष एक साथ भिड़ गए। BJP ने सदन बाधित करने का आरोप लगाया, विपक्ष ने जवाबदेही माँगी।

मुख्य बातें

संसद के मानसून सत्र में 11 अगस्त 2026 को FCRA विधेयक , झारखंड छात्र आंदोलन और राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर सत्ता-विपक्ष के बीच तीखी बयानबाज़ी हुई।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा — FCRA से डरने की ज़रूरत केवल नियमों का दुरुपयोग करने वालों को है।
सपा सांसद राजीव राय ने राम मंदिर चढ़ावे में कथित अनियमितताओं पर संसद में तत्काल चर्चा की माँग की।
BJP सांसद जगदंबिका पाल ने कहा — गृह मंत्री अमित शाह जवाब देने को तैयार हैं, लेकिन विपक्ष सदन चलने नहीं दे रहा।
हरभजन सिंह ने पंजाब में नशे की समस्या पर चिंता जताई और सरकार से ठोस कार्रवाई की माँग की।
केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने चेताया — निरंतर हंगामे का खामियाजा विपक्ष को चुनाव में भुगतना पड़ेगा।

संसद के मानसून सत्र 2026 में 11 अगस्त को एक बार फिर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। एफसीआरए (FCRA) संशोधन विधेयक, झारखंड में छात्रों का विरोध-प्रदर्शन और राम मंदिर चढ़ावा विवाद — इन तीन मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच तीखी बयानबाज़ी हुई। जहाँ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया, वहीं विपक्षी दलों ने छात्रों के साथ एकजुटता और संसद में जवाबदेही की माँग दोहराई।

FCRA विधेयक पर सरकार का पक्ष

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने FCRA संशोधन विधेयक को लेकर विपक्ष की आशंकाओं को खारिज किया। उन्होंने कहा कि इस विधेयक में ऐसा कुछ भी नहीं है जिससे किसी को डरने की ज़रूरत हो। उनके अनुसार, देश में विदेशी फंडिंग के लेन-देन को नियंत्रित करने के लिए पहले से नियम और कानून मौजूद हैं, और उनका पालन होना ज़रूरी है। सिंह ने स्पष्ट किया कि डर केवल उन्हें होना चाहिए जो इन नियमों का गलत या गैर-कानूनी तरीके से इस्तेमाल करते हैं।

झारखंड छात्र आंदोलन और विपक्ष का रुख

समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद राजीव राय ने झारखंड में जारी छात्र विरोध-प्रदर्शनों पर कहा कि उन्हें प्रदर्शन के दौरान छात्रों द्वारा कहे गए सटीक शब्दों की जानकारी नहीं है। हालाँकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि देश में जहाँ भी अन्याय होगा, सपा छात्रों के साथ खड़ी रहेगी। राय ने राम मंदिर चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर भी संसद में तत्काल चर्चा की माँग की। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस चढ़ावे के नाम पर राजनीतिक समर्थन और योगदान जुटाया गया, उसी में चोरी के आरोप लगने पर चर्चा से परहेज़ क्यों किया जा रहा है।

BJP का पलटवार — सदन चलाने की माँग

BJP सांसद जगदंबिका पाल ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में जवाब देने के लिए तैयार हैं, लेकिन विपक्ष सदन को चलने ही नहीं देना चाहता। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि देश की जनता की अपेक्षा है कि संसद में विधेयकों पर सार्थक चर्चा हो। केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि बार-बार हंगामा करना लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है और आने वाले चुनाव में इसका खामियाजा विपक्षी दलों को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण है — सरकार से सवाल पूछना और मुद्दों पर चर्चा करना उनका अधिकार है, परंतु निरंतर कार्यवाही बाधित करना उचित नहीं।

