विपक्ष संसद बाधित कर रहा, FCRA बिल समेत देशहित के विधेयक हर हाल में पारित होंगे: नरेश बंसल
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने 7 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष हठधर्मिता अपनाकर सदन की कार्यवाही को जानबूझकर बाधित कर रहा है और जनहित के विधेयकों को पारित होने से रोक रहा है। बंसल ने स्पष्ट किया कि FCRA संशोधन विधेयक सहित सभी देशहित के बिल सरकार हर हाल में पारित कराएगी।
FCRA विधेयक और संसद में गतिरोध
FCRA संशोधन विधेयक पर विपक्ष के विरोध को खारिज करते हुए नरेश बंसल ने कहा कि लोकतंत्र की परंपरा के अनुसार सत्ता पक्ष और विपक्ष को चर्चा, बहस और संवाद करना चाहिए। उन्होंने कहा, 'बेहतर होगा कि विपक्ष चर्चा में भाग लेकर अपने सुझाव दे और बहस को सार्थक बनाए।' बंसल ने आगे कहा कि यदि विपक्ष अपनी जिद पर अड़ा रहेगा, तो भी सरकार अपने विधेयक पारित कराएगी — चाहे परिस्थितियाँ कुछ भी हों।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोगों की जिद की वजह से सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के सांसदों के प्रश्न सदन में नहीं आने दिए जा रहे, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के विरुद्ध है।
विपक्ष के विरोध पर BJP का पलटवार
बंसल ने दावा किया कि विपक्ष के पास कोई वास्तविक मुद्दा नहीं है और वह नए-नए मुद्दे खड़े करने की असफल कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों की प्रमुख मांगें पूरी हो चुकी हैं, शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा दे दिया है और छात्रों पर मुकदमे दर्ज नहीं किए जाएंगे। हालाँकि, जिन लोगों ने आपराधिक गतिविधियाँ की हैं, उन्हें कानून के अनुसार कार्रवाई का सामना करना होगा।
परिसीमन विधेयक और महिला आरक्षण
परिसीमन विधेयक के संदर्भ में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से संपर्क किए जाने के सवाल पर बंसल ने कहा कि यह देश की लगभग 50 प्रतिशत आबादी और लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने बताया कि करीब पाँच दशकों से संसद की सीटों की संख्या नहीं बढ़ी, जबकि जनसंख्या कई गुना बढ़ चुकी है।
बंसल के अनुसार, सरकार एक साथ दो बड़े कदम उठा रही है — संसद की सीटों में लगभग 50 प्रतिशत वृद्धि और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विपक्ष केवल विरोध करेगा और विधेयक को पारित नहीं होने देगा, तो भविष्य में उसे महिला मतदाताओं के आक्रोश का सामना करना पड़ सकता है।
RSS प्रमुख भागवत और प्रियंका गांधी की टिप्पणी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयान पर बंसल ने कहा कि सरसंघचालक देशभर का लगातार प्रवास करते हैं और समाज के हर वर्ग से संवाद करते हैं, इसलिए उन्हें देश का मिजाज अच्छी तरह पता होता है। उन्होंने कहा कि जेनजी के साथ भागवत के संवाद की देशभर में सराहना हुई है और उन्होंने एक परिपक्व, राष्ट्रहित में सोचने वाले मार्गदर्शक के रूप में अपने विचार रखे हैं।
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी की प्रमाणपत्र संबंधी टिप्पणी पर बंसल ने कहा कि न तो कोई उन्हें प्रमाणपत्र दे रहा है और न ही वह जेएनयू हैं, इसलिए इस तरह की टिप्पणी का कोई औचित्य नहीं है।
PM मोदी की बैठक और Meta का माफीनामा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सांसदों के साथ हुई बैठक पर बंसल ने कहा कि प्रधानमंत्री सभी सांसदों के अभिभावक की भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि जब वह पहली बार सांसद बने थे, तब प्रधानमंत्री ने नए सांसदों को बुलाकर संसदीय कार्यप्रणाली, मर्यादा और सार्वजनिक जीवन के मूल्यों पर मार्गदर्शन दिया था।
Meta के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और अधिकारियों द्वारा PM मोदी का वीडियो हटाने के मामले में माफी माँगने पर बंसल ने कहा कि यह भारत सरकार की मजबूती का प्रतीक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत में काम करने के लिए दुनिया की किसी भी तकनीकी कंपनी को भारतीय कानूनों का पालन करना होगा। बंसल ने बताया कि Meta ने भी भारत के कानूनों के अनुरूप काम करने का आश्वासन दिया है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब संसद के मानसून सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव चरम पर है और कई महत्वपूर्ण विधेयक अधर में लटके हुए हैं। आने वाले दिनों में सदन की कार्यवाही पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।