एफसीआरए बिल जेपीसी को भेजने पर सपा सांसद डिंपल यादव का समर्थन, राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर सरकार से जवाब तलब
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद डिंपल यादव ने बुधवार, 12 अगस्त को विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम — एफसीआरए (FCRA) विधेयक — को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेजे जाने का स्वागत किया। साथ ही विपक्षी सांसदों ने नई दिल्ली में संसद के भीतर राम मंदिर के दान-पात्रों से कथित चढ़ावा चोरी के मामले पर सरकार से स्पष्टीकरण की माँग की।
एफसीआरए बिल और जेपीसी: विपक्ष का रुख
डिंपल यादव ने कहा कि यदि एफसीआरए विधेयक को जेपीसी के पास भेजा जा रहा है, तो यह एक सकारात्मक कदम है। उनके अनुसार विपक्ष पहले से ही यह आशंका जताता रहा है कि नागरिक संस्थाओं और उनके जमीनी कार्यों को लेकर किस प्रकार हेरफेर हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों के लिए काम करने वाले एनजीओ और अन्य संस्थाओं पर तब दबाव डाला जाता है जब वे सरकार की नीतियों के अनुरूप काम नहीं करतीं।
उन्होंने माँग की कि सरकार को लोकतांत्रिक संस्थाओं और सिविल सोसाइटी के साथ पारदर्शी एवं निष्पक्ष व्यवहार करना चाहिए।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी: सपा का आरोप
डिंपल यादव ने राम मंदिर के दान-पात्रों से कथित चोरी का मुद्दा भी संसद में उठाया। उन्होंने दावा किया — हालाँकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है — कि कथित तौर पर चुराई गई रकम को बोरियों में भरकर ट्रेनों के ज़रिए ले जाया गया। उनका आरोप था कि सरकार इस मामले को सार्वजनिक नहीं करना चाहती थी ताकि आम श्रद्धालुओं को इसकी भनक न लगे।
सपा सांसद रामगोपाल यादव ने इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वादा किया था कि 'दूध का दूध पानी का पानी' होगा, लेकिन अब तक दोनों अलग नहीं हो पाए। उन्होंने कहा, 'इन्होंने देश का सब लूट लिया। ऐसा न हो कि यह चढ़ावा भी बाहर चला जाए।'
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा, 'यह देश के लिए बहुत अहम मुद्दा है, जिससे करोड़ों लोगों की भावनाएँ आहत हुई हैं। असल में यह डकैती के बराबर है।' वहीं सपा सांसद आनंद भदौरिया ने स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि हर भारतीय आज भी गर्व के साथ तिरंगे को अपने दिल के करीब रखता है।
बिहार में शराबबंदी और कानून-व्यवस्था का मुद्दा
इसी दौरान संसद में बिहार की शराबबंदी और कानून-व्यवस्था का सवाल भी उठा। कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने आरोप लगाया कि बिहार में शराबबंदी पूरी तरह विफल रही है और राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था भी चरमरा गई है। उन्होंने बताया कि उन्होंने हाल ही में गृह मंत्री से मुलाकात कर बिहार के बिगड़ते हालात का संज्ञान लेने का आग्रह किया और माँग की कि संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से बात कर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएँ।
आगे क्या होगा
एफसीआरए विधेयक अब जेपीसी की समीक्षा के लिए जाएगा, जहाँ विपक्षी और सत्तापक्ष के सांसद मिलकर इसके प्रावधानों की जाँच करेंगे। राम मंदिर चढ़ावा मामले पर सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह देखना होगा कि जेपीसी की रिपोर्ट और सरकार की सफाई इस राजनीतिक विवाद को किस दिशा में ले जाती है।