हरभजन सिंह की पंजाब में नशे पर चिंता

BJP सांसद हरभजन सिंह ने पंजाब में नशे की बढ़ती समस्या पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पंजाब अपनी खुशहाली, खेल और भाईचारे के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन अब नशे की लत के कारण राज्य की एक अलग तस्वीर सामने आ रही है। हरभजन सिंह ने कहा कि अगर समय रहते पर्याप्त कदम उठाए गए होते, तो आज नशे से जुड़े इतने वीडियो और इतनी चर्चा नहीं होती। उन्होंने सरकार से इस मामले में ठोस कार्रवाई की माँग की। इसके अलावा, उन्होंने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर हिमाचल प्रदेश के अंब तक जाने वाली तीन ट्रेनों से जुड़े मुद्दे पर भी चर्चा की।

आगे क्या होगा

मानसून सत्र के शेष दिनों में FCRA विधेयक पर राज्यसभा में चर्चा जारी रहने की संभावना है। विपक्ष के तेवर देखते हुए सदन में और व्यवधान से इनकार नहीं किया जा सकता। झारखंड छात्र आंदोलन और राम मंदिर चढ़ावा विवाद — दोनों मुद्दे राजनीतिक रूप से संवेदनशील बने हुए हैं और इन पर संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह बहस तेज़ होने के आसार हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन विपक्ष की यह माँग कि विधेयक की बारीकियों पर खुली बहस हो, लोकतांत्रिक दृष्टि से उचित है। राम मंदिर चढ़ावे का विवाद धार्मिक और राजनीतिक संवेदनशीलता का ऐसा मिश्रण है जिसे दोनों पक्ष अपने-अपने तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं — जबकि जनता के पैसे की जवाबदेही का सवाल अनुत्तरित रहता है। हरभजन सिंह का पंजाब में नशे पर दर्द वास्तविक है, लेकिन यह मुद्दा वर्षों से संसदीय बहस में हाशिये पर रहा है — एक सांसद की भावुक अपील से आगे नीति और बजट की ज़रूरत है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

FCRA संशोधन विधेयक क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
FCRA (विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम) संशोधन विधेयक विदेशी फंडिंग के नियमन से जुड़ा है। सरकार का कहना है कि इसमें डरने जैसा कुछ नहीं, जबकि विपक्ष इसे नागरिक समाज संगठनों पर अंकुश लगाने की कोशिश मानता है और संसद में विस्तृत चर्चा की माँग कर रहा है।
झारखंड में छात्र आंदोलन किस बारे में है?
झारखंड में छात्र विरोध-प्रदर्शन जारी हैं, जिनका संदर्भ मानसून सत्र में उठाया गया। सपा सांसद राजीव राय ने कहा कि उन्हें प्रदर्शन के सटीक विवरण की जानकारी नहीं, लेकिन उनकी पार्टी देशभर में अन्याय के खिलाफ छात्रों के साथ खड़ी रहेगी।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद क्या है और संसद में इस पर चर्चा की माँग क्यों हो रही है?
राम मंदिर में चढ़ावे और चंदे में कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। सपा सांसद राजीव राय ने सवाल उठाया कि जिस चढ़ावे के नाम पर राजनीतिक समर्थन जुटाया गया, उसी में चोरी के आरोप लगने पर संसद में चर्चा से क्यों बचा जा रहा है।
हरभजन सिंह ने पंजाब में नशे की समस्या पर क्या कहा?
BJP सांसद हरभजन सिंह ने कहा कि पंजाब जो कभी खुशहाली और खेल के लिए जाना जाता था, आज नशे की लत के कारण एक अलग पहचान बना रहा है। उन्होंने सरकार से ठोस कार्रवाई की माँग की और कहा कि समय रहते कदम उठाए जाते तो आज यह स्थिति नहीं होती।
मानसून सत्र में सदन की कार्यवाही बाधित होने पर BJP का क्या कहना है?
BJP सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह सदन में जवाब देने को तैयार हैं, लेकिन विपक्ष कार्यवाही चलने नहीं दे रहा। केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने चेताया कि निरंतर हंगामे का असर आने वाले चुनाव में विपक्षी दलों को झेलना पड़ेगा।
राष्ट्र प्रेस
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