संसद बाधित करना विपक्ष की सुनियोजित साजिश: BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल का कांग्रेस पर हमला
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने 6 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में कहा कि संसद की कार्यवाही को बाधित करना भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और अन्य विपक्षी दलों की एक सुनियोजित साजिश है। खंडेलवाल के अनुसार, विपक्ष जानबूझकर सदन में व्यवधान पैदा कर रहा है ताकि महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर सार्थक चर्चा न हो सके।
मुख्य आरोप: चर्चा से बचने की रणनीति
खंडेलवाल ने कहा कि विपक्षी दल न केवल संसद के भीतर, बल्कि बाहर भी चुनौतियाँ खड़ी करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके अनुसार, 'यह साफ जाहिर हो रहा है कि ये लोग सुचारू चर्चा के पक्ष में नहीं हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष को भय है कि यदि संसद में खुलकर बहस हुई, तो उनकी कमज़ोरियाँ सार्वजनिक हो जाएंगी। उन्होंने इस स्थिति को एक लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अस्वीकार्य बताया।
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे पर तीखी टिप्पणी
BJP सांसद ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि खड़गे 'घड़ियाली आंसू' बहा रहे हैं। खंडेलवाल के अनुसार, छात्रों से जुड़े मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने संज्ञान लेते हुए संसद में कानून भी बनाया, इसलिए उस विषय पर शोर मचाना अनावश्यक है। उन्होंने कहा कि देश की जनता हर चुनाव में इन नेताओं को अस्वीकार करती है और इसी कारण वे अकारण मुद्दे उठाकर संसद की कार्यवाही बाधित करते हैं।
किरेन रिजिजू और विशेष सत्र पर स्थिति
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू को लेकर खंडेलवाल ने कहा कि वे कोई भी निर्णय अन्य मंत्रियों से परामर्श करके लेंगे। आगामी दिनों में विशेष सत्र बुलाया जाए या कोई अन्य कदम उठाया जाए, यह परिस्थितियों को देखते हुए तय किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संबंध में पूरी रूपरेखा शीघ्र निर्धारित की जाएगी।
FCRA बिल पर विपक्ष के विरोध को बताया निरर्थक
खंडेलवाल ने FCRA (विदेशी अंशदान विनियमन संशोधन) बिल पर विपक्ष के विरोध को 'पूरी तरह निरर्थक' करार दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि विदेश से आने वाली धनराशि के उपयोग की जानकारी माँगना हर सरकार का अधिकार है, तो विपक्ष को इस बिल से आपत्ति क्यों है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि विरोध का कारण विदेशी फंडिंग की जवाबदेही से बचना हो सकता है।
कांग्रेस-AAP गठबंधन पर सवाल
BJP सांसद ने यह भी कहा कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) ने हमेशा एक-दूसरे का साथ देकर चुनाव लड़ा है और इस कथित गठबंधन को उन्होंने 'स्वस्थ राजनीति' के विरुद्ध बताया। उनके अनुसार, जब परिस्थितियाँ प्रतिकूल होती हैं, ये दल एकजुट हो जाते हैं। देश की जनता आने वाले दिनों में इन सभी को उचित जवाब देगी।