मानसून सत्र: TMC-SP ने FCRA विधेयक, राम मंदिर विवाद और पप्पू यादव पर हमले को लेकर BJP पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
संसद के मानसून सत्र में सोमवार, 3 अगस्त को विपक्षी दलों — तृणमूल कांग्रेस (TMC) और समाजवादी पार्टी (SP) — ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर जनता को असली मुद्दों से भटकाने का आरोप लगाया। विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) से जुड़े प्रस्तावित विधेयक, राम मंदिर विवाद, नीट-यूजी पेपर लीक, पुलिस कार्रवाई, सांसदों पर दर्ज एफआईआर और पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव पर कथित हमले — ये तमाम मुद्दे विपक्ष के निशाने पर रहे।
FCRA विधेयक और आज का विधायी एजेंडा
TMC सांसद सौगत रॉय ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी FCRA से जुड़े प्रस्तावित विधेयक का विरोध करेगी, हालाँकि उन्होंने यह भी बताया कि यह विधेयक अभी तक सदन के एजेंडे में शामिल नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि पार्टी अपनी आपत्तियाँ पहले ही दर्ज करा चुकी है और उचित समय पर विरोध किया जाएगा।
रॉय ने दिन के विधायी एजेंडे की जानकारी देते हुए बताया कि इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट विधेयक और बैंकर्स बुक्स एविडेंस विधेयक पेश किए जाने हैं। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) विधेयक पर चर्चा प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि TMC इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट विधेयक के पेश किए जाने के चरण में ही विरोध दर्ज कराएगी, और सुप्रीम कोर्ट विधेयक पर भी पार्टी की आपत्तियाँ चर्चा के दौरान विस्तार से रखी जाएंगी।
पप्पू यादव पर कथित हमले की निंदा
पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुए कथित हमले की कड़ी निंदा करते हुए सौगत रॉय ने इसे दिल्ली पुलिस की विफलता करार दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के एक सांसद पर इस प्रकार का हमला अस्वीकार्य है और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठते हैं।
समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव ने भी इस घटना को गलत ठहराया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसक या अनुचित घटना स्वीकार्य नहीं है और ऐसा नहीं होना चाहिए था।
राम मंदिर विवाद और एफआईआर पर विपक्ष का रुख
राम गोपाल यादव ने राम मंदिर से जुड़े मुद्दे को संसद में प्रमुखता से उठाने की बात कही। उनके अनुसार यह विषय करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा है और दुनिया भर के राम भक्तों ने मंदिर निर्माण में धन, गहने, सोना और चाँदी दान देकर समर्थन किया था, इसलिए उनकी भावनाओं का सम्मान होना चाहिए।
संसद परिसर में पप्पू यादव द्वारा भगवा वस्त्र पहनकर किए गए नुक्कड़ नाटक पर राम गोपाल यादव ने कहा कि राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी की घटना से संतों का कोई संबंध नहीं था, इसलिए उस रूप में विरोध प्रदर्शन उचित नहीं था। हालाँकि उन्होंने स्पष्ट किया कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मुद्दा गंभीर है और SP इसे संसद के भीतर जोरदार तरीके से उठाएगी।
राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ सनातन धर्म के कथित अपमान के मामले में दर्ज एफआईआर पर राम गोपाल यादव ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार रचनात्मक कार्यों में विफल रहने के कारण मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए नैरेटिव बनाने का प्रयास करती है।
सांसदों पर एफआईआर और विपक्ष की आवाज़
सौगत रॉय ने आरोप लगाया कि सरकार का विरोध करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराना सत्तारूढ़ दल की कार्यशैली का हिस्सा बन गया है। उन्होंने कहा कि इससे विपक्ष की आवाज़ दबने वाली नहीं है।
नीट-यूजी पेपर लीक पर रॉय ने कहा कि इस मुद्दे पर पहले चर्चा हो चुकी है, लेकिन विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कथित ज्यादतियों पर भी संसद में बहस आवश्यक है।
आगे की रणनीति
विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक सुबह 10 बजे निर्धारित थी, जिसमें संसद में उठाए जाने वाले मुद्दों और आगे की रणनीति पर फैसला किया जाना था। राम गोपाल यादव ने दोहराया कि यदि समाधान खोजने की इच्छाशक्ति हो तो हर समस्या का हल संभव है — और SP संसद के भीतर अपना पक्ष मजबूती से रखेगी।